

पटना.
बिहार
को
विशेष
राज्य
का
दर्जा
देने
की
मांग
को
केंद्र
द्वारा
खारिज
किए
जाने
के
बाद
मुख्यमंत्री
नीतीश
कुमार
के
इस्तीफे
की
मांग
करने
के
लिए
राष्ट्रीय
जनता
दल
(राजद)
प्रमुख
लालू
प्रसाद
पर
जनता
दल
(यूनाइटेड)
ने
सोमवार
को
निशाना
साधा
और
कहा
कि
जब
पूर्ववर्ती
संयुक्त
प्रगतिशील
गठबंधन
(संप्रग)
सरकार
ने
भी
इसे
खारिज
कर
दिया
था,
तब
वह
क्या
कर
रहे
थे?
कुमार
के
प्रमुख
सहयोगी
एवं
राज्य
के
संसदीय
कार्य
मंत्री
विजय
कुमार
चौधरी
ने
कहा
कि
को
बताया
कि
बिहार
को
विशेष
राज्य
का
दर्जा
न
मिलने
पर
केंद्र
द्वारा
विशेष
पैकेज
या
अतिरिक्त
वित्तीय
मदद
दी
जा
सकती
है.
उन्होंने
कहा,
“आज
लोकसभा
में
केंद्र
ने
जवाब
दिया
कि
बिहार
को
विशेष
श्रेणी
का
दर्जा
नहीं
दिया
जा
सकता,
इसका
मतलब
यह
नहीं
है
कि
हमारी
(जद-यू)
की
मांग
खारिज
कर
दी
गई
है.
शुरू
से
ही
हम
(जद-यू)
केंद्र
से
बिहार
के
लिए
विशेष
श्रेणी
का
दर्जा
या
विशेष
पैकेज
या
अतिरिक्त
वित्तीय
मदद
मांग
रहे
हैं.”
चौधरी
ने
कहा,
“बिहार
अपने
वित्त
का
प्रबंधन
खुद
कर
रहा
है,
लेकिन
बिहार
देश
के
सबसे
गरीब
राज्यों
में
आता
है.
बिहार
को
विशेष
श्रेणी
का
दर्जा
नहीं
मिला
तो
केंद्र
से
विशेष
पैकेज
या
अतिरिक्त
वित्तीय
मदद
दी
जा
सकती
है
और
हमें
विश्वास
है
कि
बिहार
को
जल्द
ही
विशेष
पैकेज
मिलेगा.”
संसद
के
मानसून
सत्र
के
पहले
दिन
लोकसभा
में
एक
सवाल
के
लिखित
जवाब
में
वित्त
राज्य
मंत्री
पंकज
चौधरी
ने
कहा
कि
अतीत
में
राष्ट्रीय
विकास
परिषद
(एनडीसी)
ने
कुछ
राज्यों
को
विशेष
श्रेणी
का
दर्जा
दिया
था.
मंत्री
ने
कहा
कि
इन
राज्यों
में
कुछ
ऐसी
विशेषताएं
थीं
जिन
पर
विशेष
ध्यान
देने
की
जरूरत
थी.
चौधरी
ने
कहा
कि
फैसला
उक्त
सूचीबद्ध
सभी
कारकों
और
किसी
राज्य
की
विशिष्ट
स्थिति
के
एकीकृत
विचार
के
आधार
पर
लिया
गया
था.
मुख्यमंत्री
का
इस्तीफा
मांगने
के
लिए
लालू
प्रसाद
की
आलोचना
करते
हुए
चौधरी
ने
कहा
कि
राजद
प्रमुख
को
इस
मुद्दे
पर
टिप्पणी
करने
का
नैतिक
अधिकार
नहीं
है.
उन्होंने
कहा,
“जब
बिहार
की
मांग
को
संप्रग
सरकार
ने
खारिज
कर
दिया
था,
तब
वे
क्या
कर
रहे
थे?
उनका
बयान
बेबुनियाद
है.
नीतीश
कुमार
के
नेतृत्व
में
बिहार
में
राजग
सरकार
राज्य
के
समग्र
विकास
के
लिए
प्रतिबद्ध
है.”
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Lalu
Prasad
Yadav,
Nitish
kumar
FIRST
PUBLISHED
:
July
23,
2024,
02:03
IST