21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग: मणिपुर में फायरिंग, 5 बूथ पर वोटिंग रोकी, बंगाल में हिंसा; अब तक त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 68% मतदान

21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग: मणिपुर में फायरिंग, 5 बूथ पर वोटिंग रोकी, बंगाल में हिंसा; अब तक त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 68% मतदान



12:16
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19
अप्रैल
2024


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सीट…


1.
नागपुर
(महाराष्ट्र)

केंद्रीय
सड़क
परिवहन
मंत्री
नितिन
गडकरी
महाराष्ट्र
की
नागपुर
सीट
से
चुनाव
मैदान
में
हैं।
गडकरी
यहां
से
हैट्रिक
लगाने
की
कोशिश
कर
रहे
हैं।
वो
पहली
बार
इस
सीट
पर
2014
में
जीते
थे।

उस
चुनाव
में
गडकरी
ने
सात
बार
के
सांसद
कांग्रेस
नेता
विलास
मुत्तेमवार
को
हराया
था।
2019
के
चुनाव
में
गडकरी
ने
कांग्रेस
प्रत्याशी
नाना
पटोले
को
मात
दी।
इस
बार
कांग्रेस
ने
विकास
ठाकरे
को
मैदान
में
उतारा
है।
वो
नागपुर
पश्चिम
के
विधायक
हैं।


2.
बीकानेर
(राजस्थान)

केंद्रीय
कानून
मंत्री
अर्जुन
राम
मेघवाल
राजस्थान
की
बीकानेर
लोकसभा
सीट
से
चुनाव
लड़
रहे
हैं।
उनका
मुकाबला
कांग्रेस
के
पूर्व
मंत्री
गोविंद
राम
मेघवाल
से
है।
बहुजन
समाज
पार्टी
ने
खेत
राम
मेघवाल
को
मैदान
में
उतारा
है।
अर्जुन
राम
मेघवाल
पहली
बार
इस
सीट
पर
2009
में
जीते
थे।
उन्होंने
2014
और
2019
का
चुनाव
भी
जीता
था।


3.
अलवर
(राजस्थान)

केंद्रीय
पर्यावरण,
वन
और
जलवायु
परिवर्तन
मंत्री
भूपेंद्र
यादव
राजस्थान
की
अलवर
सीट
से
चुनाव
मैदान
में
हैं।
उनका
मुकाबला
कांग्रेस
के
ललित
यादव
से
है.
वो
अलवर
की
मुंडावर
विधानसभा
सीट
से
विधायक
हैं।

अलवर
से
2019
में
बाबा
बालक
नाथ
ने
लोकसभा
का
चुनाव
जीता
था।
बीते
साल
हुए
विधानसभा
चुनाव
में
बाबा
बालक
नाथ
विधायक
चुने
गए
हैं।
भूपेंद्र
यादव
का
यह
पहला
लोकसभा
चुनाव
है।
वो
2012
से
ही
राज्य
सभा
के
सदस्य
हैं।


4.
छिंदवाड़ा
(मध्य
प्रदेश)

70
साल
से
ज्यादा
समय
से
यह
सीट
कांग्रेस
के
पास
है।
बीते
45
साल
से
यहां
नाथ
परिवार
का
मेंबर
जीत
रहा
है।
हालांकि,
1997
में
हुए
उपचुनाव
में
राज्य
के
तत्कालीन
मुख्यमंत्री
सुंदरलाल
पटवा
ने
कमलनाथ
को
37
हजार
से
ज्यादा
मतों
से
हरा
दिया
था।
इसके
बाद
अगले
ही
साल
कमलनाथ
ने
भी
पटवा
को
बड़े
अंतर
से
हराया।

कमलनाथ
यहां
1980
से
2019
के
बीच
9
बार
सांसद
रहे।
2018
में
मुख्यमंत्री
बनने
के
बाद
उन्होंने
कमान
बेटे
को
सौंपी
और
2019
में
मोदी
लहर
के
बावजूद
नकुलनाथ
MP
की
यह
सीट
जीतने
में
कामयाब
रहे।
इस
बार
भी
कांग्रेस
के
नकुलनाथ
और
भाजपा
के
विवेक
बंटी
साहू
के
बीच
मुकाबला
है।
साहू
2019
उपचुनाव
और
2023
विधानसभा
चुनाव
में
कमलनाथ
के
हाथों
हार
चुके
हैं।


5.
मंडला
(मध्य
प्रदेश)

भाजपा
ने
यहां
से
6
बार
के
सांसद
और
केंद्रीय
मंत्री
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
को
मैदान
में
उतारा
है।
उनका
मुकाबला
कांग्रेस
के
चार
बार
के
विधायक
ओमकार
सिंह
मरकाम
से
है।
इस
सीट
पर
BJP
की
चिंता
इस
वजह
से
बढ़ी
हुई
है,
क्योंकि
6
माह
पहले
हुए
विधानसभा
चुनाव
के
दौरान
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
को
मंडला
जिले
की
निवास
सीट
से
हार
का
सामना
करना
पड़ा
था।
मंडला
संसदीय
क्षेत्र
के
तहत
आने
वाली
8
विधानसभा
सीटों
में
से
5
पर
कांग्रेस
तो
3
पर
BJP
का
कब्जा
है।


6.
उधमपुर
(जम्मू-कश्मीर)

जम्मू-कश्मीर
की
उधमपुर-डोडा
लोकसभा
सीट
से
तीसरी
बार
जीत
के
लिए
मैदान
में
केंद्रीय
मंत्री
डॉ.
जितेंद्र
सिंह
हैं।
उन्होंने
2014
में
जम्मू
कश्मीर
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
गुलाम
नबी
आजाद
को
61
हजार
वोटों
से
हराया
था।
इसके
बाद
2019
में
कांग्रेस
प्रत्याशी
विक्रम
आदित्य
सिंह
को
3
लाख
से
ज्यादा
वोटों
से
हराया
था।
कांग्रेस
ने
इस
बार
भाजपा
के
बागी
चौधरी
लाल
सिंह
पर
दांव
लगाया
है।


7.
अरुणाचल
पश्चिम

केंद्रीय
पृथ्वी
विज्ञान
और
खाद्य
प्रसंस्करण
उद्योग
मंत्री
किरण
रिजिजू
चुनाव
अरुणाचल
पश्चिम
सीट
से
चुनाव
मैदान
में
हैं।
रिजिजू
इस
सीट
से
पहली
बार
2004
में
जीते
थे।
लेकिन
उन्हें
2009
के
चुनाव
में
हार
का
सामना
करना
पड़ा।

इसके
बाद
रिजूजू
ने
2014
के
चुनाव
में
जीत
दर्ज
की।
वो
2019
में
भी
अरुणाचल
पश्चिम
सीट
से
चुनाव
जीते।
इस
बार
उनका
मुकाबला
पूर्व
मुख्यमंत्री
और
अरुणाचल
प्रदेश
कांग्रेस
के
प्रदेश
अध्यक्ष
नबाम
तुकी
से
हैं।


8.
कूचबिहार
(पश्चिम
बंगाल)

भाजपा
ने
इस
सीट
से
केंद्रीय
मंत्री
निशीथ
प्रमाणिक
को
मैदान
में
उतारा
है,
जबकि
TMC
ने
जगदीश
चंद्र
बर्मा
बसुनिया
पर
दांव
खेला
है।
2019
में
कूचबिहार
सीट
से
BJP
उम्मीदवार
निशीथ
प्रमाणिक
सांसद
चुने
गए
थे।
2019
में
निशीथ
प्रमाणिक
को
तृणमूल
कांग्रेस
ने
निष्कासित
कर
दिया
था,
जिसके
बाद
वे
BJP
के
टिकट
पर
कूचबिहार
से
चुनाव
लड़े
और
जीत
गए।
उन्होंने
तृणमूल
कांग्रेस
के
अधिकारी
परेश
चंद्र
को
54,231
वोटों
के
अंतर
से
हराया
था।


9.
नगीना
(उत्तर
प्रदेश)

UP
के
बिजनौर
जिले
की
नगीना
लोकसभा
सीट
इस
बार
हाई-प्रोफाइल
हो
गई
है।
यहां
युवा
दलित
नेता
चंद्रशेखर
आजाद
अपनी
पार्टी
‘आजाद
समाज
पार्टी’
से
चुनाव
लड़
रहे
हैं।
इसी
वजह
से
सीट
पर
मुकाबला
चार
लोगों
के
बीच
हो
गया
है।
BJP
की
ओर
से
यहां
नहटौर
विधायक
ओम
कुमार
मैदान
में
हैं
तो
इंडिया
गठबंधन
की
ओर
से
पूर्व
जज
मनोज
कुमार
हैं।

बहुजन
समाज
पार्टी
की
ओर
से
सुरेंद्र
पाल
प्रत्याशी
हैं।
दरअसल,
2019
के
मोदी
लहर
में
भी
यह
सीट
बसपा
ने
जीत
ली
थी।
इस
सीट
से
बसपा
के
गिरीश
चंद्र
जाटव
ने
जीत
हासिल
की
थी,
लेकिन
मायावती
ने
उन्हें
इस
बार
बुलंदशहर
से
मैदान
में
उतारा
है।