13 राज्यों की 88 सीटों पर 66.12% वोटिंग: 2019 में इन पर मतदान 70.05% था; 11 राज्य, 3 UT की सभी सीटों पर वोटिंग पूरी

13 राज्यों की 88 सीटों पर 66.12% वोटिंग: 2019 में इन पर मतदान 70.05% था; 11 राज्य, 3 UT की सभी सीटों पर वोटिंग पूरी


नई
दिल्ली
2
मिनट
पहले
लेखक:
अंकित,
अक्षय,
आशीष,
विनोद,
सुनील,
शिवांगी,
याकूत

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18वीं
लोकसभा
के
चुनाव
के
लिए
सेकेंड
फेज
में
शुक्रवार
26
अप्रैल
को
13
राज्यों
और
केंद्र
शासित
प्रदेशों
की
88
सीटों
पर
66.12%
वोटिंग
हुई।
त्रिपुरा
में
सबसे
ज्यादा
करीब
77.93%
वोटिंग
हुई।
महाराष्ट्र,
बिहार
और
उत्तर
प्रदेश
मे
सबसे
कम
53%
के
आसपास
मतदान
हुआ।
2019
के
आम
चुनावों
में
इन
सीटों
पर
70.05%
मतदान
हुआ
था।

दूसरे
चरण
की
वोटिंग
के
साथ
ही
11
राज्य
और
3
केंद्र
शासित
प्रदेशों
में
लोकसभा
की
सभी
सीटों
पर
वोटिंग
पूरी
हो
गई।
जहां
वोटिंग
पूरी
हो
गई
उन
राज्यों
में
राजस्थान,
तमिलनाडु,
केरल,
अरुणाचल
प्रदेश,मणिपुर,
मेघालय,
मिजोरम,
नगालैंड,
सिक्किम,
त्रिपुरा,उत्तराखंड
शामिल
हैं।
इसके
अलावा
तीन
केंद्रशासित
प्रदेश
अंडमान
निकोबार,
लक्षद्वीप,
पुडुचेरी
में
भी
वोटिंग
पूरी
हो
गई
है।

इससे
पहले
19
अप्रैल
को
पहले
फेज
की
102
सीटों
पर
वोटिंग
हुई
थी।
आज
के
बाद
5
फेज
की
वोटिंग
1
जून
को
खत्म
होगी।
4
जून
को
नतीजे
आएंगे।


सेकेंड
फेज
की
वोटिंग
की
प्रमुख
घटनाएं

  • वोटिंग
    के
    दौरान
    मणिपुर
    के
    उखरुल
    से
    एक
    वीडियो
    सामने
    आया
    था,
    जिसमें
    कुछ
    संदिग्ध
    एक
    बूथ
    के
    अंदर
    घुस
    आए।
    कांग्रेस
    नेता
    जयराम
    रमेश
    ने
    आरोप
    लगाया
    कि
    लोकतंत्र
    को
    हाईजैक
    किया
    गया।
  • छत्तीसगढ़
    के
    गरियाबंद
    जिले
    में
    बूथ
    पर
    ड्यूटी
    के
    दौरान
    एक
    पुलिसकर्मी
    ने
    खुद
    को
    गोली
    मार
    ली।
    वह
    मध्य
    प्रदेश
    का
    रहने
    वाला
    है।
  • तृणमूल
    कांग्रेस
    ने
    आरोप
    लगाया
    कि
    बंगाल
    की
    दो
    लोकसभा
    सीटों
    बालूरघाट
    और
    रायगंज
    में
    सेंट्रल
    फोर्सेस
    महिलाओं
    को
    वोटिंग
    से
    रोकी।
    बालूरघाट
    में
    बंगाल
    भाजपा
    अध्यक्ष
    सुकांत
    मजूमदार
    और
    तृणमूल
    वर्कर्स
    के
    बीच
    झड़प
    भी
    हुई।


पिछले
चुनाव
में
सेकेंड
फेज
में
NDA
को
58
और
कांग्रेस
को
21
सीटें
मिली
थीं

2019
में
सेकेंड
फेज
की
सीटों
पर
सबसे
ज्यादा
भाजपा
को
50
और
NDA
के
सहयोगी
दलों
ने
8
सीटें
जीती
थीं।
कांग्रेस
के
खाते
में
21
सीटें
गईं
थीं।
अन्य
को
9
सीटें
मिली
थीं।



राज्यों
से
जुड़े
अपडेट्स
जानने
के
लिए
नीचे
दिए
गए
लिंक
पर
क्लिक
करें…



राजस्थान:
13
लोकसभा
सीटों
पर
वोटिंग…



उत्तर
प्रदेश:
8
लोकसभा
सीटों
पर
वोटिंग…



मध्य
प्रदेश:
6
लोकसभा
सीटों
पर
वोटिंग…



बिहार:
5
लोकसभा
सीटों
पर
वोटिंग…



छत्तीसगढ़:
3
लोकसभा
सीटों
पर
वोटिंग…

​​​​सेकेंड
फेज
में
15.88
करोड़
वोटर


दूसरे
फेज
में
किस
पार्टी
के
कितने
कैंडिडेट


लोकसभा
अध्यक्ष
ओम
बिड़ला,
छत्तीसगढ़
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
भूपेश
बघेल
और
हेमा
मालिनी
जैसे
चेहरे


167
कैंडिडेट्स
पर
हत्या,
किडनैपिंग,
21
पर
हेट
स्पीच
का
मामला

ADR
की
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
14
फीसदी
यानी
167
ऐसे
उम्मीदवार
हैं,
जिन
पर
गंभीर
मामले
दर्ज
हैं।
गंभीर
मामलों
में
हत्या,
किडनैपिंग
जैसे
अपराध
शामिल
होते
हैं।
3
उम्मीदवारों
पर
हत्या
और
24
पर
हत्या
की
कोशिश
के
मामले
दर्ज
हैं।
25
उम्मीदवारों
पर
महिलाओं
के
खिलाफ
अपराध
के
मामले
दर्ज
हैं।
इनमें
से
एक
पर
रेप
का
मामला
भी
दर्ज
है।
वहीं,
21
कैंडिडेट्स
पर
हेट
स्पीच
से
जुड़े
मामले
दर्ज
हैं।


केरल
के
3
कैंडिडेट्स
पर
सबसे
ज्यादा
क्रिमिनल
केस

केरल
के
भाजपा
अध्यक्ष
और
वायनाड
सीट
से
उम्मीदवार
के.
सुरेंद्रन
पर
सबसे
ज्यादा
243
आपराधिक
मामले
दर्ज
हैं।
वहीं,
राज्य
की
ही
एर्नाकुलम
सीट
से
भाजपा
कैंडिडेट
डॉ.
के.एस.
राधाकृष्णन
पर
211
आपराधिक
मामले
दर्ज
हैं।
तीसरे
नंबर
पर
इडुक्की
सीट
से
कांग्रेस
उम्मीदवार
डीन
कुरियाकोस
पर
88
आपराधिक
मामले
दर्ज
हैं।


33
फीसदी
उम्मीदवार
करोड़पति

ADR
के
मुताबिक,
सेकेंड
फेज
में
1,192
उम्मीदवारों
में
से
390
यानी
33
फीसदी
उम्मीदवार
करोड़पति
हैं।
इनके
पास
एक
करोड़
या
उससे
ज्यादा
की
संपत्ति
है।
कैंडिडेट्स
के
पास
औसत
संपत्ति
5.17
करोड़
रुपए
है।
6
उम्मीदवारों
ने
अपनी
संपत्ति
शून्य
बताई
है,
जबकि
तीन
के
पास
300
से
1,000
रुपए
की
संपत्ति
है।

महाराष्ट्र
के
नांदेड़
से
निर्दलीय
उम्मीदवार
लक्ष्मण
नागोराव
पाटिल
के
पास
कुल
संपत्ति
500
रुपए
है।
केरल
के
कासरगोड़
से
राजेश्वरी
केआर
ने
1000
रुपए
और
महाराष्ट्र
के
अमरावती
से
पृथ्वीसम्राट
मुकींद्राव
दीपवंश
ने
1,000
रुपए
की
कुल
संपत्ति
घोषित
की
है।


सेकेंड
फेज
की
12
हॉट
सीटों
पर
नजर…


1.
वायनाड,
केरल

केरल
की
वायनाड
सीट
पर
त्रिकोणीय
मुकाबला
है।
2019
में
राहुल
गांधी
यहां
से
पहली
बार
चुनाव
लड़े
और
जीते।
हालांकि,
वे
अपनी
परंपरागत
सीट
अमेठी
से
भाजपा
की
स्मृति
ईरानी
से
हार
गए।
इस
बार
राहुल
गांधी
के
खिलाफ
I.N.D.I.
ब्लॉक
की
एक
और
पार्टी
CPI
(M)
ने
महिला
प्रत्याशी
ऐनी
राजा
को
उतारा
है।
वहीं
भाजपा
ने
केरल
के
प्रदेश
अध्यक्ष
के.
सुरेंद्रन
को
टिकट
दिया
है।

ऐनी
राजा
CPI
महासचिव
डी
राजा
की
पत्नी
हैं।
एनी
राजा
राहुल
गांधी
के
वायनाड
से
चुनाव
लड़ने
के
फैसले
को
वामपंथी
पार्टियों
को
कमजोर
करने
की
साजिश
करार
देती
हैं।
वहीं
सुरेंद्रन
सबरीमाला
आंदोलन
का
प्रमुख
चेहरा
थे।
उस
दौरान
उन्हें
21
दिन
तक
जेल
में
भी
रहना
पड़ा
था।
सुरेंद्रन
पर
243
मामले
दर्ज
हैं।


2.
तिरुवनंतपुरम,
केरल

तिरुवनंतपुरम
सीट
पर
तीन
बार
से
कांग्रेस
सांसद
शशि
थरूर
के
सामने
भाजपा
ने
केंद्रीय
मंत्री
राजीव
चंद्रशेखर
को
टिकट
दिया
है।
राजीव
2006
से
राज्यसभा
के
सदस्य
हैं।
2018
में
उन्हें
तीसरी
बार
राज्यसभा
के
लिए
चुना
गया
और
2021
में
केंद्रीय
मंत्री
बनाया
गया।
उनका
पैतृक
घर
त्रिशूर
जिले
में
है,
हालांकि
उनका
जन्म
अहमदाबाद
में
हुआ
था।

शशि
थरूर
ने
करीब
29
साल
तक
UN
में
काम
कर
चुके
हैं।
भारत
सरकार
ने
शशि
का
नाम
UN
महासचिव
पद
के
लिए
रखा
था।
चुनाव
में
वे
दूसरे
स्थान
पर
रहे।
इसके
बाद
उन्होंने
UN
से
इस्तीफा
दे
दिया
और
2009
में
राजनीति
में

गए।
वे
मनमोहन
सिंह
सरकार
में
विदेश
राज्य
मंत्री
और
मानव
संसाधन
विकास
राज्य
मंत्री
रहे
हैं।


3.
कोटा,
राजस्थान

कोटा
से
भाजपा
के
उम्मीदवार
17वीं
लोकसभा
के
अध्यक्ष
ओम
बिड़ला
हैं।
वे
पिछले
दो
बार
से
जीत
रहे
हैं।
इससे
पहले
कोटा
दक्षिण
से
तीन
बार
विधायक
भी
रहे
हैं।
वहीं,
कांग्रेस
ने
दो
बार
भाजपा
विधायक
रहे
प्रह्लाद
गुंजल
को
उतारा
है।
वे
21
मार्च
को
ही
भाजपा
छोड़कर
कांग्रेस
में
शामिल
हुए
हैं।
वसुंधरा
राजे
के
करीबी
गुंजल
कोटा-बूंदी,
भीलवाड़ा,
टोंक-सवाई
माधोपुर
से
टिकट
मांग
रहे
थे।
टिकट

मिलने
पर
वे
कांग्रेस
में

गए।


4.
जोधपुर,
राजस्थान

भाजपा
की
ओर
से
केंद्रीय
मंत्री
गजेंद्र
सिंह
चुनाव
मैदान
में
हैं।
वे
पिछले
दो
बार
से
जीतते

रहे
हैं।
यहां
की
आठ
विधानसभा
सीटों
में
से
सात
पर
भाजपा
का
कब्जा
है।
जोधपुर
पूर्व
मुख्यमंत्री
अशोक
गहलोत
का
गृह
नगर
है।
वे
यहां
से
पांच
बार
सांसद
रहे
हैं,
लेकिन
2019
के
चुनाव
में
उनके
बेटे
वैभव
यहां
से
हार
गए
थे।
कांग्रेस
ने
इस
सीट
पर
करण
सिंह
उचियारड़ा
को
उतारा
है।
वे
राज
राजेश्वरी
आशापूर्णा
मंदिर
ट्रस्ट
के
अध्यक्ष
हैं।
वे
जोधपुर
बिल्डर्स
एंड
डेवलपर्स
एसोसिशन
के
अध्यक्ष
भी
रह
चुके
हैं।


5.
बाड़मेर,
राजस्थान

बाड़मेर
सीट
पर
त्रिकोणीय
मुकाबला
देखने
को
मिल
रहा
है।
भाजपा
की
तरफ
से
केंद्रीय
मंत्री
कैलाश
चौधरी
मैदान
में
हैं।
वे
2019
में
यहां
से
पहली
बार
संसद
पहुंचे
थे।
वहीं,
कांग्रेस
ने
उम्मेद
राम
बेनीवाल
को
टिकट
दिया
है।
राष्ट्रीय
लोकतांत्रिक
पार्टी
(RLP)
प्रमुख
हनुमान
बेनीवाल
के
करीबी
रहे
उम्मेद
राम
बेनीवाल
करीब
1
महीने
पहले
ही
कांग्रेस
में
शामिल
हुए
हैं।
तीसरी
ओर
रविंद्र
सिंह
भाटी
भी
निर्दलीय
ताल
ठोंक
रहे
हैं।


6.
मेरठ,
उत्तर
प्रदेश

भाजपा
ने
मेरठ
सीट
से
अरुण
गोविल
को
मैदान
में
उतारा
है।
‘रामायण’
सीरियल
में
भगवान
राम
की
भूमिका
निभाने
वाले
अरुण
को
तीन
बार
से
सांसद
राजेंद्र
अग्रवाल
का
टिकट
काट
कर
प्रत्याशी
बनाया
गया
है।
वहीं,
सपा
की
ओर
से
सुनीता
वर्मा
को
मैदान
में
उतारा
गया
है।
वे
पूर्व
विधायक
योगेश
वर्मा
की
पत्नी
हैं।
दो
बार
टिकट
बदलने
के
बाद
सपा
ने
इन्हें
फाइनल
किया।
इनमें
से
एक
सरधना
से
विधायक
अतुल
प्रधान
नामांकन
तक
दाखिल
कर
चुके
थे।
नामांकन
के
आखिरी
दिन
टिकट
बदलकर
सुनीता
को
दिया
गया।


7.
मथुरा,
उत्तर
प्रदेश

मथुरा
से
दो
बार
की
सांसद
और
प्रसिद्ध
अभिनेत्री
हेमा
मालिनी
को
भाजपा
ने
तीसरी
बार
टिकट
दिया
है।
स्थानीय
संगठन
और
जनता
की
नाराजगी
के
बावजूद
पार्टी
ने
यह
कदम
उठाया
है।
वहीं,
बसपा
ने
कमलकांत
उपमन्यु
का
टिकट
बदलकर
सुरेश
सिंह
को
टिकट
दिया
है।
सुरेश
जांच
एजेंसी
ED
के
डिप्टी
डायरेक्टर
रह
चुके
हैं
और
कुछ
दिन
CBI
में
भी
तैनात
रहे।
राष्ट्रीय
स्वयंसेवक
संघ
में
काफी
मजबूत
पकड़
रही
है।
विश्व
हिंदू
परिषद
के
प्रांतीय
अध्यक्ष
रहे
सुरेश
2014
से
ही
भाजपा
का
टिकट
मांग
रहे
थे।
2014
के
चुनाव
में
उनकी
टिकट
कट
गई
थी।


8.
राजनांदगांव,
छत्तीसगढ़

इस
सीट
पर
1999
से
ही
भाजपा
का
कब्जा
है।
सिर्फ
2007
में
उपचुनाव
के
बाद
कांग्रेस
के
देवव्रत
सिंह
2
साल
सांसद
रहे।
कांग्रेस
ने
इस
बार
पूर्व
मुख्यमंत्री
भूपेश
बघेल
को
यहां
से
उतारा
है।
यूथ
कांग्रेस
से
राजनीति
शुरू
करने
वाले
भूपेश
पाटन
से
पांच
बार
के
विधायक
हैं।
वे
पार्टी
के
प्रदेश
अध्यक्ष
भी
रहे
हैं।

वहीं,
भाजपा
ने
वर्तमान
सांसद
संतोष
पांडे
को
दोबारा
टिकट
दिया
हैे।
2019
में
इन्हें
पूर्व
मुख्यमंत्री
रमन
सिंह
के
बेटे
और
तत्कालीन
सांसद
अभिषेक
सिंह
का
टिकट
काटकर
मौका
दिया
गया
था।


9.
टीकमगढ़,
मध्य
प्रदेश

भाजपा
ने
टीकमगढ़
से
केंद्रीय
मंत्री
वीरेंद्र
कुमार
खटीक
को
उतारा
है।
वे
छह
बार
सांसद
रह
चुके
हैं।
2009
में
परिसीमन
के
बाद
अस्तित्व
में
आई
सीट
पर
खटीक
लगातार
जीतते

रहे
हैं।
यह
सीट
बुंदेलखंड
में
आती
है
और
पूरे
टीकमगढ़,
निमाड़
जिले
समेत
छतरपुर
का
भी
कुछ
हिस्सा
आता
है।

कांग्रेस
ने
यहां
से
पंकज
अहिरवार
को
उतारा
है।
वे
एससी
मोर्चा
के
उपाध्यक्ष
हैं।
2023
विधानसभा
चुनाव
में
उन्होंने
जतारा
से
टिकट
मांगा
था
लेकिन
कांग्रेस
ने
किरण
अहिरवार
पर
भरोसा
जताया
था।
इसके
चलते
नाराज
चल
रहे
पंकज
को
पार्टी
ने
बड़ा
मौका
दिया
है।


10.
पूर्णिया,
बिहार

बिहार
की
इस
सीट
पर
कांग्रेस
में
अपनी
पार्टी
विलय
कर
चुके
राजेश
रंजन
यानी
पप्पू
यादव
निर्दलीय
ही
चुनावी
मैदान
में
उतर
चुके
हैं।
कारण
यह
है
कि
ये
सीट
गठबंधन
के
तहत
लालू
प्रसाद
की
पार्टी
राष्ट्रीय
जनता
दल
(RJD)
के
खाते
में
चली
गई।
दूसरी
तरफ
RJD
ने
जनता
दल
यूनाइटेड
(JDU)
छोड़कर
आईं
बीमा
भारती
को
मैदान
में
उतारा
है।
वहीं,
NDA
खेमे
से
JDU
ने
दो
बार
से
जीत
रहे
सांसद
संतोष
कुमार
कुशवाहा
फिर
से
टिकट
दिया
है।


11.
मांड्या,
कर्नाटक

कर्नाटक
में
जनता
दल
सेक्युलर
(JDS)
के
साथ
भाजपा
गठबंधन
में
है।
यह
सीट
JDS
के
खाते
में
गई
है।
लिहाजा
JDS
के
प्रदेश
अध्यक्ष
और
पूर्व
मुख्यमंत्री
एच.डी.
कुमारस्वामी
यहां
से
चुनाव
लड़
रहे
हैं।
2019
में
इसी
सीट
से
उनके
बेटे
निखिल
कुमारस्वामी
चुनाव
हार
गए
थे।
तब
भाजपा
समर्थित
निर्दलीय
उम्मीदवार
सुमालाथा
ने
जीत
दर्ज
की
थी।
कांग्रेस
ने
यहां
से
वेंकटरमणे
गौड़ा
(स्टार
चंद्रू)
को
टिकट
दिया
है।
वे
पेशे
से
कॉन्ट्रैक्टर
हैं
और
दूसरे
चरण
के
चुनाव
में
सबसे
अमीर
प्रत्याशी
हैं।
उनके
भाई
गौरीबिदानूर
सीट
से
निर्दलीय
विधायक
हैं।


12.
बेंगलुरु
उत्तर,
कर्नाटक

इस
सीट
से
राज्य
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
और
मोदी
सरकार
में
मंत्री
रहे
डी.वी.
सदानंद
गौड़ा
सांसद
हैं।
भाजपा
ने
उनका
टिकट
काटकर
केंद्रीय
मंत्री
शोभा
करंदलाजे
को
मैदान
में
उतारा
है।
शोभा
पिछले
दो
चुनाव
उडुपी-चिकमंगलूर
लोकसभा
सीट
से
जीत
रही
हैं।
वहीं,
कांग्रेस
ने
IIM
बेंगलुरु
में
प्रोफेसर
रहे
एम.वी.
राजीव
गौड़ा
को
उतारा
है।
उनके
पिता
राज्य
विधानसभा
के
अध्यक्ष
रहे
हैं।
वे
भी
2014-2020
के
बीच
राज्यसभा
के
सदस्य
रहे
हैं।


लोकसभा
चुनाव
7
फेज
में
हो
रहे,
नतीजे
4
जून
को
आएंगे

देश
की
543
सीटों
के
लिए
चुनाव
सात
फेज
में
होगा।
पहले
फेज
की
वोटिंग
19
अप्रैल
को
और
आखिरी
फेज
की
वोटिंग
1
जून
को
होगी।
4
जून
को
नतीजे
आएंगे।
चुनाव
आयोग
ने
लोकसभा
के
साथ
4
राज्यों-
आंध्र
प्रदेश,
ओडिशा,
अरुणाचल
प्रदेश
और
सिक्किम
के
विधानसभा
चुनाव
की
तारीखें
भी
जारी
की
हैं।
ओडिशा
में
13
मई,
20
मई,
25
मई
और
1
जून
को
वोटिंग
होगी।


पूरी
खबर
पढ़ें


फर्स्ट
फेज
इलेक्शन:
21
राज्यों
की
102
सीटों
पर
68%
वोटिंग:लक्षद्वीप
में
सबसे
ज्यादा
83%​​​

लोकसभा
के
फर्स्ट
फेज
में
21
राज्यों-केंद्र
शासित
प्रदेशों
की
102
सीटों
पर
19
अप्रैल
को
वोटिंग
हुई।
सुबह
7
बजे
से
शाम
6
बजे
तक
हुई
वोटिंग
में
68.29
प्रतिशत
लोगों
ने
मतदान
किया।
2019
के
मुकाबले
यह
आंकड़ा
1
प्रतिशत
ही
कम
है।
2019
में
फर्स्ट
फेज
में
91
सीटों
पर
69.43%
वोटिंग
हुई
थी।


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