

हाइलाइट्स
पॉलीहाउस
सब्सिडी
पाने
के
लिए
ऑनलाइन
कर
सकते
हैं
आवेदन.
पॉलीहाउस
और
शेड
नेट
में
फसलों
पर
कीटों
का
आक्रमण
होता
है
कम.
संरक्षित
खेती
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
बिहार
सरकार
लाई
है
यह
योजना.
नई
दिल्ली.
खेती
से
भी
अच्छी
कमाई
हो
सकती
है,
बशर्ते
की
किसान
आधुनिक
तकनीक,
बीज
और
सस्य
क्रियाओं
को
अपनाएं.
किसानों
को
आधुनिक
तरीके
से
खेती
करने
और
नई
तकनीकों
को
अपनाने
को
प्रोत्साहित
करने
को
सरकार
कई
योजनाएं
चला
रही
हैं.
संरक्षित
खेती
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
बिहार
सरकार
भी
किसानों
को
बागवानी
विकास
योजना
के
अंतर्गत
पॉलीहाउस
और
शेड
नेट
लगाने
पर
आर्थिक
सहायता
प्रदान
कर
रही
है.
शेड
नेट
और
पॉलीहाउस
लगाने
पर
होने
वाले
खर्च
का
आधा
हिस्सा
सरकार
सब्सिडी
के
रूप
में
किसानों
को
दे
रही
है.
इस
योजना
का
लाभ
उठाने
के
लिए
किसान
ऑनलाइन
आवेदन
कर
सकते
हैं.
पॉलीहाउस
और
नेटहाउस
लगाकर
किसान
कम
जगह
में
ज्यादा
पैदावार
कम
खर्च,
मेहनत
और
पानी
में
ले
सकते
हैं.
इनमें
उगाए
गए
फल
और
सब्जियों
की
गुणवता
भी
शानदार
होती
है,
लिहाजा
किसान
को
अपनी
फसल
का
दाम
भी
अच्छा
मिलता
है.
पॉलीहाउस
में
आप
जब
चाहे
वो
सब्जी
उगा
सकते
हैं,
क्योंकि
इसमें
तापमान
को
फसल
की
जरूरत
के
अनुसार
नियंत्रित
किया
जा
सकता
है.
पॉलीहाउस
और
नेट
हाउस
लगाने
को
किसान
भी
आगे
आ
रहे
हैं.
किसानों
की
रुचि
को
देखते
हुए
ही
अब
केंद्र
और
विभिन्न
राज्यों
की
सरकारें
भी
इस
आधुनिक
तकनी
को
बढ़ावा
देने
में
लगी
हुई
हैं.
पॉलीहाउस
और
शेड
नेट
का
लाभ
|@SAgarwal_IAS
@abhitwittt
@Agribih
@AgriGoI#Polyhouse
#shadenethouse
#agriculture
#Horticulture
#Bihar
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Directorate
Of
Horticulture,
Deptt
of
Agri,
Bihar
(@HorticultureBih)
May
15,
2024
कितनी
मिलेगी
सब्सिडी
बिहार
कृषि
विभाग
की
ओर
से
किए
गए
ट्वीट
के
अनुसार,
संरक्षित
खेती
द्वारा
बागवानी
विकास
योजना
के
अंतर्गत
पॉलीहाउस
और
शेड
नेट
की
मदद
से
फसलों
की
खेती
करने
के
लिए
सरकार
50
फीसदी
की
सब्सिडी
दे
रही
है.
इसमें
किसानों
को
पॉलीहाउस
लगाने
के
लिए
प्रति
वर्ग
मीटर
की
इकाई
लागत
935
रुपये
पर
50
फीसदी
यानी
467
रुपये
दिया
जाएगा.
साथ
ही
शेड
नेट
के
लिए
प्रति
वर्ग
मीटर
की
इकाई
710
रुपये
पर
50
फीसदी
355
रुपये
दिया
जाएगा.
इस
योजना
का
लाभ
उठाने
के
लिए
आप
https://horticulture.bihar.gov.in/
पर
जाकर
आवेदन
कर
सकते
हैं.
खर्च
कम
मुनाफा
ज्यादा
पॉलीहाउस
और
शेड
नेट
में
खेती
करने
से
खर्च
कम
होता
है
और
मुनाफा
ज्यादा.
पॉलीहाउस
में
उगाई
गई
फसल
पर
कीटों
का
आक्रमण
90
फीसदी
तक
कम
होता
है.
नतीजन
किसान
का
कीटनाशकों
का
खर्च
बच
जाता
है.
साथ
ही
इनमें
सिंचाई
के
लिए
भी
‘टपका
विधि’
का
इस्तेमाल
होता
है.
इस
विधि
से
सिंचाई
करने
पर
पानी
की
90
फीसदी
बचत
होती
है.
Tags:
Agriculture,
Bihar
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Sarkari
Yojana
FIRST
PUBLISHED
:
May
20,
2024,
16:23
IST