IIT-JEE मेन्स के नतीजे जारी: नीलकृष्ण बने ऑल इंडिया टॉपर; रिकॉर्ड 56 स्टूडेंट्स को 100 परसेंटाइल, राजस्थान से 5, गुजरात-हरियाणा से 2-2; जनरल कटऑफ 93.23%

IIT-JEE मेन्स के नतीजे जारी: नीलकृष्ण बने ऑल इंडिया टॉपर; रिकॉर्ड 56 स्टूडेंट्स को 100 परसेंटाइल, राजस्थान से 5, गुजरात-हरियाणा से 2-2; जनरल कटऑफ 93.23%


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नेशनल
टेस्टिंग
एजेंसी
(NTA)
ने
24
अप्रैल
की
देर
रात
तकरीबन
11
बजकर
30
मिनट
पर
JEE
Mains
2024
सेशन
2
का
रिजल्ट
जारी
कर
दिया।
ऐसे
उम्मीदवारों
जिन्होंने
इंजीनियरिंग
कोर्स
में
एडमिशन
के
लिए
जॉइंट
एंट्रेंस
टेस्ट
मेन्स
सेशन-2
दिया
था,
वे
अब
ऑफिशियल
वेबसाइट

jeemain.nta.ac.in

पर
अपना
स्कोरकार्ड
देख
सकते
हैं।

कोटा
की
एक
कोचिंग
के
स्टूडेंट
नीलकृष्ण
ने
ऑल
इंडिया
टॉप
किया
है।
वह
दो
साल
से
कोटा
में
तैयारी
कर
रहे
थे।
वहीं,
दूसरी
रैंक
हासिल
करने
वाले
दक्षेस
संजय
मिश्रा

रैंक
चार
पर
आए
आदित्य
कुमार
भी
कोटा
की
कोचिंग
से
ही
हैं।



JEE
Mains
2024
सेशन
2
का
रिजल्ट
देखने
का
डायरेक्ट
लिंक


2
लड़कियों
को
मिला
100
परसेंटाइल

इस
बार
अब
तक
का
रिकॉर्ड
तोड़ते
हुए
सबसे
ज्यादा
56
स्टूडेंट्स
ने
100
परसेंटाइल
हासिल
किया।
इनमें
कर्नाटक
की
सानवी
जैन
और
दिल्ली
की
शायना
सिन्हा,
दो
लड़कियां
शामिल
हैं।
पिछली
बार
43
स्टूडेंट्स
ने
100
परसेंटाइल
हासिल
किया
था।
वहीं,
सिर्फ
एक
छात्रा
को
100
परसेंटाइल
मिला
था।


राजस्थान
के
5
स्टूडेंट्स
को
मिला
100
परसेंटाइल

राज्यवार
100
परसेंटाइल
में
सबसे
अधिक
तेलंगाना
के
15,
आंध्र
प्रदेश

महाराष्ट्र
के
7-7,
दिल्ली
से
6,
राजस्थान
से
5,
कर्नाटक
से
3,
तमिलनाडु,
गुजरात,
हरियाणा
से
‌2-2,
उत्तर
प्रदेश

बिहार
से
1-1
छात्र
शामिल
हैं।


इस
बार
2.45
मार्क्स
अधिक
था
कटऑफ

इस
बार
जेईई
मेन्स
के
अप्रैल
सेशन
के
लिए
सामान्य
श्रेणी
का
कटऑफ
परसेंटाइल
2023
की
तुलना
में
2.45
अंक
ज्यादा
रहा,
हालांकि
सामान्य
श्रेणी
के
लिए
चुने
गए
छात्रों
की
संख्या
पिछली
बार
से
1261
कम
है।
इस
बार
JEE
एडवांस्ड
के
लिए
क्वालीफाइंग
परसेंटाइल
पांच
साल
का
सबसे
ज्यादा
रहा
है।

100
परसेंटाइल
से
93.23
के
बीच
सामान्य
श्रेणी
के
97,351
छात्र
चुने
गए
हैं।
100
परसेंटाइल
पाने
वाले
छात्रों
में
6
ईडब्ल्यूएस
श्रेणी
से
हैं,
जिनमें
4
तेलंगाना

2
आंध्र
प्रदेश
के
हैं।


56
टॉपर्स
में
जनरल
के
40
और
OBC
के
10

56
टॉपर्स
में
जनरल
कैटेगरी
से
40,
OBC
के
10
और
जनरल-EWS
के
छह
स्टूडेंट्स
शामिल
हैं।
जिन
ओबीसी
छात्रों
को
100
पर्सेंटाइल
मिला
है।
इनमें
2-2
तेलंगाना,
एक-एक
महाराष्ट्र
और
आंध्र
प्रदेश
के
हैं।


13
भाषाओं
में
हुई
थी
परीक्षा,
विदेश
में
भी
थे
सेंटर्स

JEE
13
भाषाओं
असमिया,
बंगाली,
अंग्रेजी,
गुजराती,
हिंदी,
कन्नड़,
मलयालम,
मराठी,
उड़िया,
पंजाबी,
तमिल,
तेलुगु
और
उर्दू
में
हुई
थी।
परीक्षा
319
शहरों
के
571
केंद्रों
पर
आयोजित
की
गई
थी,
जिसमें
भारत
के
बाहर
22
सेंटर
केप
टाउन,
दोहा,
दुबई,
मनामा,
ओस्लो,
सिंगापुर,
कुआलालंपुर,
लागोस/अबूजा,
जकार्ता,
वियना,
मॉस्को
और
वॉशिंगटन
डीसी
में
भी
बनाए
गए
थे।


सेशन
की
परीक्षा
में
शामिल
हुए
10.68
लाख
छात्र

JEE
Mains
के
अप्रैल
सेशन
की
परीक्षा
में
इस
बार
10,67,959
छात्र
बैठे
थें,
जो
पिछली
बार
की
तुलना
में
45,366
छात्र
कम
थे।
JEE
Mains
के
जरिए
सभी
श्रेणियों
के
2,50,248
छात्र
JEE
एडवांस
के
लिए
क्वालिफाई
कर
गए
हैं।
पिछले
साल
चुने
गए
करीब
ढाई
लाख
छात्रों
में
केवल
1,89,487
ने
ही
एडवांस
दी
थी।

देश
के
टॉप
10
इंजीनियरिंग
इंस्टिट्यूटट्स,
जिनमें
सिर्फ
JEE
Mains
के
स्कोर
के
बेसिस
पर
BE/BTech
कोर्सेज
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
इस
साल
JEE
Mains
एग्जाम
के
लिए
पांच
सालों
में
सबसे
ज्यादा
करीब
12.3
लाख
लोगों
ने
रजिस्ट्रेशन
किया
है।


1.
नेशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ
टेक्नोलॉजी
(NIT),
तिरुचिरपल्ली

NIT
तिरुचिरापल्ली
को
NIT
त्रिची
के
नाम
से
भी
जाना
जाता
है।
ये
देश
में
टॉप
10
रैंकिंग
में
आने
वाला
इकलौता
NIT
है।
इंस्टिट्यूट
में
कुल
9
अलग-अलग
इंजीनियरिंग
के
डिपार्टमेंट्स
हैं।
इसके
अलावा
आर्किटेक्चर,
मैनेजमेंट,
कंप्यूटर
एप्लिकेशन,
एनर्जी
और
एनवायर्नमेंट
के
अलग
डिपार्टमेंट्स
हैं।
इस
तरह
इंस्टिट्यूट
में
कुल
18
अलग-अलग
डिपार्टमेंट्स
हैं।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
से
केमिकल
इंजीनियरिंग,
केमिस्ट्री,
कंप्यूटर
साइंस,
इलेक्ट्रिकल
एंड
इलेक्ट्रॉनिक्स,
प्रोडक्शन
इंजीनियरिंग
जैसी
कोर
इंजीनियरिंग
ब्रांच
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
इन
कोर्सेज
में
BTech,
MTech
और
MSc
जैसे
कोर्सेज
कर
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

इंस्टिट्यूट
में
UG
कोर्सेज
में
JEE
Mains
के
स्कोर
और
PG
कोर्सेज
में
GATE
एग्जाम
के
स्कोर
और
काउंसलिंग
के
बेसिस
पर
एडमिशन
ले
सकते
हैं।

NIT तिरुचिरापल्ली की स्थापना 1964 में हुई थी। इस इंस्टिट्यूट को देश के सभी NITs में नंबर 1 रैंकिंग भी मिली है।


NIT
तिरुचिरापल्ली
की
स्थापना
1964
में
हुई
थी।
इस
इंस्टिट्यूट
को
देश
के
सभी
NITs
में
नंबर
1
रैंकिंग
भी
मिली
है।


2.
नेशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ
टेक्नोलॉजी,
सूरतकल

कर्नाटक
के
मैंगलोर
जिले
में
NIT
सूरतकल
में
इंजीनियरिंग
से
जुड़े
12
अलग-अलग
डिपार्टमेंट्स
हैं।
इसके
अलावा
इंस्टिट्यूट
में
स्कूल
ऑफ
ह्यूमैनिटीज,
सोशल
साइंस
और
मैनेजमेंट
भी
हैं।
NITs
की
लिस्ट
में
ये
इंस्टिट्यूट
ऑल
इंडिया
रैंक
2
पर
है।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
से
वॉटर
रिसोर्सेज
और
ओशियन
इंजीनियरिंग,
केमिस्ट्री,
मैथमेटिकल
एंड
कम्प्यूटेशनल
साइंसेज,
मेटलर्जी
एंड
मैटेरियल्स
और
माइनिंग
इंजीनियरिंग
जैसे
डिपार्टमेंट्स
से
BE
कर
सकते
हैं।
इन
डिपार्टमेंट्स
में
PG
कोर्स
भी
कर
सकते
हैं।
इसके
अलावा
PhD
प्रोग्राम
भी
कर
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

UG
कोर्सेज
में
एडमिशन
लेने
के
लिए
JEE
Mains
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।
वहीं,
PG
कोर्सेज
में
एडमिशन
के
लिए
GATE
एग्जाम
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।

NIT सूरतकल की स्थापना कर्नाटक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज (REC) के तौर पर 1960 में हुई थी। इसे 2002 में NIT का स्टेटस दिया गया।


NIT
सूरतकल
की
स्थापना
कर्नाटक
रीजनल
इंजीनियरिंग
कॉलेज
(REC)
के
तौर
पर
1960
में
हुई
थी।
इसे
2002
में
NIT
का
स्टेटस
दिया
गया।


3.
नेशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ
टेक्नोलॉजी
(NIT),
राउरकेला

ओडिशा
के
राउरकेला
जिले
में
स्थित
NIT
राउरकेला
में
इंजीनियरिं,
प्लानिंग,
आर्किटेक्चर,
साइंस
और
ह्यूमैनिटीज
जैसे
अलग-अलग
17
एकेडमिक
डिपार्टमेंट्स
हैं।
इंस्टिट्यूट
में
14
अलग-अलग
ब्रांच
में
इंजीनियरिंग
(BE)
कोर्स
के
लिए
एडमिशन
ले
सकते
हैं।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
से
बायोटेक्नोलॉजी
एंड
मेडिकल
इंजीनियरिंग,
सिरेमिक
इंजीनियरिंग,
फूड
प्रोसेस
इंजीनियरिंग,
इंडस्ट्रियल
डिजाइन
जैसे
कोर्सेज
में
BE
और
ME
कर
सकते
हैं।
इसके
अलावा
इन
डिपार्टमेंट्स
में
PhD
भी
कर
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

UG
कोर्सेज
में
एडमिशन
लेने
के
लिए
JEE
Mains
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।
वहीं,
PG
कोर्सेज
में
एडमिशन
के
लिए
GATE
एग्जाम
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।

NIT राउरकेला की स्थापना रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर 15 अगस्त 1961 को हुई थी। इंस्टिट्यूट का कैंपस 648 एकड़ एरिया में बसा हुआ है।


NIT
राउरकेला
की
स्थापना
रीजनल
इंजीनियरिंग
कॉलेज
के
तौर
पर
15
अगस्त
1961
को
हुई
थी।
इंस्टिट्यूट
का
कैंपस
648
एकड़
एरिया
में
बसा
हुआ
है।


4.
अमृता
विश्व
विद्यापीठम,
कोयंबटूर

ये
यूनिवर्सिटी
तमिलनाडु
के
कोयंबटूर
जिले
में
स्थित
है।
इसे
डीम्ड
यूनिवर्सिटी
का
स्टेटस
मिला
है।
देशभर
में
यूनिवर्सिटी
के
कुल
7
कैंपस
हैं।
यूनिवर्सिटी
का
कैंपस
अमृतापुरी,
बेंगलुरु,
कोयंबटूर,
चेन्नई,
अमरावती,
नागेरकोविल
में
भी
हैं।


कोर्सेज:

यूनिवर्सिटी
से
14
अलग-अलग
ब्रांच
में
इंजीनियरिंग
कर
सकते
हैं।
इनमें
कंप्यूटर
साइंस
एंड
इंजीनियरिंग,
साइबर
सिक्योरिटी,
सिविल
इंजीनियरिंग
और
केमिकल
इंजीनियरिंग
जैसे
कोर्स
में
BE/BTech
कर
सकते
हैं।
कुछ
ब्रांचों
में
ई-व्हीकल
और
ऑटोमेशन
जैसे
स्पेशलाइजेशन
भी
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन:

UG
कोर्सेज
में
एडमिशन
लेने
के
लिए
इंस्टिट्यूट
लेवल
का
AIEEE
एग्जाम
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।
इसके
अलावा
JEE
Mains
के
स्कोर
के
बेसिस
पर
भी
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
वहीं,
PG
कोर्सेज
में
इंटरव्यू
के
बेसिस
पर
एडमिशन
होते
हैं।

यूनिवर्सिटी की स्थापना 1994 में हुई थी। इंस्टिट्यूट का कैंपस 400 एकड़ एरिया में बसा है।


यूनिवर्सिटी
की
स्थापना
1994
में
हुई
थी।
इंस्टिट्यूट
का
कैंपस
400
एकड़
एरिया
में
बसा
है।


5.
थापर
इंस्टिट्यूट
ऑफ
इंजीनियरिंग
एंड
टेक्नोलॉजी,
पटियाला

इस
इंस्टिट्यूट
को
डीम्ड
टू
बी
यूनिवर्सिटी
का
स्टेटस
मिला
है।
यूनिवर्सिटी
में
लिबरल
आर्ट्स,
साइंस
एंड
टेक्नोलॉजी
और
मैनेजमेंट
के
कोर्सेज
ऑफर
किए
जाते
हैं।
यूनिवर्सिटी
में
7
स्कूल,
10
डिपार्टमेंट्स,
13
सेंटर्स
हैं।
यूनिवर्सिटी
में
11
इंजीनियरिंग
की
ब्रांच
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
इसके
अलावा
इंस्टिट्यूट
में
इंटरनेशनल
इंजीनियरिंग
प्रोग्राम
भी
चलता
है।


कोर्सेज
:
12वीं
के
बाद
सिविल,
इलेक्ट्रिकल,
इलेक्ट्रॉनिक्स
(इंस्ट्रूमेंटेशन
एंड
कंट्रोल),
मैकेनिकल
इंजीनियरिंग
(प्रोडक्शन)
और
मैक्ट्रॉनिक्स
जैसी
ब्रांच
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

इंस्टिट्यूट
में
UG
कोर्सेज
में
12वीं
के
मार्क्स
और
JEE
Mains
स्कोर
के
बेसिस
पर
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
वहीं,
बायोटेक्नोलॉजी
में
BE
करने
के
लिए
NEET
स्कोर
जरूरी
है।

इंस्टिट्यूट की स्थापना थापर ग्रुप ऑफ कंपनीज के फाउंडर करम चंद थापर ने 1956 में की थी।


इंस्टिट्यूट
की
स्थापना
थापर
ग्रुप
ऑफ
कंपनीज
के
फाउंडर
करम
चंद
थापर
ने
1956
में
की
थी।


6.
नेशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ
टेक्नोलॉजी
(NIT)
वारंगल,
तेलंगाना

इंस्टिट्यूट
में
इंजीनियरिंग
के
अलावा
स्कूल
ऑफ
मैनेजमेंट
और
स्कूल
ऑफ
सोशल
साइंस
के
डिपार्टमेंट
भी
हैं।
इंस्टिट्यूट
में
इंजीनियरिंग
के
11
अलग-अलग
ब्रांच
में
पढ़ाई
होती
है।
इसके
अलावा
यहां
फिजिकल
एजुकेशन
का
डिपार्टमेंट
भी
है।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
से
केमिस्ट्री,
केमिकल
इंजीनियरिंग,
सिविल
इंजीनियरिंग,
मैकेनिकल
इंजीनियरिंग
और
फिजिक्स
जैसी
कोर
ब्रांच
से
BE
की
डिग्री
कर
सकते
हैं।
इन
डिपार्टमेंट्स
में
PG
कोर्स
(MTech)
भी
कर
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

इंस्टिट्यूट
में
UG
कोर्सेज
में
12वीं
के
मार्क्स
और
JEE
Mains
स्कोर
के
बेसिस
पर
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
वहीं,
PG
कोर्सेज
में
एडमिशन
के
लिए
GATE
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।

NIT वारंगल की स्थापना 1959 में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर हुई थी।


NIT
वारंगल
की
स्थापना
1959
में
रीजनल
इंजीनियरिंग
कॉलेज
के
तौर
पर
हुई
थी।


7.
नेशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ
टेक्नोलॉजी
(NIT),
कालीकट

NIT
कालीकट
में
कुल
3
स्कूल
और
10
डिपार्टमेंट
हैं।
इनमें
आर्किटेक्चर
और
प्लानिंग
के
लिए
भी
अलग
से
डेडिकेटेड
डिपार्टमेंट
भी
है।
इसके
अलावा
डिपार्टमेंट
ऑफ
एजुकेशन,
मैनेजमेंट
स्टडीज
और
ह्यूमैनिटीज,
आर्ट्स
और
सोशल
साइंसेज
के
लिए
भी
अलग
से
डिपार्टमेंट
हैं।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
में
बायोसाइंस
इंजीनियरिंग,
मटेरियल्स
साइंस
एंड
इंजीनियरिंग
और
इलेक्ट्रिकल
इंजीनियरिंग
जैसी
ब्रांच
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

इंस्टिट्यूट
में
UG
कोर्सेज
में
12वीं
के
मार्क्स
और
JEE
Mains
स्कोर
के
बेसिस
पर
एडमिशन
ले
सकते
हैं।
वहीं,
PG
कोर्सेज
में
एडमिशन
के
लिए
GATE
क्वालिफाई
करना
जरूरी
है।

NIT कालीकट की स्थापना 1961 में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर हुई थी। इसे 2002 में NIT का दर्जा दिया गया।


NIT
कालीकट
की
स्थापना
1961
में
रीजनल
इंजीनियरिंग
कॉलेज
के
तौर
पर
हुई
थी।
इसे
2002
में
NIT
का
दर्जा
दिया
गया।


8.
इंस्टिट्यूट
ऑफ
केमिकल
टेक्नोलॉजी
(ICT),
मुंबई

ये
इंस्टिट्यूट
मुंबई
में
है।
इसके
अलावा
इसके
कैंपस
ओडिशा
की
राजधानी
भुवनेश्वर
और
महाराष्ट्र
के
मराठावाड़
जालना
में
भी
है।
इंस्टिट्यूट
में
13
अलग-अलग
डिपार्टमेंट्स
हैं।


कोर्सेज
:

इंस्टिट्यूट
से
स्पेशलिटी
केमिकल्स
टेक्नोलॉजी,
फाइबर्स
एंड
टेक्सटाइल
प्रोसेसिंग,
फूड
इंजीनियरिंग,
ऑयल्स,
ओलियोकेमिकल्स
एंड
सुर्फेकटेंट्स
इंजीनियरिंग,
पॉलीमर
एंड
सरफेस
इंजीनियरिंग
और
जनरल
इंजीनियरिंग
में
BE
कर
सकते
हैं।


ऐसे
मिलेगा
एडमिशन
:

इस
यूनिवर्सिटी
में
MHT-CET
एग्जाम
या
फिर
JEE
Mains
एग्जाम
के
स्कोर
के
बेसिस
पर
एडमिशन
ले
सकते
हैं।

1 अक्टूबर 1993 को यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी को अलग से स्टेट यूनिवर्सिटी के तौर पर स्थापित किया गया।


1
अक्टूबर
1993
को
यूनिवर्सिटी
ऑफ
बॉम्बे
के
डिपार्टमेंट
ऑफ
केमिकल
टेक्नोलॉजी
को
अलग
से
स्टेट
यूनिवर्सिटी
के
तौर
पर
स्थापित
किया
गया।