नई
दिल्ली5
मिनट
पहले
-
कॉपी
लिंक
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
ANI
की
एडिटर
स्मिता
प्रकाश
के
साथ
कई
मुद्दों
पर
बात
की।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
कहा
कि
मेरे
फैसले
किसी
को
डराने
के
लिए
नहीं
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
राम
मंदिर
उनके
(विपक्ष)
के
लिए
ये
राजनीतिक
हथियार
था।
अब
हुआ
क्या..राम
मंदिर
बन
गया।
उनके
हाथ
से
मुद्दा
निकल
गया।
पीएम
मोदी
ने
यह
बात
न्यूज
एजेंसी
ANI
को
दिए
एक
इंटरव्यू
में
कही।
इसे
सोमवार
को
रिलीज
किया
गया।
इंटरव्यू
में
राम
मंदिर,
DMK
का
सनातन
विरोधी
मुद्दा,
यूक्रेन-रूस
जंग,
इलेक्टोरल
बॉन्ड,
भारत
के
विकास
का
रोडमैप
जैसे
कई
मुद्दों
पर
बात
की।
प्रधानमंत्री
से
7
सवाल-जवाब…
सवाल:
आपने
कई
भाषणों
में
कहा
है
कि
आपका
लक्ष्य
2024
नहीं,
2047
है
तो
2047
तक
क्या
कुछ
होने
वाला
है?
क्या
ये
चुनाव
महज
फॉर्मेलिटी
है।
मोदी:
मैं
समझता
हूं
कि
2047
और
2024
दोनों
को
मिक्सअप
नहीं
करना
चाहिए।
दोनों
अलग-अलग
चीजें
हैं।
देश
जब
आजादी
के
75
साल
मना
रहा
था,
उसी
समय
मैंने
यह
विषय
लोगों
के
सामने
रखना
शुरू
किया
था।
मैं
कहता
था
कि
2047
में
देश
की
आजादी
के
100
साल
होंगे।
ये
माइलस्टोन
होगा।
ये
ऐसी
चीजें
हैं,
जो
व्यक्ति
में
नए
संकल्प
भरती
हैं।
मेरा
मानना
है
कि
ये
एक
मौका
है।
75
साल
पर
हम
खड़े
हैं
और
100
साल
पर
पहुंचने
वाले
हैं।
इस
25
साल
का
हम
सर्वाधिक
उपयोग
कैसे
करें।
हर
इंस्टीट्यूशन
अपना
लक्ष्य
बनाए
कि
मैं
इतना
करूंगा।
दूसरा
है
2024-
इसमें
चुनाव
का
जो
क्रम
है,
वो
आया
हुआ
क्रम
है।
मैं
मानता
हूं
कि
चुनाव
एक
ऑल
टूगेदर
डिफरेंट
थिंग
है।
लोकतंत्र
में
चुनाव
को
लाइट
नहीं
लेना
चाहिए।
यह
एक
बहुत
बड़ा
महापर्व
है।
मेरा
मानना
है
कि
इसे
उत्सव
के
रूप
में
मनाना
चाहिए।
जैसे
स्पोर्ट्स
के
इवेंट्स
होते
हैं,
वो
स्पोर्ट्समैन
स्पिरिट
को
पैदा
करते
हैं।
जब
खेल
का
मैदान
होता
है,
तब
खेलने
वाले,
देखने
वाले,
स्पोर्ट्समैन
स्पिरिट
का
एनवायर्नमेंट
क्रिएट
होता
है।
सवाल:
आप
स्पीच
में
कहते
हैं
कि
अभी
तो
ट्रेलर
है,
अभी
तो
बहुत
कुछ
करने
वाला
हूं।
आपका
विजन
क्या
है?
2047
तक
ये
विजन
कैसे
सक्सेसफुल
होगा?
मोदी:
मेरे
मन
में
बहुत
बड़े-बड़े
प्लान
होते
हैं।
उसके
लिए
बड़े-बड़े
फैसले
हैं।
किसी
को
भी
डरने
की
जरूरत
नहीं
है।
मेरे
निर्णय
किसी
को
डराने,
दबाने
के
लिए
नहीं
हैं।
मेरे
निर्णय
देश
के
सर्वांगीण
विकास,
जनकल्याण
के
लिए
हैं।
मैं
देश
बिगाड़ना
और
समय
बर्बाद
नहीं
करना
चाहता।
ज्यादातर
सरकारों
का
मिजाज
होता
है
कि
हमने
तो
सब
कुछ
कर
लिया।
मैं
नहीं
मानता
कि
उन्होंने
सबकुछ
कर
लिया।
मैंने
ज्यादा
से
ज्यादा
करने
और
सही
दिशा
में
जाने
का
प्रयास
किया
है।
फिर
भी
बहुत
कुछ
है,
जो
मुझे
करना
है।
मोदी
का
विजन
मेरे
बपौती
नहीं
है,
इसमें
15-20
लाख
लोगों
के
विचारों
को
समाहित
किया
गया
है।
सवाल:
आपकी
एक
टर्म
मोदी
की
गारंटी
काफी
लोकप्रिय
हो
रही
है।
लोग
कह
रहे
हैं
कि
उम्मीदवार
जरूरी
नहीं
है,
वोट
तो
सिर्फ
मोदी
को
जा
रहा
है।
इलेक्शन
के
दौरान
ये
टर्मनोलॉजी
इम्पॉर्टेंट
होती
है।
मोदी:
चुनाव
में
उम्मीदवार
ही
नहीं,
हर
मतदाता
इम्पोर्टेंट
होता
है।
बूथ
लेवल
का
कार्यकर्ता
भी
जरूरी
होता
है।
कैंडिडेट
भी
उतना
ही
महत्वपूर्ण
होता
है।
ये
कह
देना
कि
किसी
का
कोई
महत्व
नहीं,
ये
गलत
है।
नहीं
तो
इतना
बड़ा
चुनाव
ही
नहीं
होता।
जहां
तक
गारंटी
का
सवाल
है,
शब्दों
के
प्रति
जो
कमिटमेंट
होना
चाहिए,
वो
तो
चलती
का
गाड़ी,
कुछ
भी
बोल
दो
जैसा
हो
गया
है।
एक
नेताजी
के
वीडियो
इन
दिनों
में
बाजार
में
घूम
रहे
हैं,
उनका
एक
विचार,
दूसरे
से
विरोधाभासी
है।
लोग
देखकर
कहते
हैं
कि
ये
आदमी
हमें
इतना
मूर्ख
बनाता
था,
आंख
में
धूल
झोकता
था।अभी
एक
नेता
ने
कहा
कि
मैं
एक
झटके
में
गरीबी
हटा
दूंगा।
अब
जिनको
5-6
दशक
शासन
करने
को
मिला,
वे
जब
कहेंगे
कि
एक
झटके
में
गरीबी
हटा
देंगे
तो
देश
सोचता
है
कि
क्या
बोल
रहे
हैं।
पॉलिटिकल
लीडरशिप
पर
प्रश्नचिह्न
लग
रहा
है।
सवाल:
पहले
कहा
जाता
था
कि
इंदिरा
इज
इंडिया,
इंडिया
इज
इंदिरा।
अब
कहा
जाता
है
कि
मोदी
इज
भारत,
भारत
इज
मोदी।
क्या
आप
उस
लेवल
पर
पहुंच
गए
हैं?
मोदी:
मैं
मां
भारती
की
संतान
हूं।
उससे
ज्यादा
न
लोग
मेरे
लिए
बोलते
हैं
और
न
मेरे
लिए
सोचते
हैं।
मां
की
सेवा
कर
रहा
हूं,
इतना
ही
बहुत
है।
सवाल:
तमिलनाडु
में
सनातन
के
खिलाफ
काफी
बयान
दिए
हैं?
मोदी:
सवाल
कांग्रेस
को
पूछना
चाहिए।
तुम्हारी
क्या
मजबूरी
है।
सनातन
के
खिलाफ
इतना
जहर
उगलने
वाले
लोगों
के
साथ
तुम
(कांग्रेस)
क्यों
बैठे
हो।
DMK
का
जन्म
शायद
इस
नफरत
में
हुआ
होगा।
DMK
के
प्रति
जितना
जबर्दस्त
गुस्सा
पैदा
हुआ
है,
उसकी
मैं
कल्पना
नहीं
कर
सकता।
वो
गुस्सा
बीजेपी
की
तरफ
डायवर्ट
हो
रहा
है,
पॉजिटिव
वे
(सकारात्मक
रूप)
में।
सवाल:
राम
मंदिर
को
राजनीतिक
रंग
नहीं
दिया
जाना
चाहिए
था,
लेकिन
हो
गया।
इस
पर
क्या
कहेंगे?
मोदी:
उनके
(विपक्ष)
के
लिए
ये
राजनीतिक
हथियार
था।
अब
हुआ
क्या..राम
मंदिर
बन
गया।
उनके
हाथ
से
मुद्दा
निकल
गया।
सवाल:
आपने
रूस-यूक्रेन
में
दुश्मनी
रोकने
के
लिए
हस्तक्षेप
किया
था?
मोदी:
दोनों
राष्ट्रपति
के
साथ
मेरे
मित्रतापूर्ण
संबंध
रहे
हैं।
मैंने
कहा
कि
भारत
के
इतने
लोग,
नौजवान
फंसे
हुए
हैं।
मुझे
आपकी
मदद
चाहिए।
सवाल:
एलन
मस्क
भारत
आने
वाले
हैं,
उन्होंने
कहा
था
कि
वे
आपके
प्रशंसक
हैं।
क्या
हम
भारत
में
स्टारलिंक,
टेस्ला
देखेंगे?
मोदी:
मस्क
मोदी
के
प्रशंसक
हैं,
वो
अपनी
जगह
है।
असल
में
वे
भारत
के
प्रशंसक
हैं।
ये
खबरें
भी
पढ़ें…
मोदी
बोले-
भारत-चीन
बॉर्डर
विवाद
पर
तत्काल
चर्चा
जरूरी:अमेरिकी
मैगजीन
से
कहा-
डिप्लोमैटिक-मिलिट्री
लेवल
पर
बात
करके
शांति
कायम
कर
सकते
हैं
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
कहा
है
कि
भारत
के
लिए
चीन
के
साथ
उसके
रिश्ते
अहम
हैं।
दोनों
देशों
के
बीच
स्थिर
और
शांतिपूर्ण
संबंध
सिर्फ
भारत
और
चीन
के
लिए
नहीं,
बल्कि
पूरी
दुनिया
के
लिए
जरूरी
है।पीएम
मोदी
ने
अमेरिका
की
मैगजीन
न्यूजवीक
को
दिए
इंटरव्यू
में
ये
बातें
कहीं।
उन्होंने
कहा-
दोनों
देशों
के
बीच
बॉर्डर
पर
लंबे
समय
से
चल
रहे
विवाद
पर
तत्काल
बात
करने
की
जरूरत
है।
दोनों
देश
डिप्लोमैटिक
और
मिलिट्री
लेवल
पर
पॉजिटिव
बातचीत
के
जरिए
शांति
और
स्थिरता
कायम
कर
सकते
हैं।
पूरी
खबर
पढ़ें…
मोदी
बोले-
कांग्रेस
ने
पूर्वोत्तर
के
साथ
सौतेला
व्यवहार
किया:हमने
धारणा
बदली,
अब
नॉर्थ-ईस्ट
न
दिल्ली
से
दूर
है,
न
दिल
से
दूर
आजादी
के
बाद
पूर्वोत्तर
राज्य
दशकों
तक
हाशिए
पर
रहे।
कांग्रेस
सरकारों
ने
यहां
के
लोगों
के
साथ
सौतेला
व्यवहार
किया।
हमने
इस
धारणा
को
बदला
कि
पूर्वोत्तर
बहुत
दूर
है।
आज
पूर्वोत्तर
न
दिल्ली
से
दूर
है
और
न
दिल
से
दूर
है।
पूर्वोत्तर
ने
दुनिया
को
दिखाया
है
कि
जब
नीयत
सही
होती
है,
तो
नतीजे
भी
सही
होते
हैं।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
‘द
असम
ट्रिब्यून’
को
दिए
एक
इंटरव्यू
में
ये
बातें
कहीं।
उन्होंने
नॉर्थ-ईस्ट
की
चुनौतियों
और
उससे
निपटने
के
लिए
केंद्र
की
पहल
पर
चर्चा
की।
उन्होंने
असम
में
उग्रवाद,
अरुणाचल
प्रदेश
को
लेकर
चीन
के
दावे,
मणिपुर
हिंसा,
नगालैंड
में
राजनीतिक
संघर्ष
और
मिजोरम
में
घुसपैठ
की
समस्या
पर
बात
की।
पूरी
खबर
पढ़ें…
लोकसभा
चुनाव
2024
की
ताजा
खबरें,
रैली,
बयान,
मुद्दे,
इंटरव्यू
और
डीटेल
एनालिसिस
के
लिए
दैनिक
भास्कर
ऐप
डाउनलोड
करें।
543
सीटों
की
डीटेल,
प्रत्याशी,
वोटिंग
और
ताजा
जानकारी
एक
क्लिक
पर।
खबरें
और
भी
हैं…