Bihar
Farmer
ID
: बिहार
सरकार
के
राजस्व
एवं
भूमि
सुधार
विभाग
ने
राज्य
के
किसानों
से
अपील
की
है
कि
वे
फार्मर
आईडी
निबंधन
की
प्रक्रिया
को
निर्धारित
समय
सीमा
के
भीतर
अनिवार्य
रूप
से
पूरा
कर
लें।
किसानों
की
सुविधा
को
ध्यान
में
रखते
हुए
फार्मर
आईडी
बनाने
की
अंतिम
तिथि
को
एक
दिन
के
लिए
बढ़ाकर
अब
10
जनवरी
कर
दिया
गया
है।
विभाग
द्वारा
06
जनवरी
से
पूरे
राज्य
में
कैम्प
मोड
में
फार्मर
आईडी
निबंधन
का
कार्य
किया
जा
रहा
है।
विभागीय
अधिकारियों
के
अनुसार,
अब
निबंधन
के
लिए
केवल
दो
दिन
शेष
हैं।
09
और
10
जनवरी
को
राज्य
की
सभी
पंचायतों
में
पंचायत
भवनों
पर
विशेष
शिविर
लगाकर
किसानों
का
फार्मर
आईडी
निबंधन
किया
जाएगा।
इन
शिविरों
का
उद्देश्य
अधिक
से
अधिक
किसानों
को
फार्मर
आईडी
से
जोड़ना
और
उन्हें
केंद्र
व
राज्य
सरकार
की
योजनाओं
का
सीधा
लाभ
उपलब्ध
कराना
है।
राजस्व
एवं
भूमि
सुधार
विभाग
के
वरीय
अधिकारियों
ने
बताया
कि
फार्मर
आईडी
बनना
किसानों
के
लिए
अत्यंत
लाभकारी
है।
इसके
माध्यम
से
प्रधानमंत्री
किसान
सम्मान
निधि
योजना
की
राशि
सीधे
किसानों
के
बैंक
खाते
में
भेजी
जाएगी।
इसके
अलावा
कृषि
विभाग
द्वारा
संचालित
विभिन्न
योजनाओं
जैसे
बीज
अनुदान,
फसल
सहायता,
कृषि
यंत्र
अनुदान,
सिंचाई
सुविधा
और
अन्य
सरकारी
लाभ
योजनाओं
का
फायदा
पात्र
किसानों
को
बिना
किसी
परेशानी
के
मिल
सकेगा।
फार्मर
आईडी
निबंधन
की
प्रक्रिया
के
दौरान
किसानों
की
जमाबंदी
का
शुद्धिकरण
भी
किया
जाएगा।
इससे
भूमि
रिकॉर्ड
में
त्रुटियों
को
दूर
करने
में
मदद
मिलेगी
और
भविष्य
में
भूमि
से
संबंधित
विवादों
की
संभावना
कम
होगी।
विभाग
का
मानना
है
कि
फार्मर
आईडी
के
माध्यम
से
किसानों
का
एक
सटीक
और
अद्यतन
डेटाबेस
तैयार
किया
जा
सकेगा,
जो
कृषि
नीतियों
को
प्रभावी
ढंग
से
लागू
करने
में
सहायक
होगा।
शिविर
में
निबंधन
कराने
के
लिए
किसानों
से
अपील
की
गई
है
कि
वे
आवश्यक
दस्तावेज
अपने
साथ
अवश्य
लाएं।
इनमें
आधार
कार्ड,
सक्रिय
मोबाइल
नंबर
और
लगान
रसीद
प्रमुख
रूप
से
शामिल
हैं।
निबंधन
की
प्रक्रिया
पूरी
तरह
निशुल्क
है
और
इसके
लिए
किसी
भी
प्रकार
का
शुल्क
नहीं
लिया
जा
रहा
है।
यदि
किसी
किसान
को
किसी
तरह
की
समस्या
आती
है
तो
मौके
पर
मौजूद
कर्मियों
से
सहायता
ली
जा
सकती
है।
उल्लेखनीय
है
कि
राज्य
के
सभी
38
जिलों
में
फार्मर
आईडी
निबंधन
का
कार्य
मिशन
मोड
में
संचालित
किया
जा
रहा
है।
इस
अभियान
की
निगरानी
के
लिए
विभाग
के
प्रधान
सचिव
सी.के.
अनिल
ने
स्पष्ट
दिशा-निर्देश
जारी
किए
हैं।
अभियान
को
सफल
बनाने
के
उद्देश्य
से
15
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
विभिन्न
जिलों
में
प्रतिनियुक्त
किया
गया
है,
जो
निबंधन
कार्य
की
सतत
निगरानी
और
प्रगति
सुनिश्चित
कर
रहे
हैं।
प्रधान
सचिव
सी.के.
अनिल
ने
कहा
कि
फार्मर
आईडी
किसानों
के
हित
में
एक
महत्वपूर्ण
पहल
है।
इससे
न
केवल
सरकारी
योजनाओं
का
लाभ
समय
पर
मिलेगा,
बल्कि
कृषि
क्षेत्र
में
पारदर्शिता
और
सुशासन
भी
सुनिश्चित
होगा।
उन्होंने
सभी
किसानों
से
अनुरोध
किया
है
कि
वे
अंतिम
तिथि
की
प्रतीक्षा
न
करें
और
अपने
पंचायत
भवन
में
आयोजित
शिविर
में
पहुंचकर
फार्मर
आईडी
निबंधन
अवश्य
कराएं।
सरकार
का
लक्ष्य
है
कि
राज्य
का
कोई
भी
पात्र
किसान
फार्मर
आईडी
से
वंचित
न
रहे।
ऐसे
में
किसानों
से
अपील
है
कि
वे
इस
अवसर
का
लाभ
उठाएं
और
10
जनवरी
से
पहले
अपना
निबंधन
पूरा
कर
सरकारी
योजनाओं
का
निर्बाध
लाभ
सुनिश्चित
करें।