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मिनट
पहले
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कोर्ट
रूम
लाइव-
1
सिंघवी-
ED
का
12
जनवरी
को
दिया
जवाब
देखिए।
इसमें
कहा
गया
है
कि
पीएमएलए
की
धारा
50
के
तहत
समन
दिए
गए
व्यक्ति
को
आरोपी
तब
तक
नहीं
माना
जाता,
जब
तक
कि
सभी
सबूत
इकट्ठे
करके
औपचारिक
आरोप
नहीं
लगाए
जाते।
सिंघवी-
मुझे
(केजरीवाल)
समन
मिला
है।
इसके
मुताबिक
मैं
(केजरीवाल)
आरोपी
या
दोषी
नहीं
हूं।
आखिरी
समन
16
मार्च
को
आया
था।
इसमें
मुझे
21
मार्च
को
पेश
होने
कहा
गया।
यानी
साफ
है
कि
मैं
16
मार्च
तक
आरोपी
नहीं
हूं।
क्या
इसमें
अचानक
बदलाव
हुआ?
जस्टिस
खन्ना-
जब
तक
आपको
गिरफ्तार
नहीं
किया
जाता,
तब
तक
आप
आरोपी
नहीं
हैं।
सिंघवी-
मैंने
लिखित
में
पूछा
था
कि
क्या
मैं
(केजरीवाल)
आरोपी
हूं।
जब
उनके
मुताबिक
16
मार्च
तक
मैं
आरोपी
नहीं
था,
तब
वे
21
मार्च
को
गिरफ्तारी
की
जरूरत
को
अदालत
के
सामने
कैसे
रख
सकते
हैं।
सिंघवी-
जिन
सबूतों
के
आधार
पर
गिरफ्तारी
हुई,
वे
सभी
दिसंबर
2023
से
पहले
के
हैं।
हर
सबूत
जुलाई
2023
का
ही
है।
मनीष
सिसोदिया
के
मामले
में
भी
यही
सबूत
इस्तेमाल
किए
गए
थे।
मनी
ट्रेल
चार्ट
भी
वही
था।
सिंघवी-
मेरे
केस
में
बाकी
सब
आरोपियों
ने
पहले
कुछ
नहीं
कहा,
फिर
अचानक
उनके
बयान
आए।
आप
यह
भी
देखिए
कि
कैसे
दस्तावेजों
में
इन
आरोपियों
को
बचाने
वाली
बयान
जोड़े
गए।
ASG
राजू-
मैं
शिकायत
नहीं
कर
रहा
हूं,
लेकिन
उन्होंने
मुझे
इसकी
सॉफ्ट
कॉपी
नहीं
दी।
सिंघवी-
हमने
हार्ड
कॉपी
दी।