आधार को मिला ‘चेहरा’! अब ‘उदय’ से पूछें अपने सारे सवाल, चुटकी में मिलेंगे जवाब, दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी | Zee Business

आधार को मिला ‘चेहरा’! अब ‘उदय’ से पूछें अपने सारे सवाल, चुटकी में मिलेंगे जवाब, दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी | Zee Business

हर
नागरिक
की
पहचान
बन
चुके
आधार
कार्ड
से
जुड़ा
एक
बड़ा
अपडेट
सामने
आया
है.
अब
इसने
एक
दोस्ताना
रूप
ले
लिया
है.
UIDAI
ने
लोगों
के
साथ
अपनी
बातचीत
को
बेहतर
बनाने
के
लिए
एक
आधिकारिक
शुभंकर
यानी
Mascot
‘उदय’
पेश
किया
है.
कई
बार
लोगों
के
मन
में
आधार
पर
एड्रेस
अपडेट
करने,
वेरिफिकेशन
या
दूसरे
तरह
के
सवाल
होते
थे,
जिन्हें
वह
सीधे
पूछने
में
हिचकते
थे.
उदय
इसी
दूरी
को
मिटाएगा.

उदय
को
दिल्ली
और
तिरुवनंतपुरम
में
हुए
एक
कार्यक्रम
के
दौरान
8
जनवरी
2026
को
पेश
किया
गया.
इसकी
सबसे
खास
बात
ये
है
कि
इस
मस्कट
को
किसी
एजेंसी
ने
नहीं
बनाया,
ना
ही
किसी
एजेंसी
ने
इसका
नाम
सोचा
है,
बल्कि
इसे
आम
जनता
ने
तैयार
किया
है.
यह
कदम
दिखाता
है
कि
कैसे
‘डिजिटल
इंडिया’
की
सबसे
बड़ी
योजना
अब
पूरी
तरह
से
जन-भागीदारी
पर
आधारित
हो
गई
है.

‘उदय’
(Udai):
एक
दोस्त


Add
Zee
Business
as
a
Preferred
Source

UIDAI
के
अनुसार,
‘उदय’
केवल
एक
कार्टून
नहीं
है,
बल्कि
यह
करोड़ों
भारतीयों
के
लिए
एक
मार्गदर्शक
(Companion)
होगा.
उदय
की
मदद
से
मुश्किल
तकनीकी
नियमों
को
ासान
और
रोचक
तरीके
से
आप
समझ
सकेंगे.


क्या-क्या
सिखाएगा
उदय:

आधार
में
फोटो
या
पता
कैसे
अपडेट
करें?
बायोमेट्रिक
लॉक
कैसे
करें?
पेपरलेस
ऑफलाइन
वेरिफिकेशन
क्या
है?
अपने
आधार
को
सुरक्षित
तरीके
से
इस्तेमाल
कैसे
करें?
ये
सब
‘उदय’
बताएगा.

राष्ट्रीय
प्रतियोगिता
हुए
उदय
का
जन्म

‘उदय’
के
जन्म
की
कहानी
बहुत
ही
दिलचस्प
है.
UIDAI
ने
इसके
लिए
MyGov
पोर्टल
पर
एक
राष्ट्रीय
डिजाइन
और
नामकरण
प्रतियोगिता
का
आयोजन
किया
था.
इसमें
देशभर
से
छात्रों,
पेशेवरों
और
डिजाइनरों
ने
कुल
875
आवेदन
डाले.
उन्हें
कई
लेवल
पर
जांचा
गया,
ताकि
एक
ऐसा
मस्कट
चुना
जा
सके
जो
भारतीय
संस्कृति
और
आधुनिक
तकनीक
दोनों
को
दिखाए.

aadhaar

तो
किसने
बनाया
है
इसे?

इस
प्रतियोगिता
में
देश
के
अलग-अलग
कोनों
से
आए
हुनरमंदों
ने
बाजी
मारी
है.
पहले
बात
करते
हैं
उनकी,
जिन्होंने
डिजाइन
प्रतियोगिता
में
बाजी
मारी.


पहला
पुरस्कार:

अरुण
गोकुल
(त्रिशूर,
केरल)-
इन्होंने
‘उदय’
को
उसका
मौजूदा
स्वरूप
दिया.


दूसरा
पुरस्कार:

इदरीस
दवाईवाला
(पुणे,
महाराष्ट्र).


तीसरा
पुरस्कार:

कृष्णा
शर्मा
(गाजीपुर,
उत्तर
प्रदेश).

अब
बारी
आती
है
नामकरण
प्रतियोगिता
में
बाजी
मारने
वालों
की.


पहला
पुरस्कार:

रिया
जैन
(भोपाल,
मध्य
प्रदेश)-
इन्होंने
‘उदय’
नाम
सुझाया.


दूसरा
पुरस्कार:

इदरीस
दवाईवाला
(पुणे).


तीसरा
पुरस्कार:

महाराज
सरन
चेल्लापिला
(हैदराबाद).

कैसे
करें
उदय
से
बात?


आधार
के
मस्कट
उदय
से
बात
करने
के
लिए
आपको
आधार
यानी
UIDAI
की
वेबसाइट
(https://uidai.gov.in/)
पर
जाना
होगा.
वहीं
पर
आपको
होम
पेज
पर
ही
नीचे
की
तरफ
दाएं
कोने
में
आधार
का
ये
मस्कट
दिखेगा,
जिस
पर
आपको
क्लिक
करना
होगा.

udai


क्लिक
करते
ही
आपके
सामने
एक
बड़ा
सा
डायलॉग
बॉक्स
खुल
जाएगा.
वहां
आपको
Get
Started
पर
क्लिक
करना
होगा.

udai


इसके
बाद
आपके
सामने
एक
बॉक्स
खुलेगा,
जिसमें
आप
अपना
कोई
भी
सवाल
पूछ
सकते
हैं.
मान
लीजिए
आप
पूछते
हैं
कि
आधार
में
एड्रेस
कैसे
अपडेट
करें?

udai


जैसे
ही
आप
सवाल
पूछकर
एंटर
करेंगे,
आपको
तुरंत
उसका
जवाब
मिल
जाएगा.
साथ
ही
आपको
गाइड
करने
वाले
कुछ
दिशानिर्देश
भी
मिलेंगे.

udai


तो
आपके
मन
में
आधार
से
जुड़ा
जो
भी
सवाल
है,
आप
उसे
आधार
की
वेबसाइट
पर
जाकर
उदय
से
पूछ
सकते
हैं.

क्यों
जरूरी
था
एक
मस्कट?

UIDAI
के
अध्यक्ष
नीलकंठ
मिश्रा
ने
बताया
कि
आधार
अब
एक
अरब
से
ज्यादा
लोगों
की
जिंदगी
का
हिस्सा
है.
ऐसे
में
एक
मस्कट
के
जरिए
उन
लोगों
तक
पहुंचना
आसान
होता
है
जो
बहुत
ज्यादा
पढ़े-लिखे
नहीं
हैं
या
जो
लोग
तकनीकी
शब्दावली
से
डरते
हैं.
जैसे-जैसे
आधार
में
नई
तकनीकें

रही
हैं,
‘उदय’
इनके
बारे
में
जागरूकता
फैलाएगा.

क्या
बोले
अधिकारी?

CEO
भुवनेश
कुमार
ने
कहा
कि
मस्कट
का
नाम
और
डिजाइन
जनता
से
मांगकर
UIDAI
ने
आधार
के
मूल
सिद्धांत
को
दोहराया
है,
जो
ये
है
कि
भागीदारी
ही
स्वीकृति
और
विश्वास
बनाती
है.
वहीं
DDG
विवेक
सी
वर्मा
ने
कहा
कि
‘उदय’
अब
लोगों
को
आधार
से
जुड़ी
तमाम
जानकारियां
आसानी
से
उपलब्ध
कराएगा.

Conclusion

आधार
का
मस्कट
‘उदय’
भारतीय
सार्वजनिक
सेवाओं
के
आधुनिकीकरण
का
एक
नया
प्रतीक
है.
यह

केवल
आधार
की
पहुंच
को
बढ़ाएगा,
बल्कि
धोखाधड़ी
और
गलत
जानकारियों
के
खिलाफ
लड़ने
में
भी
मदद
करेगा.
जब
लोग
किसी
चेहरे
(Mascot)
से
जुड़ते
हैं,
तो
जानकारी
को
समझना
और
उसे
अपनाना
आसान
हो
जाता
है.
‘उदय’
का
उदय
भारतीय
डिजिटल
यात्रा
में
एक
और
मील
का
पत्थर
है.

अक्सर
पूछे
जाने
वाले
सवाल
(FAQs)

1-
क्या
‘उदय’
कोई
मोबाइल
ऐप
है?

नहीं,
‘उदय’
UIDAI
का
एक
शुभंकर
(Mascot)
है
जो
विज्ञापनों,
वेबसाइट
और
सोशल
मीडिया
पर
जानकारी
देने
के
लिए
इस्तेमाल
होगा.

2-
‘उदय’
नाम
किसने
रखा
है?

भोपाल
की
रिया
जैन
ने
नामकरण
प्रतियोगिता
जीतकर
इस
मस्कट
को
‘उदय’
नाम
दिया
है.

3-
उदय
मस्कट
का
मुख्य
काम
क्या
होगा?

इसका
मुख्य
काम
आधार
अपडेट,
वेरिफिकेशन
और
सुरक्षा
से
जुड़ी
जानकारियों
को
सरल
भाषा
में
लोगों
तक
पहुंचाना
है.

4-
क्या
मैं
‘उदय’
से
चैट
कर
सकता
हूं?

भविष्य
में
UIDAI
इसे
एक
AI
चैटबॉट
के
रूप
में
भी
पेश
कर
सकता
है,
लेकिन
फिलहाल
यह
संचार
के
लिए
एक
दृश्य
पात्र
(Visual
Character)
है.

5-
प्रतियोगिता
के
विजेताओं
को
पुरस्कार
कहां
मिला?

विजेताओं
को
तिरुवनंतपुरम
में
आयोजित
एक
समारोह
में
UIDAI
के
अध्यक्ष
की
तरफ
से
सम्मानित
किया
गया.


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