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पहले
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कलकत्ता
हाईकोर्ट
ने
सोमवार
(22
अप्रैल)
को
2016
में
की
गई
25,753
नियुक्तियों
को
रद्द
कर
दिया
था।
(फाइल
फोटो)
पश्चिम
बंगाल
शिक्षक
भर्ती
घोटाले
की
CBI
जांच
पर
सुप्रीम
कोर्ट
ने
रोक
लगा
दी
है।
कोर्ट
ने
पश्चिम
बंगाल
सरकार
की
याचिका
पर
सोमवार
को
सुनवाई
करते
हुए
कहा
कि
हम
मामले
की
अगली
सुनवाई
6
मई
को
करेंगे।
तब
तक
CBI
जांच
पर
स्टे
रहेगा।
कोर्ट
ने
कहा
कि
अगर
कोई
नियुक्ति
सही
है
तो
क्या
उसे
अलग
किया
जा
सकता
है।
दरअसल,
कलकत्ता
हाईकोर्ट
ने
सोमवार
(22
अप्रैल)
को
2016
में
की
गई
25,753
नियुक्तियों
को
रद्द
कर
दिया
था।
हाईकोर्ट
ने
इन
शिक्षकों
को
7-8
साल
के
दौरान
मिली
सैलरी
12%
इंटरेस्ट
के
साथ
लौटाने
के
निर्देश
भी
दिए
हैं।
इसके
लिए
कोर्ट
ने
6
हफ्ते
का
समय
दिया
है।

बंगाल
सरकार
ने
कहा-
शिक्षकों
को
अप्रैल
की
सैलरी
देंगे
बंगाल
सरकार
ने
कहा
कि
वह
उन
सभी
25,753
शिक्षकों
और
नॉन
टीचिंग
स्टाफ
को
अप्रैल
के
वेतन
का
भुगतान
करेगी,
जिनकी
नियुक्तियां
रद्द
की
गई
हैं।
राज्य
सरकार
ने
कहा
कि
सभी
कर्मचारियों
ने
लगभग
पूरे
अप्रैल
काम
किया
है।
इसलिए
मामले
पर
सुप्रीम
कोर्ट
का
फैसला
आने
तक
सभी
को
सैलरी
दी
जाएगी।
क्या
हैं
बंगाल
शिक्षक
भर्ती
घोटाला?
पश्चिम
बंगाल
सरकार
ने
2016
में
स्टेट
लेवल
सेलेक्शन
टेस्ट-2016
(SLCT)
के
जरिए
सरकारी
और
सहायता
प्राप्त
स्कूलों
के
लिए
टीचिंग
और
नॉन
टीचिंग
स्टाफ
भर्ती
किया
था।
तब
24,640
रिक्त
पदों
के
लिए
23
लाख
से
अधिक
लोगों
ने
भर्ती
परीक्षा
दी
थी।
इस
भर्ती
में
5
से
15
लाख
रुपए
तक
की
घूस
लेने
का
आरोप
है।
मामले
में
कलकत्ता
हाईकोर्ट
को
कई
शिकायतें
मिली
थीं।
भर्ती
में
अनियमितताओं
के
मामले
में
CBI
ने
राज्य
के
पूर्व
शिक्षा
मंत्री
पार्थ
चटर्जी,
उनकी
करीबी
अर्पिता
मुखर्जी
और
SSC
के
कुछ
अधिकारियों
को
गिरफ्तार
किया
था।
अर्पिता
पेशे
से
मॉडल
थीं।
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भी
हैं…