किसानी से ऊबा मन तो जहन में जागा फितूर, ₹28 लाख खर्च कर खुद के खिलाफ रचा ‘खेल’

किसानी से ऊबा मन तो जहन में जागा फितूर, ₹28 लाख खर्च कर खुद के खिलाफ रचा ‘खेल’



IGI
Airport
Police:


हरियाणा
के
एक
छोटे
से
गांव
मल्‍लौर
में
किसानी
कर
अपना
गुजर
बसर
कर
रहे
नवजोत
सिंह
की
आंखों
में
आज
भी
कनाडा
शहर
बसा
हुआ
था.
रह-रह
कर
उसके
मन
में
यह
फितूर
उठता
कि
वह
किसी
भी
तरह
से
कनाडा
चला
जाए,
लेकिन
बीते
समय
हुआ
उसका
एक
गुनाह
हर
बार
उसके
कदम
रोक
लेता
था.
करीब
दो
साल
की
किसानी
के
बाद
नवजोत
का
मन
खेती
से
पूरी
तरह
से
उचट
गया
और
उसने
किसी
भी
कीमत
में
कनाडा
जाने
का
फैसला
कर
लिया. 


इस
फैसले
को
अंजाम
देने
के
लिए
नवजोत
ने
एक
ऐसा
खेल
खेला,
जिसमें
धीरे-धीरे
वह
खुद
ही
फंसता
चला
गया.
चूंकि
नवजोत
को
पता
था
कि
उसे
कनाडा
के
इमीग्रेशन
डिपार्टमेंट
ने
उसे
ब्‍लैक
लिस्‍ट
कर
रखा
है,
लिहाजा
वह
अपने
पासपोर्ट
पर
अपने
सपनों
के
देश
नहीं
जा
सकता
है.
एक
दिन
नवजोत
ने
बातों
ही
बातों
में
अपने
एक
दोस्‍त
से
कनाडा
जाने
की
ख्‍वाहिश
का
जिक्र
किया.
इसी
बातचीत
के
दौरान,
उसके
दोस्‍त
ने
बताया
कि
वह
ऐसे
शख्‍स
को
जानता
है,
जो
उसकी
कनाडा
जाने
में
मदद
कर
सकता
है. 


कनाडा
ने
नवजोत
को
क्‍यों
किया
था
ब्‍लैकलिस्‍ट


उल्‍लेखनीय
है
कि
नवजोत
सिंह
ने
2019
में
भी
एक
बार
गैर
कानूनी
रास्‍तों
से
अमेरिका
जाने
की
कोशिश
की
थी.
इस
कोशिश
के
दौरान,
वह
अमेरिकी
सुरक्षा
एजेंसियों
के
हाथ
लग
गया
था,
जिसके
बाद
उसे
अमृतसर
एयरपोर्ट
के
लिए
मई
2020
में
डिपोर्ट
कर
दिया
गया
था.
इस
मामले
में,
नवजोत
के
खिलाफ
अमृतसर
पुलिस
ने
भी
एक
केस
रजिस्‍टर्ड
किया
था.
इसी
डिपोर्टेशन
के
वजह
से
नवजोत
सिंह
का
नाम
और
पासपोर्ट

केवल
अमेरिका,
बल्कि
कनाडा
के
इमीग्रेशन
डिपार्टमेंट
ने
ब्‍लैक
लिस्‍ट
में
डाल
दिया
था.  


दोस्‍त
ने
कराई
मोहाली
के
ट्रैवल
एजेंट
से
मुलाकात


आईजीआई
एयरपोर्ट
पुलिस
उपायुक्‍त
उषा
रंगनानी
के
अनुसार,
अपने
एक
दोस्‍त
की
मदद
से
नवजोत
मोहाली
के
एक
एजेंट
सपिंदर
सिंह
से
मिला.
मुलाकात
के
दौरान,
सपिंदर
सिंह
ने
भरोसा
दिलाया
कि
वह
गैर
कानूनी
रास्‍ते
उसको
कनाडा
भेज
सकता
है.
नवजोत
और
सपिंदर
के
बीच
यह
डील
28
लाख
रुपए
में
तय
हुई.
डील
होने
के
बाद
सपिंदर
ने
नवजोत
की
मुलाकात
जगदेव
सिंह
अहूजा
नामक
ट्रैवल
से
कराई.
जगदेव
सिंह
ने
ही
नवजोत
की
तरह
दिखने
वाले
हरदीप
सिंह
नामक
शख्‍स
का
पासपोर्ट
अरेंज
किया
था. 


पूछताछ
में
हुआ
हर
राज
का
सिलसिलेवार
खुलासा


डीसीपी
उषा
रंगनानी
के
अनुसार,
नवजोत
ने
पूछताछ
के
दौरान
खुलासा
किया
था
कि
28
लाख
रुपए
की
डील
में
छह
लाख
रुपए
का
भुगतान
सपिंदर
को
किया
जा
चुका
था,
जबकि
बाकी
की
रकम
का
भुगतान
वह
कनाडा
पहुंच
कर
करने
वाला
था.
वह
अपने
मंसूबों
में
सफल
हो
पता,
इससे
पहले
उसे
आईजीआई
एयरपोर्ट
पर
अरेस्‍ट
कर
लिया
गया.
वहीं,
आईजीआई
एयरपोर्ट
से
गिरफ्तार
के
बाद
नवजोत
से
पूछताछ
के
दौरान
सपिंदर
सिंह
और
जगदेव
सिंह
नामक
दोनों
एजेंट्स
के
नामों
का
खुलासा
किया
था.


एयरपोर्ट
पुलिस
ने
दोनों
एजेंट्स
को
किया
अरेस्‍ट


डीसीपी
उषा
रंगनानी
के
अनुसार,
नवजोत
के
खुलासे
के
बाद
एसीपी
वीकेपीएस
यादव
के
नेृतत्‍व
में
एक
टीम
गठित
की
गई,
इस
टीम
में
इंस्‍पेक्‍टर
राज
कुमार
यादव,
सब
इंस्‍पेक्‍टर
राजेश
और
हेड
कॉन्‍स्‍टेबल
अशोक
भी
शामिल
थे.
पुलिस
ने
नवजोत
की
निशानदेही
पर
सपिंदर
सिंह
और
जगदेव
सिंह
नामक
दोनों
एजेंट्स
को
गिरफ्तार
कर
लिया
गया
है.
अब
आईजीआई
एयरपोर्ट
में
कैसे
पुलिस
की
गिरफ्त
में
आया
नवजोत,
जानने
के
लिए



‘कनाडा
जाने
को
आया
IGIA,
चेक-इन
के
दौरान
हुई
गड़बड़,
फोटो
ने
फेरा
सपने
पर
पानी’


पर


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