कोटा रेल मंडल देगा यात्रियों को खुशखबरी, 160 KM प्रति घंटे से दौड़ेगी ट्रेनें

कोटा रेल मंडल देगा यात्रियों को खुशखबरी, 160 KM प्रति घंटे से दौड़ेगी ट्रेनें


हिमांशु
मित्तल.


कोटा.

यात्रियों
के
समय
की
बचत
करने
और
ट्रेनों
की
स्पीड
बढ़ाने
के
लिए
अब
कोटा
रेल
मंडल
में
भी
थिक
वेब
स्वीच
लगाने
का
काम
तेजी
से
चल
रहा
है.
थिक
वेब
स्वीच
के
उपयोग
से
ट्रेनों
की
रफ्तार
160
किमी
प्रतिघंटा
ले
जाई
जा
सकेगी.
कोटा
रेल
मंडल
थिक
वेब
स्वीच
लगाने
का
काम
तेजी
से
कर
रहा
है
ताकि
ट्रेनों
की
रफ्तार
को
जल्द
से
जल्द
और
स्पीड
पर
चलाया
जा
सके.
इससे
केवल
ट्रेनों
की
स्पीड
ही
नहीं
बढ़ेगी
बल्कि
रेलवे
को
और
भी
कई
फायदे
होंगे.

रेलवे
अधिकारियों
के
अनुसार
पटरियों
पर
ट्रेनों
की
दिशा
बदलने
के
लिए
टर्न
आउट
लगे
होते
हैं.
अभी
तक
उसमें
परंपरागत
स्विच
का
यूज
होता
रहा
है.
लेकिन
अब
थिक
वेब
स्विच
लगाने
का
काम
तेजी
से
चल
रहा
है.
थिक
वेब
स्विच
लगाने
का
मुख्य
उद्देशय
ट्रेनों
को
130
किमी
प्रति
घंटे
की
स्पीड
से
बढ़ाना
है.
इससे
भविष्य
में
ट्रेनों
की
स्पीड
को
160
किमी
प्रति
घंटे
तक
बढ़ाया
जा
सकेगा.
इसके
अलावा
इससे
लूप
लाइन
में
भी
ट्रेनों
की
गति
30
किमी
प्रति
घंटे
से
बढ़कर
50
किमी
प्रति
घंटे
हो
सकेगी.
इस
नई
तकनीकी
के
प्रयोग
से
ट्रेनों
के
संचालन
के
दौरान
कंपन
भी
कम
होता
है.


थिक
वेब
स्वीच
से
स्पीड
बढ़ाने
के
साथ
ही
ये
फायदे
भी
होंगे


थिक
वेब
स्विच
रेलवे
ट्रैक
की
सुरक्षा
को
मजबूत
बनाने
के
साथ-साथ
उसकी
लाइफ
को
भी
बढ़ाता
है.

थिक
वेब
स्विच
की
नई
तकनीक
के
प्रयोग
से
टर्न
आउट
संबंधित
फेलियर

के
बराबर
रह
जाते
हैं.

थिक
वेब
स्विच
का
मेंटिनेस
पहले
के
पुराने
सिस्टम
की
तुलना
में
कम
आता
है.

थिक
वेब
स्विच
से
ट्रैक
पर
अनुमानित
गति
बढ़ाई
जा
सकती
है.

थिक
वैब
स्वीच
की
आधुनिक
प्रणाली
सामान्य
प्वाइंट
की
तुलना
में
ज्यादा
विश्वसनीय
है.


2024
के
आखिरी
तक
पूरा
कर
लिया
जाएगा
काम

कोटा
रेल
मंडल
के
सीनियर
डीसीएम
रोहित
मालवीय
के
अनुसार
कोटा
रेल
मंडल
में
पहली
तिमाही
में
106
लाइनों
पर
ट्रेनों
की
रफ्तार
बढ़ाने
के
लिए
थिक
वेब
स्विच
लगाए
गए
हैं.
रेलवे
की
सुविधाओं
के
विस्तार
के
उद्देश्य
से
इंजीनियरिंग
विभाग
की
ओर
से
अत्याधुनिक
तकनीक
का
उपयोग
किया
जा
रहा
है.
इससे
रेल
परिचालन
के
साथ
सुरक्षा
में
भी
इजाफा
किया
जा
सकेगा.
इसी
दिशा
में
पश्चिम
मध्य
रेलवे
में
अलग
अलग
रेलखंडों
में
स्पीड
को
बढ़ाने
के
लिए
नई
तकनीक
का
उपयोग
कर
रफ्तार
को
गति
दी
जा
रही
है.
2024
के
आखिरी
तक
पूरे
मंडल
में
थिक
वेब
स्वीच
लगाने
का
लक्ष्य
रखा
गया
है
ताकि
ट्रेनों
की
रफ्तार
तेज
की
जा
सके.


FIRST
PUBLISHED
:

July
22,
2024,
16:34
IST