

BSF:
सायरन
बजाती
गांव
में
घुसी
बॉर्डर
सिक्योरिटी
फोर्स
(बीएसएफ)
की
गाड़ियों
को
देखकर
तमाम
ग्रामीणों
ने
एक
प्रश्नवाचक
चिन्ह
के
साथ
एक
दूसरी
की
तरफ
देखना
शुरू
कर
दिया.
किसी
को
समझ
में
नहीं
आ
रहा
था
कि
इतनी
सुबह
बीएसएफ
की
गाड़ियां
उनके
गांव
में
क्या
करने
आई
हैं.
इसी
बीच,
गाड़ियों
से
करीब
आधा
दर्जन
बीएसएफ
के
जवान
बाहर
आते
हैं.
बीएसएफ
के
कुछ
जवानों
के
हाथ
में
राइफल
थीं,
तो
कुछ
बीएसएफ
कर्मियों
के
हाथों
में
धारदार
हथियार
थे.
बीएसएफ
के
जवानों
के
हाथों
में
जो
धारदार
हथियार
थे,
उनका
इस्तेमाल
ज्यादातर
झाड़
झंकार
को
काटने
के
लिए
किया
जाता
है.
गांव
वाले
कुछ
समझ
पाते,
इससे
पहले
जत्रापुर
थाने
की
पुलिस
और
फॉरेस्ट
डिपार्टमेंट
के
जवान
भी
मौके
पर
पहुंच
गए.
इसके
बाद,
बीएसएफ,
जत्रा
थाना
पुलिस
और
फॉरेस्ट
डिपार्टमेंट
के
जवान
खेतों
की
तरफ
बढ़
चले.
जिज्ञासावश,
कुछ
गांव
वाले
भी
उनके
पीछे
हो
लिए.
कुछ
दूर
जाने
के
बाद
ये
सभी
एक
झोपड़ी
नुमा
एक
घर
के
पास
पहुंच
गए.
इसके
बाद,
फॉरेस्ट
डिपार्टमेंट
के
जवानों
ने
बीएसएफ
के
जवानों
के
कान
में
कुछ
कहा.
कुछ
देर
खेतों
को
गौर
से
निहारने
के
बाद
बीएसएफ
के
जवानों
ने
अपने
साथ
लाए
धारदार
हथियारों
से
खेत
में
खड़ी
फसल
को
काटना
शुरू
कर
दिया.
दूर
खड़े
गांव
वाले
बीएसएफ
के
जवानों
की
इस
कार्रवाई
को
आंखे
फाड़कर
देखते
रहे,
लेकिन
किसी
की
कुछ
कहने
की
हिम्मत
नहीं
हुई.
देखते
ही
देखते,
कुछ
मिनटों
में
पूरी
फसल
बर्बाद
होकर
जमीन
पर
पड़ी
हुई
थी.
यह
कार्रवाई
यही
पर
नहीं
रुकी.
फॉरेस्ट
डिपार्टमेंट
के
जवानों
ने
फसल
को
भरकर
अपनी
गाडियों
में
डाला
और
वहां
से
चले
गए.
दरअसल,
यह
पूरा
मामला
मादक
पदार्थों
के
खिलाफ
कार्रवाई
से
जुड़ा
था.
बीएसएफ
को
जानकारी
मिली
थी
कि
जत्रा
(त्रिपुरा)
थाना
क्षेत्र
के
अंतर्गत
आने
वाले
निर्भयपुर
गांव
में
गांजे
की
अवैध
रूप
से
खेती
की
जा
रही
है.
बीएसएफ
ने
तत्काल
इस
बाबत
फॉरेस्ट
डिपार्टमेंट
और
स्थानीय
पुलिस
से
बात
की
और
कार्रवाई
के
लिए
निकल
पड़े.
बीएसएफ
के
अनुसार,
इस
कार्रवाई
में
7.50
लाख
रुपए
कीमत
के
गांजा
के
15
हजार
पौधों
को
नष्ट
किया
गया
है.
FIRST
PUBLISHED
:
July
22,
2024,
15:40
IST