कद्दावर, किलेबंदी और किरदार। अरसे तक जेहन में यही अल्फाज कैसरगंज की सियासत का खाका खींचते रहे। चुनावी मौसम के मौजूदा दौर में कैसरगंज संसदीय सीट के लिए एक ही शब्द बिल्कुल सटीक बैठता है और वह है कौतूहल।
कद्दावर, किलेबंदी और किरदार। अरसे तक जेहन में यही अल्फाज कैसरगंज की सियासत का खाका खींचते रहे। चुनावी मौसम के मौजूदा दौर में कैसरगंज संसदीय सीट के लिए एक ही शब्द बिल्कुल सटीक बैठता है और वह है कौतूहल।