आख‍िर बच्‍चे ऐसा क्‍यों कर रहे…अजीब ट्रेंड देखकर CJI ने सरकार से पूछा सवाल, कहा-ज‍ितना जल्‍दी हो सके कोर्ट को बताएं

आख‍िर बच्‍चे ऐसा क्‍यों कर रहे…अजीब ट्रेंड देखकर CJI ने सरकार से पूछा सवाल, कहा-ज‍ितना जल्‍दी हो सके कोर्ट को बताएं

देश
के
मुख्‍य
न्‍यायाधीश
जस्टिस
डी
वाई
चंद्रचूड़
गुरुवार
को
एक
ऐसे
मामले
पर
अटक
गए,
जहां
उन्‍हें
कुछ
समझ
नहीं

रहा
था.
आख‍िर
बच्‍चे
ऐसा
क्‍यों
कर
रहे
हैं.
उन्‍होंने
तुरंत
केंद्रीय
स्‍वास्‍थ्‍य
मंत्रालय
को
तलब
कर
ल‍िया.
कहा-जितना
जल्‍दी
हो
सके
हलफनामा
दायर
कर
कोर्ट
को
बताएं
क‍ि
ये
क्‍यों
हो
रहा
है.

दरअसल,
CJI
डी
वाई
चंद्रचूड़
के
सामने
एक
याच‍िका
सुनवाई
के
ल‍िए
आई,
जिसमें
बच्‍चों
की
खुदकुशी
का
मामला
बढ़ने
की
बात
कही
गई
थी.
वकील
गौरव
बंसल
ने
कोर्ट
को
बताया
क‍ि
दिल्ली
पुलिस
की
ओर
से
आरटीआई
में
जो
जवाब
द‍िया
गया
है,
उसके
अनुसार,
2014
से
2018
के
बीच
दिल्ली
में
18
वर्ष
से
कम
आयु
के
400
से
अधिक
छात्रों
ने
आत्महत्या
कर
ली.


अब
तक
क्‍या
प्रयास
क‍िए
गए

चीफ
जस्‍ट‍िस
यह
सुनकर
काफी
च‍िंंतित
हो
गए.
उन्‍होंने
केंद्रीय
स्‍वास्‍थ्‍य
मंत्रालय
से
पूछा
क‍ि
आत्‍महत्‍या
को
रोकने
के
ल‍िए
सरकार
की
ओर
से
अब
तक
क्‍या
प्रयास
क‍िए
गए
हैं.
सुप्रीम
कोर्ट
ने
कहा,
बच्चों
द्वारा
की
जा
रही
आत्महत्या
एक
बहुत
ही
गंभीर
सामाजिक
मुद्दा
है.
हमें
जानना
है
क‍ि
ये
क्‍यों
हो
रहा
है
और
सरकार
ने
इसे
रोकने
के
ल‍िए
कौन-कौन
से
कदम
उठाए
हैं.
नेशनल
क्राइम
रिकार्ड
ब्यूरो
(NCRB)
की
इस
साल
अप्रैल
में
जारी
रिपोर्ट
के
मुताबिक
वर्ष
2022
में
भारत
में
1.71
लाख
लोगों
ने
आत्महत्या
की
थी.


FIRST
PUBLISHED
:

July
11,
2024,
19:48
IST