स्काईमेट ने कहा- इस साल सामान्य मानसून का अनुमान: शुरुआत में अल नीनो का असर दिखाई दे सकता है, दूसरे चरण में भरपाई हो जाएगी

स्काईमेट ने कहा- इस साल सामान्य मानसून का अनुमान: शुरुआत में अल नीनो का असर दिखाई दे सकता है, दूसरे चरण में भरपाई हो जाएगी

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नई
दिल्ली/भोपाल/रायपुर
1
मिनट
पहले

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तस्वीरें मध्य प्रदेश के सागर, सीहोर और सिंगरौली जिले की हैं। यहां सोमवार को बारिश हुई। रायसेन जिले में ओले भी देखने को मिले। - Dainik Bhaskar


तस्वीरें
मध्य
प्रदेश
के
सागर,
सीहोर
और
सिंगरौली
जिले
की
हैं।
यहां
सोमवार
को
बारिश
हुई।
रायसेन
जिले
में
ओले
भी
देखने
को
मिले।

मौसम
का
पूर्वानुमान
लगाने
वाली
एजेंसी
स्काई
मेट
ने
मंगलवार
को
मानसून
का
अनुमान
जाहिर
किया।
स्काई
मेट
के
मुताबिक,
2024
में
मानसून
सामान्य
रहेगा।
एजेंसी
ने
मानसून
सीजन
के
102%
(5%
प्लस-माइनस
मार्जिन)
रहने
की
संभावना
जाहिर
की
है।

जून
से
सितंबर
तक
चलने
वाले
4
महीने
के
मानसून
सीजन
के
लिए
औसत
(LPA)
868.6
मिमी
है।
स्काईमेट
के
मैनेजिंग
डायरेक्टर
जतिन
सिंह
ने
कहा
कि
शुरुआत
में
अलनीनो
का
असर
रहेगा,
पर
दूसरे
हाफ
में
इसकी
भरपाई
हो
जाएगी।

इस
साल
स्काई
मेट
ने
दूसरी
बार
मानसून
का
पूर्वानुमान
जारी
किया
है।
इससे
पहले
12
जनवरी
2024
को
भी
स्काई
मेट
ने
मानसून
के
सामान्य
रहने
की
संभावना
जाहिर
की
थी।


दक्षिण,
पश्चिम
और
उत्तर-पश्चिम
में
अच्छी
बारिश
का
अनुमान

स्काई
मेट
के
मुताबिक,
देश
के
दक्षिण,
पश्चिम,
उत्तर-पश्चिम
इलाके
में
अच्छी
बारिश
का
अनुमान
है।
इसके
अलावा
महाराष्ट्र
और
मध्य
प्रदेश
में
भी
पर्याप्त
बारिश
हो
सकती
है।
बिहार,
झारखंड,
ओडिशा
और
बंगाल
में
जुलाई
और
अगस्त
के
दौरान
बारिश
में
थोड़ी
कमी
दर्ज
की
जा
सकती
है।
जुलाई
और
अगस्त
मानसून
का
सबसे
सक्रिय
समय
होता
है।
उत्तर-पूर्व
भारत
में
मानसून
के
शुरुआती
सीजन
में
सामान्य
से
कम
बारिश
की
आशंका
है।


क्या
होता
है
अल
नीनो?

अल
नीनो
एक
वेदर
ट्रेंड
है,
जो
हर
कुछ
साल
में
एक
बार
होता
है।
इसमें
ईस्ट
पैसिफिक
ओशन
में
पानी
की
ऊपरी
परत
गर्म
हो
जाती
है।
WMO
ने
बताया
कि
इस
क्षेत्र
में
फरवरी
में
औसत
तापमान
0.44
डिग्री
से
बढ़कर
जून
के
मध्य
तक
0.9
डिग्री
पर

गया
था।
ब्रिटानिका
के
मुताबिक
अल-नीनो
की
पहली
रिकॉर्डेड
घटना
साल
1525
में
घटी
थी।
इसके
अलावा
1600
ईस्वी
के
आसपास
पेरू
के
मछुआरों
ने
महसूस
किया
कि
समुद्री
तट
पर
असामान्य
रूप
से
पानी
गर्म
हो
रहा
है।
बाद
में
रिसर्चर्स
ने
बताया
था
कि
ऐसा
अल-नीनो
की
वजह
से
हुआ
था।
पिछले
65
सालों
में
14
बार
अल-नीनो
प्रशांत
महासागर
में
सक्रिय
हुआ
है।
इनमें
9
बार
भारत
में
बड़े
स्तर
पर
सूखा
पड़ा।
वहीं,
5
बार
सूखा
तो
पड़ा
लेकिन
इसका
असर
हल्का
रहा।


मानसून
होता
क्या
है?

एक
क्षेत्र
में
चलने
वाली
हवाओं
की
दिशा
में
मौसमी
परिवर्तन
को
मानसून
कहते
हैं।
इस
वजह
से
कई
बार
बारिश
भी
होती
है
या
कई
बार
गर्म
हवाएं
भी
चलती
हैं।
भारत
के
संदर्भ
में
देखा
जाए
तो
हिंद
महासागर
और
अरब
सागर
से
ये
हवाएं
भारत
के
दक्षिण-पश्चिम
तट
पर
आती
हैं।
ये
हवाएं
ठंडे
से
गर्म
क्षेत्रों
की
तरफ
बढ़ते
हुए
अपने
साथ
पानी
वाले
बादल
भी
लाती
हैं
जो
भारत
के
साथ-साथ
पाकिस्तान,
अफगानिस्तान
में
भी
बारिश
करवाते
हैं।
भारत
में
जून
से
सितंबर
तक
मानसूनी
हवाएं
चलती
रहती
हैं।


मानसूनी
हवाएं
बनती
कैसे
हैं?

  • गर्मी
    के
    दिनों
    में
    जमीनी
    इलाकों
    की
    गर्म
    हवा
    ऊपर
    उठने
    लगती
    है
    इस
    वजह
    से
    जमीनी
    इलाकों
    में
    लो
    प्रेशर
    एरिया
    बनने
    लगता
    है
  • इसके
    विपरीत
    समुद्र
    में
    हाई
    प्रेशर
    एरिया
    बनने
    लगता
    है
    क्योंकि
    जमीन
    के
    मुकाबले
    वहां
    ठंड
    ज्यादा
    होती
    है।
  • समुद्र
    की
    ये
    हवा
    लो
    प्रेशर
    इलाकों
    यानी
    जमीन
    की
    तरफ
    बढ़ने
    लगती
    है।
    ये
    हवाएं
    अपने
    साथ
    समुद्र
    की
    नमी
    भी
    ले
    आती
    हैं।
    इन्हें
    ही
    मानसूनी
    हवाएं
    कहा
    जाता
    है।
  • भारत
    में
    ये
    हवाएं
    2
    दिशाओं
    से
    आती
    हैं।
    दक्षिण-पश्चिम
    और
    दक्षिण-पूर्व।
    हवाओं
    की
    दिशा
    के
    आधार
    पर
    ही
    दक्षिण-पश्चिमी
    और
    दक्षिण-पूर्वी
    मानसून
    कहा
    जाता
    है।
  • 15
    सितंबर
    से
    मानसून
    भारत
    के
    उत्तर
    पश्चिम
    भागों
    से
    विदा
    लेना
    शुरू
    करता
    है
    तथा
    15
    अक्टूबर
    तक
    मानसून
    पूरी
    तरह
    विदा
    हो
    जाता
    है।


बारिश
को
मापते
कैसे
हैं?

1662
में
क्रिस्टोफर
व्रेन
ने
ब्रिटेन
में
पहला
रेन
गॉग
बनाया
था।
यह
एक
बीकर
या
ट्यूब
के
आकार
का
होता
है
जिसमें
रीडिंग
स्केल
लगा
होता
है।
इस
बीकर
पर
एक
फनल
होती
है,
जिससे
बारिश
का
पानी
इकट्ठा
होकर
बीकर
में
आता
है।
बीकर
में
पानी
की
मात्रा
को
नापकर
ही
कितनी
बारिश
हुई
है
ये
पता
लगाया
जाता
है।
ज्यादातर
रेन
गॉग
में
बारिश
मिलीमीटर
में
मापी
जाती
है।
मानसून
या
मौसम
से
जुड़ी
जानकारी
के
लिए
आप
मौसम
विभाग
की
वेबसाइट
https://mausam.imd.gov.in.
को
चेक
कर
सकते
हैं।
इसके
साथ
ही
मेघदूत,
दामिनी,
उमंग
और
रेन
अलार्म
जैसी
एप
पर
भी
आप
मौसम
की
जानकारी
चेक
कर
सकते
हैं।
मौसम
विभाग
ने
किसानों
को
SMS
अलर्ट
की
सुविधा
भी
दी
है।



राज्यों
में
मौसम
का
हाल…


मध्य
प्रदेश:
आज
42
जिलों
में
बारिश
के
आसार,
4
जिलों
में
ओले
गिरने
का
अनुमान

मध्यप्रदेश
में
अगले
7
दिन
यानी,
14
अप्रैल
तक
आंधी-बारिश
का
दौर
जारी
रहेगा।
आज
मंगलवार
को
42
जिलों
में
बारिश
और
4
जिलों
में
ओले
गिरने
का
अनुमान
है।
छिंदवाड़ा,
सिवनी,
बालाघाट,
मंडला
और
डिंडोरी
में
सिस्टम
ज्यादा
स्ट्रॉन्ग
रहेगा।
वहीं,
10-11
अप्रैल
को
एक
और
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
(पश्चिमी
विक्षोभ)
एक्टिव
होगा।


पूरी
खबर
पढ़ें….


छत्तीसगढ़:
11
अप्रैल
तक
बारिश
की
चेतावनी,
रायपुर,
बिलासपुर,
दुर्ग
और
बस्तर
संभाग
में
आज
बरसात
होगी

छत्तीसगढ़
में
9
से
11
अप्रैल
तक
बारिश
का
यलो
अलर्ट
जारी
किया
गया
है।
अगले
3
दिनों
तक
रायपुर,
बिलासपुर,
दुर्ग,
बस्तर,
और
सरगुजा
संभाग
के
जिलों
में
हल्की
से
मध्यम
बारिश
जारी
रहेगी।
सोमवार
शाम
को
भी
जोरदार
बारिश
हुई।
मौसम
बदलने
से
एक
ही
दिन
में
पारा
करीब
5
से
10
डिग्री
तक
गिर
गया।


पूरी
खबर
पढ़ें…


बिहार:
4
दिनों
तक
लू
से
मिलेगी
राहत,
10
और
13
अप्रैल
को
बारिश
के
आसार

बिहार
के
सभी
जिलों
में
मौसम
आज
सामान्य
बना
रहेगा।
दिन
में
धूप
निकलेगी।
वहीं
प्रदेश
में
पिछले
एक
हफ्ते
से
चल
रही
गर्म
हवा
से
सोमवार
को
थोड़ी
राहत
मिली
है।
अगले
चार
दिन
और
राहत
मिलने
की
संभावना
है।
सोमवार
को
मधुबनी
जिला
सबसे
गर्म
रहा।
जहां
का
अधिकतम
तापमान
39.6
डिग्री
सेल्सियस
दर्ज
किया
गया
है।

मौसम
विभाग
ने
साफ
किया
है
कि
अगले
48
घंटे
तक
राज्य
में
हवा
की
गति
30
किलोमीटर
प्रति
घंटे
तक
रह
सकती
है।
फिलहाल
लू
चलने
की
आशंका
नहीं
है।
वहीं
राज्य
में
दिन
के
तापमान
में
अगले
चार
दिन
तक
गिरावट
आने
का
पूर्वानुमान
जारी
किया
गया
है।
मौसम
विभाग
के
अनुसार
10
अप्रैल
और
उसके
बाद
13
अप्रैल
को
पश्चिमी
विक्षोभ
सक्रिय
होने
की
संभावना
है।
इसके
प्रभाव
से
उन
दिनों
उत्तरी
बिहार
में
कुछ
स्थानों
पर
बारिश
हो
सकती
हैं।


पंजाब:
13-14
अप्रैल
को
बारिश
के
आसार,
2
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
एक्टिव
होंगे

आने
वाले
7
दिनों
में
उत्तर
भारत
में
दो
बार
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
प्रभाव
डालेगा।
पहला
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
10
अप्रैल
से
एक्टिव
हो
रहा
है।
जिसका
असर
हिमाचल
पर
अधिक
देखने
को
मिलेगा।
वहीं
दूसरी
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
13
को
एक्टिव
होगा।
जिसके
बाद
13-14
अप्रैल
को
हिमाचल
के
साथ-साथ
पंजाब

चंडीगढ़
में
भी
बारिश
के
आसार
बन
रहे
हैं।

वहीं,
पंजाब

चंडीगढ़
में
अभी
आसमान
साफ
रहने
का
अनुमान
है।
जिसके
चलते
तापमान
में
लगातार
बढ़ौतरी
देखने
को
मिल
रही
है।
13
अप्रैल
तक
पंजाब

चंडीगढ़
में
मौसम
खुश्क
रहने
का
अनुमान
है।


हरियाणा:
बारिश
के
बाद
अब
तेज
गर्मी
का
दौर
शुरू,
नारनौल
में
तापमान
39
डिग्री
पहुंचा

हरियाणा
में
मौसम
लगातार
बदल
रहा
है।
मार्च
में
2
बार
बारिश
और
ओलावृष्टि
के
बाद
हरियाणा
में
गर्मी
ने
दस्तक
दे
दी
है।
तेज
धूप
के
कारण
दिन
के
तापमान
में
लगातार
वृद्धि
हो
रही
है।
24
घंटे
में
नूंह
में
सबसे
अधिक
दिन
का
तापमान
39.2
डिग्री
रेकॉर्ड
किया
गया
है।
वहीं
नारनौल
में
अधिकतम
तापमान
39
डिग्री
,
जबकि
सिरसा
में
38.6
डिग्री
रहा।

दिन
के
तापमान
में
औसतन
1.7
डिग्री
की
बढ़ोतरी
हुई
है।
रात
का
पारा
1
डिग्री
बढ़ा
है

करनाल
में
रात
का
पारा
सबसे
कम
13.7
डिग्री
रहा।
नूंह
में
20.2
डिग्री
रहा,
यहां
1.3
डिग्री
की
बढ़ोतरी
हुई।
12
अप्रैल
की
रात
से
मौसम
में
परिवर्तन
हो
सकता
है।
इससे
13
और
14
अप्रैल
को
प्रदेश
में
बारिश
हो
सकती
है।


झारखंड:
आज
बारिश
और
बिजली
का
अलर्ट,
तेज
हवा
चलने
की
भी
संभावना

झारखंड
में
अप्रैल
के
महीने
में
गर्मी
से
राहत
मिल
रही
है।
झारखंड
राज्य
के
पश्चिमी
भाग
में
आज
बारिश
के
आसार
हैं।
सुबह
राज्य
के
कई
जिलों
में
मौसम
सामान्य
नजर

रहा
है।
मौसम
विभाग
ने
अलर्ट
जारी
कर
दिया
है।
आज
हल्की
बारिश
के
साथ-
साथ
तेज
हवा
और
वज्रपात
की
भी
संभावना
है।

मौसम
विभाग
ने
आज
पूरे
राज्य
में
आंशिक
बादल
छाए
रहने
की
संभावना
जाहिर
की
है
साथ
ही
मौसम
अधिकतम
तापमान
34
डिग्री
सेल्सियस
औऱ
न्यूनतम
तापमान
20
डिग्री
सेल्सियस
के
आसपास
रहने
की
संभावना
है।


खबरें
और
भी
हैं…