4 जून को चली परिवर्तन की लहर तो क्या थर्रा जाएगा शेयर बाजार? BJP को मिला बहुमत तो क्या..?

4 जून को चली परिवर्तन की लहर तो क्या थर्रा जाएगा शेयर बाजार? BJP को मिला बहुमत तो क्या..?


नई
दिल्ली.

नेशनल
इलेक्शन
का
आखिरी
चरण
चल
रहा
है.
वोटिंग
आज
शनिवार
शाम
को
समाप्त
हो
रही
है.
मतगणना
4
जून
को
होने
वाली
है,
जिसके
नतीजों
का
इंतज़ार
सभी
नागरिकों
को
तो
है
ही,
साथ
ही
शेयर
बाजार
भी
नतीजों
के
इंतजार
में
ऊपर-नीचे
हो
रहा
है.
आज
शाम
को
मतदान
खत्म
होने
के
बाद
सभी
न्यूज़
चैनलों
पर
एग्जिट
पोल
चलेंगे.
संभावना
यही
है
कि
विभिन्न
एजेंसियों
द्वारा
किए
गए
पोल
अलग-अलग
परिणाम
देंगे.
आज
के
एग्जिट
पोल
हालांकि
कुछ
हद
तक
साफ
कर
देंगे
कि
कौन-सी
पार्टी
सरकार
बनाने
वाली
है.

आज
शनिवार
है.
फाइनल
परिणाम
हमें
मंगलवार
(4
जून)
को
मिलेगा.
नतीजों
के
दिन
को

गिनें
तो
केवल
सोमवार
का
ही
ऐसा
दिन
है,
जब
शेयर
बाजार
खुलेगा.
आज
एग्जिट
पोल
में
कुछ
हद
तक
परिणामों
की
तस्वीर
साफ
होगी.
हालांकि
इस
बात
की
कोई
गारंटी
नहीं
कि
एग्जिट
पोल
सही
ही
होंगे.
4
जून
को
जब
वोटों
का
पिटारा
खुलेगा
तो
असली
नतीजा
हमारे
सामने
होगा.
ऐसे
में
शेयर
बाजार
के
एक्सपर्ट
मानते
हैं
कि
मार्केट
स्थिति
साफ
होने
का
इंतजार
करना
चाहेगा.
उसके
बाद
आगे
की
चाल
निर्धारित
करेगा.



पढ़ें

सरकारी
कंपनियों
को
FY2024
में
लगे
पंख,
खूब
हुई
कमाई,
इन
5
पीएसयू
ने
तो
जमकर
कूटा
मुनाफा

तो…
चुनावों
में
परिणाम
की
तीन
संभावित
स्थितियां
बन
सकती
हैं.
पहली
स्थिति-
भारतीय
जनता
पार्टी
(BJP)
पूर्ण
और
बड़े
बहुमत
के
साथ
सरकार
बनाए.
दूसरी
स्थिति-
सरकार
तो
बीजेपी
की
बने,
मगर
सीटें
कम
हों.
तीसरी
स्थिति-
महागठबंधन
(जिसमें
कांग्रेस,
आम
आदमी
पार्टी,
समाजवादी
पार्टी,
राजद
समेत
2
दर्जन
से
अधिक
दल
शामिल
हैं)
की
सरकार
बने.


बड़े
बहुमत
से
बीजेपी
की
सरकार
बनी
तो?

एनडीटीवी
ने
ITI
म्यूचुअल
फंड्स
के
चीफ
इन्वेस्टिंग
ऑफिसर
राजेश
भाटिया
को
कोट
करते
हुए
लिखा
कि
2019
में
भारतीय
जनता
पार्टी
को
303
सीटें
मिली
थीं.
इस
बार
अगर
बीजेपी
को
2019
से
अधिक
सीट
मिलती
हैं
तो
इक्विटी
मार्केट
जबरदस्त
रैली
दिखा
सकती
है.
ऐसा
इसलिए
होगा,
क्योंकि
सरकार
इंफ्रास्ट्रक्चर
पर
बहुत
ज्यादा
खर्च
करेगी
और
साथ
ही
मैन्युफैक्चरिंग
सेक्टर
से
भी
अच्छा
पुश
मिलने
की
संभावना
है.
बिजनेस
टुडे
ने
असेट
मैनेजमेंट
फर्म
IFA
ग्लोबल
के
फाउंडर
अभिषेक
गोयनका
के
हवाले
से
लिखा
है
कि
यदि
बीजेपी
को
भारी
बहुमत
मिलता
है
तो
निफ्टी-फिफ्टी
4-5
फीसदी
तक
का
जबरदस्त
उछाल
दिखा
सकता
है.


कम
सीटों
के
साथ
बीजेपी
की
सरकार
बनी
तो?

भाजपा
नीत
गठबंधन
की
सरकार
में
दूसरा
सीन
यह
बनता
है
कि
भारतीय
जनता
पार्टी
को
कुछ
काम
सीटें
मिलें.
यदि
बीजेपी
को
272
से
अधिक
सीटें
मिलती
हैं
तो
वह
सरकार
बनाने
के
लिए
पर्याप्त
होंगी,
मगर
2019
के
मुकाबले
में
सीटों
का
काम
होना,
शेयर
बाजार
के
लिए
ज़रा
चिंता
का
विषय
हो
सकता
है.
हालांकि
एक्सपर्ट
मानकर
चल
रहे
हैं
कि
शेयर
बाजार
अभी
तक
इसी
हिसाब
से
एडजस्ट
होने
की
कोशिश
कर
रहा
है.
हालांकि
कुछ
एक्सपर्ट
इसे
भी
बाजार
के
लिए
अच्छा
संकेत
समझ
रहे
हैं.
सैमको
ऐसेट
मैनेजमेंट
के
उमाशंकर
मेहता
का
कहना
है
कि
सीटें
कम
आएं,
मगर
सरकार
बीजेपी
की
बने
तो
भी
मार्केट
की
दिशा
बदलने
वाली
नहीं
है.


महागठबंधन
की
सरकार
बनी
तो?

शेयर
बाजार
आगे
बढ़ने
रहने
के
लिए
एक
स्थायी
सरकार
की
मांग
करता
है.
महागठबंधन
में
चूंकि
लगभग
28
दल
शामिल
हैं
और
यदि
वे
सरकार
बनाते
हैं
तो
स्थायीत्व
का
एक
मसला
सामने

सकता
है.
प्रधानमंत्री
कौन
होगा,
और
देश-विदेश-वित्त
समेत
अन्य
मंत्री
कौन
होंगे,
इस
चीज
को
साफ
होने
में
काफी
समय
लग
सकता
है.
एक्सपर्ट
कयास
लगा
रहे
हैं
कि
अगर
महागठबंधन
की
सरकार
बनने
का
सीन
बना
तो
शेयर
बाजार
में
बड़ी
बिकवाली
देखने
को
मिल
सकती
है.
यह
बिकवाली
तब
तक
जारी
रह
सकती
है,
जब
तक
कि
नई
सरकार
और
उसकी
नीतियां
साफ
नहीं
हो
जातीं.

आईसीआईसीआई
प्रूडेंशियल
म्यूचुअल
फंड
के
मितुल
कालावाडिया
कहा
कहना
है
कि
बाजार
निरंतरता
चाहता
है,
ऐसे
में
अगर
वर्तमान
सरकार
हारती
दिखेगी
तो
उसके
लिए
यह
बड़ा
झटका
होगा.
कालावाडिया
ने
हालांकि
यह
भी
कहा
कि
लम्बे
समय
में
स्थितियां
कैसी
होंगी,
यह
तो
बाद
में
पता
चलेगा,
मगर
शॉर्ट
टर्म
में
यह
नकारात्मक
असर
डालेगा.
कुछ
अन्य
एक्सपर्ट
ऐसी
स्थिति
में
बाजार
के
10
से
20
फीसदी
तक
गिरने
की
संभावनाएं
जता
रहे
हैं.

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