नई
दिल्ली.
भारत
राष्ट्र
समिति
(BRS)
नेता
के.
कविता
ने
कथित
आबकारी
नीति
घोटाले
के
संबंध
में
सीबीआई
द्वारा
दर्ज
भ्रष्टाचार
के
मामले
में
जमानत
के
लिए
बुधवार
को
दिल्ली
हाईकोर्ट
का
दरवाजा
खटखटाया. न्यायमूर्ति
स्वर्णकांता
शर्मा
गुरुवार
को
अधीनस्थ
अदालत
के
आदेश
के
खिलाफ
उनकी
याचिका
के
साथ-साथ
जमानत
याचिका
पर
सुनवाई
करेगी.
अदालत
ने
इस
आदेश
में
सीबीआई
को
उनसे
पूछताछ
करने
की
अनुमति
दी
थी.
कथित
घोटाले
के
संबंध
में
प्रवर्तन
निदेशालय
(ईडी)
और
सीबीआई
द्वारा
दर्ज
दोनों
मामलों
में
कविता
न्यायिक
हिरासत
में
हैं.
ईडी
मामले
में
उनकी
जमानत
याचिका
हाईकोर्ट
में
लंबित
है.
अधीनस्थ
अदालत
ने
छह
मई
को
भ्रष्टाचार
के
मामले
के
साथ-साथ
उस
मामले
में
भी
कविता
की
जमानत
याचिका
खारिज
कर
दी
थी,
जिसमें
ईडी
धन
शोधन
से
जुड़े
मामले
की
जांच
कर
रही
है.
यह
भी
पढ़ें:- खेत
गिरवी
रखकर
लड़
रहा
चुनाव…
लेकिन
वोटिंग
से
पहले
ही
हो
गया
बड़ा
‘खेला’,
दिलचस्प
है
इस
उम्मीदवार
का
किस्सा
24
मई
को
कोर्ट
करेगा
सुनवाई…
यह
‘‘घोटाला’’
2021-22
के
लिए
दिल्ली
सरकार
की
शराब
नीति
को
तैयार
और
क्रियान्वित
करने
में
कथित
भ्रष्टाचार
और
धन
शोधन
से
संबंधित
है.
इस
नीति
को
बाद
में
रद्द
कर
दिया
गया
था. ईडी
ने
15
मार्च
को
कविता
(46)
को
हैदराबाद
में
बंजारा
हिल्स
स्थित
उनके
आवास
से
गिरफ्तार
किया
था.
हाईकोर्ट
ने
10
मई
को
धन
शोधन
मामले
में
जमानत
के
लिए
कविता
की
याचिका
पर
जवाब
दाखिल
करने
के
लिए
ईडी
को
समय
दिया
और
आगे
की
सुनवाई
के
के
लिए
मामले
को
24
मई
के
लिए
सूचीबद्ध
किया
था.

मेरा
कोई
लेना-देना
नहीं…
बीआरएस
नेता
ने
हाईकोर्ट
में
दायर
अपनी
जमानत
याचिका
में
कहा
है
कि
उनका
आबकारी
नीति
से
‘‘कोई
लेना-देना’’
नहीं
है
और
उनके
खिलाफ
‘‘केंद्र
में
सत्तारूढ़
दल
ने
प्रवर्तन
निदेशालय
की
सक्रिय
मिलीभगत
से’’
आपराधिक
साजिश
रची
है.
दिल्ली
शराब
घोटाले
में
के
कविता
पर
आरोप
है
कि
उन्होंने
दक्षिण
भारत
के
व्यापारियों
और
दिल्ली
सरकार
के
बीच
बिचौलिए
की
भूमिका
निभाई
थी.
100
करोड़
का
फायदा
शराब
व्यापारियों
को
पहुंचाया
गया.
बदले
में
45
करोड़
की
मदद
दिल्ली
सरकार
को
गोवा
चुनाव
2022
में
की
गई.
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FIRST
PUBLISHED
:
May
15,
2024,
22:26
IST