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Sandeshkhali
Case
Will
Be
Investigated
By
CBI,
Calcutta
High
Court
Orders
10
मिनट
पहले
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पश्चिम
बंगाल
के
संदेशखाली
में
महिलाओं
के
यौन
उत्पीड़न
मामले
की
CBI
जांच
होगी।
कलकत्ता
हाईकोर्ट
ने
इसका
आदेश
दिया
है।
इस
मामले
में
TMC
के
तीन
नेता
शेख
शाहजहां,
शिबू
हाजरा
और
उत्तम
सरदार
आरोपी
हैं।
इससे
पहले
कलकत्ता
हाईकोर्ट
ने
4
अप्रैल
को
कहा
था
कि
संदेशखाली
का
1
%
सच
भी
शर्मनाक
है।
कोर्ट
ने
कहा
था
कि
पूरा
प्रशासन
और
सत्ताधारी
पार्टी
इसके
लिए
नैतिक
तौर
पर
100%
जिम्मेदार
है।
यह
लोगों
की
सुरक्षा
का
मामला
है।
संदेशखाली
के
मुख्य
आरोपी
शाहजहां
के
खिलाफ
5
जनहित
याचिकाओं
पर
चीफ
जस्टिस
टीएस
शिवज्ञानम
और
जस्टिस
हिरण्मय
भट्टाचार्य
की
बेंच
ने
सुनवाई
की।
पश्चिम
बंगाल
के
संदेशखाली
में
महिलाओं
से
यौन
उत्पीड़न
और
जमीन
हड़पने
के
आरोपी
TMC
से
निष्कासित
नेता
शेख
शाहजहां
को
बंगाल
पुलिस
ने
29
फरवरी
को
गिरफ्तार
किया
था।
जिसके
बाद
पुलिस
ने
उसे
CBI
को
सौंप
दिया
था।
हाईकोर्ट
ने
कहा
था-
यह
लोगों
की
सुरक्षा
का
मामला
चीफ
जस्टिस-
मान
लीजिए
कि
एक
भी
एफिडेविट
सही
है
तो
यह
शर्मनाक
है।
पूरा
प्रशासन
और
सत्ताधारी
पार्टी
इसके
लिए
नैतिक
तौर
पर
100
फीसदी
जिम्मेदार
है।
यह
लोगों
की
सुरक्षा
का
मामला
है।
आप
एससी-एसटी
नेशनल
कमीशन
की
रिपोर्ट
देखेंगे
तो
उसमें
अगर
एक
फीसदी
भी
सच
है
तो
ये
100
फीसदी
शर्मनाक
है।
बंगाल
महिला
सुरक्षा
के
मामले
में
NCRB
का
डेटा
दिखाता
है।
एक
अन्य
जनहित
याचिकाकर्ता
के
वकील
ने
कहा
कि
इस
मामले
में
गवाहों
को
सुरक्षा
प्रदान
की
जाए।
उन्होंने
दावा
किया
कि
सुरक्षा
कारणों
से
कोई
भी
महिला
अदालत
में
गवाही
देने
के
लिए
आगे
नहीं
आई।
एक
अन्य
याचिकाकर्ता
की
वकील
प्रियंका
टिबरेवाल
ने
कहा,
‘ज्यादातर
महिलाएं
अनपढ़
हैं।
ई-मेल
तो
भूल
जाइए,
वो
खत
भी
नहीं
लिख
सकती
हैं।
हमारे
पास
500
से
ज्यादा
महिलाओं
ने
सेक्शुअल
असॉल्ट
की
शिकायत
की
है।
हमारे
पास
एफिडेविट
हैं,
जिनमें
कहा
गया
है
कि
केवल
एक
शाहजहां
गिरफ्तार
हुआ
है।
उसके
1000
साथी
गांव
में
घूम
रहे
हैं
और
शाहजहां
के
खिलाफ
बयानबाजी
ना
करने
के
लिए
धमका
रहे
हैं।
ये
लोग
कह
रहे
हैं
कि
अगर
महिलाओं
ने
बयान
दिया
तो
उनके
पति-बच्चों
का
सिर
काटकर
फुटबॉल
खेलेंगे।’
ED
का
आरोप-
राज्य
सरकार
जांच
में
सहयोग
नहीं
कर
रही
कोर्ट
में
सुनवाई
के
दौरान
राज्य
सरकार
की
तरफ
से
पेश
वकील
किशोर
दत्ता
ने
केंद्रीय
जांच
एजेंसियों
की
जांच
के
तरीके
पर
सवाल
उठाए।
दत्ता
ने
कहा,
अगर
कोर्ट
आदेश
दे
तो
हम
एक
जनहित
याचिका
दायर
कर
सकते
हैं
कि
पिछले
10
सालों
में
CBI
जांच
के
क्या
नतीजे
निकले
और
उन
केसेस
का
अब
तक
क्या
हुआ।
इस
मामले
में
ईडी
की
ओर
से
पैरवी
कर
रहे
केंद्र
सरकार
के
डिप्टी
सॉलिसिटर
जनरल
धीरज
त्रिवेदी
ने
राज्य
सरकार
पर
सहयोग
न
करने
का
आरोप
लगाते
हुए
पूछा
कि
ऐसी
स्थिति
में
केंद्रीय
एजेंसियां
जांच
को
कैसे
आगे
बढ़ा
सकती
हैं।
शाहजहां
और
उसके
दो
साथियों
पर
महिलाओं
से
गैंगरेप
का
आरोप
संदेशखाली
में
शेख
शाहजहां
और
उसके
दो
साथियों
शिबू
हाजरा
और
उत्तम
सरदार
पर
आरोप
है
कि
वे
महिलाओं
का
लंबे
समय
से
गैंगरेप
कर
रहे
थे।
इस
केस
में
शिबू
हाजरा,
उत्तम
सरदार,
शाहजहां
समेत
18
लोगों
को
पुलिस
गिरफ्तार
कर
चुकी
है।
शाहजहां
शेख
TMC
का
डिस्ट्रिक्ट
लेवल
का
नेता
रहा
है।
राशन
घोटाले
में
ED
ने
5
जनवरी
को
उसके
घर
पर
रेड
की
थी।
तब
उसके
200
से
ज्यादा
सपोर्टर्स
ने
टीम
पर
अटैक
कर
दिया
था।
अफसरों
को
जान
बचाकर
भागना
पड़ा।
उसके
बाद
शाहजहां
फरार
हो
गया
था।
उसे
55
दिन
बाद
पकड़ा
गया
था।
हाईकोर्ट
ने
बंगाल
सरकार
से
कहा
था-
शाहजहां
को
गिरफ्तार
करो
शाहजहां
शेख
की
गिरफ्तारी
को
लेकर
कलकत्ता
हाईकोर्ट
के
चीफ
जस्टिस
टीएस
शिवज्ञानम
ने
आदेश
दिया
था
कि
पुलिस
हर
हाल
में
4
मार्च
को
अगली
सुनवाई
में
शाहजहां
को
कोर्ट
में
पेश
करे।
उसकी
गिरफ्तारी
पर
कोई
स्टे
नहीं
है।
कोर्ट
ने
हैरानी
जताई
कि
संदेशखाली
में
अत्याचार
की
घटनाओं
की
सूचना
4
साल
पहले
पुलिस
को
दी
गई
थी।
यौन
उत्पीड़न
समेत
42
मामले
हैं,
लेकिन
उनमें
चार्जशीट
दायर
करने
में
चार
साल
लगा
दिए
गए।
पूरी
खबर
पढ़ें…
रविवार
को
बंगाल
सरकार
के
दो
मंत्री
पार्थ
भौमिक
और
सुजित
बसु
संदेशखाली
के
हालदारपाड़ा
पहुंचे,
तो
महिलाएं
इन
पर
बरस
पड़ीं।
नॉर्थ
24
परगना
जिले
के
संदेशखाली
में
हुआ
क्या
है
नॉर्थ
24
परगना
जिले
के
संदेशखाली
में
महिलाओं
ने
TMC
नेता
शेख
शाहजहां
और
उनके
समर्थकों
पर
यौन
उत्पीड़न
और
जमीन
हड़पने
का
आरोप
लगाया
था।
इसके
बाद
संदेशखाली
में
स्थानीय
महिलाओं
ने
प्रदर्शन
किया
था।
उन्होंने
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
की
मांग
की
थी।
पूरी
खबर
पढ़ें…
महिला
प्रदर्शनकारियों
ने
11
फरवरी
को
संदेशखाली
में
TMC
नेता
शिवप्रसाद
हाजरा
के
फार्म
हाउस
को
आग
लगा
दी
थी।
शाहजहां
कैसे
मजदूर
से
माफिया
बना
आरोपी
शाहजहां
संदेशखाली
में
कहां
से
आया,
ये
कोई
नहीं
जानता।
2000-2001
में
वो
मत्स्य
केंद्र
में
मजदूर
था।
सब्जी
भी
बेची।
फिर
ईंट-भट्ठे
पर
काम
करने
लगा।
यहीं
उसने
मजदूरों
की
यूनियन
बनाई।
फिर
सीपीएम
से
जुड़ा।
सिंगूर
और
नंदीग्राम
आंदोलन
में
वामदलों
की
जमीन
खिसकी
तो
2012
में
वो
तृणमूल
के
तत्कालीन
महासचिव
मुकुल
रॉय
और
उत्तर
24
परगना
जिले
के
ताकतवर
नेता
ज्योतिप्रिय
मलिक
के
सहारे
पार्टी
से
जुड़
गया।
गांव
वालों
ने
बताया
कि
शाहजहां
के
पास
सैकड़ों
मछली
पालन
केंद्र,
ईंट
भट्ठे,
सैकड़ों
एकड़
जमीन
हैं।
वो
2
से
4
हजार
करोड़
की
संपत्ति
का
मालिक
है।
ED
अफसरों
पर
शेख
समर्थकों
ने
ही
हमला
किया
था
ED
ने
आरोप
लगाया
था
कि
1
हजार
से
ज्यादा
लोगों
ने
उनकी
कार
पर
हमला
किया।
पश्चिम
बंगाल
में
कोरोना
के
दौरान
कथित
तौर
पर
हुए
हजारों
करोड़
रुपए
के
राशन
घोटाले
में
ED
ने
5
जनवरी
को
राज्य
में
15
ठिकानों
पर
छापा
मारा
था।
टीम
नॉर्थ
24
परगना
जिले
के
संदेशखाली
गांव
में
शेख
शाहजहां
और
शंकर
अध्य
के
घर
भी
रेड
डालने
गई
थी।
इस
दौरान
उन
पर
TMC
समर्थकों
ने
जानलेवा
हमला
किया
था।
इसमें
तीन
अधिकारी
घायल
हो
गए
थे।
पूरी
खबर
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ये
खबरें
भी
पढ़ें…
संदेशखाली
पर
बंगाल
सरकार
को
हाईकोर्ट
की
फटकार:
कहा-
शाहजहां
समस्या
की
जड़,
उसे
क्यों
नहीं
पकड़ा
संदेशखाली
केस
को
लेकर
कलकत्ता
हाईकोर्ट
की
डिवीजन
बेंच
ने
20
फरवरी
को
बंगाल
सरकार
को
फटकार
लगाई।
कोर्ट
ने
कहा-
शुरुआती
तौर
पर
ये
साफ
है
कि
टीएमसी
नेता
शाहजहां
ने
लोगों
को
नुकसान
पहुंचाया।
जिस
शाहजहां
पर
रेप
और
जमीन
हड़पने
के
आरोप
हैं,
ऐसा
लगता
है
कि
वो
पुलिस
की
पहुंच
से
बाहर
है।
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ममता
बोलीं-
संदेशखाली
RSS
का
गढ़:यहां
तनाव
पैदा
करने
की
भयानक
साजिश
हो
रही,
यहां
पहले
भी
दंगे
हुए
पश्चिम
बंगाल
के
नॉर्थ
24
परगना
जिले
के
संदेशखाली
में
महिलाओं
से
यौन
उत्पीड़न
मामले
में
CM
ममता
बनर्जी
ने
गुरुवार
(15
फरवरी)
को
विधानसभा
में
अपनी
बात
रखी।
ममता
ने
कहा
कि
संदेशखाली
में
तनाव
पैदा
करने
की
भयानक
साजिश
चल
रही
है।
संदेशखाली
RSS
का
गढ़
है।
वहां
7-8
साल
पहले
भी
दंगे
हुए
थे।
यह
संवेदनशील
स्थलों
में
से
एक
है।
पूरी
खबर
पढ़ें…