जिंदगी मौत न बन जाए, संभालो यारो… पुणे हादसे का VIDEO देख केवल डरेंगे या कभी सबक भी लेंगे?

जिंदगी मौत न बन जाए, संभालो यारो… पुणे हादसे का VIDEO देख केवल डरेंगे या कभी सबक भी लेंगे?


नई
दिल्ली:

‘जिंदगी
मौत

बन
जाए…
संभालो
यारो…’
आमिर
खान
की
फिल्म
‘सरफरोश’
का
यह
गाना
भले
ही
दूसरे
संदर्भ
में
फिल्माया
गया
हो.
मगर
मौत
से
पंगा
लेने
वाले
लोगों
को
सावधान
करने
के
लिए
बिल्कुल
सटीक
है.
मजा
कब
सजा
बन
जाए,
यह
कौन
जानता
है.
पुणे
में
ठीक
यही
हुआ
है.
बहते
पानी
के
बीच
मस्ती
ने
एक
साथ
कई
जिंदगी
को
वीरान
कर
गया.
जी
हां,
पुणे
के
लोनावाला
स्थित
झरने
के
बीच
मस्ती
करना
कुछ
लोगों
को
भारी
पड़
गया.
नतीजा
यह
हुआ
कि
एक
ही
परिवार
के
10
लोग
पानी
के
तेज
बहाव
में
बह
गए.
इस
हादसे
में
3
लोगों
की
मौत
हो
चुकी
है,
जबकि
बाकी
किसी
तरह
बचाए
गए
हैं.
कुछ
अब
भी
लापता
हैं.
पुणे
में
मौत
वाली
मस्ती
का
खौफनाक
वीडियो
सामने
आया
है.
7
मिनट
के
इस
वीडियो
में
देखा
जा
सकता
है
कि
कैसे
मस्ती
के
बीच
मौत
अचानक
आई
और
अपने
साथ
कई
जिंदगियों
को
लेकर
चली
गई.

दरअसल,
अभी
मानसून
का
मौसम
है.
लोनावला
के
पहाड़ी
इलाके
में
स्थित
झरने
के
पास
कुछ
लोग
बारिश
का
आनंद
लेने
पहुंचे
थे.
इनमें
से
एक
अंसारी
परिवार
भी
शामिल
था.
भुशी
बांध
के
पास
जलाशय
में
यह
परिवार
पानी
के
साथ
मौज-मस्ती
कर
रहा
था.
उन्हें
कहां
पता
था
कि
यह
मौज-मस्ती
उनमें
से
कुछ
की
जिंदगी
की
यह
आखिरी
मस्ती
होगी.
रविवार
को
अचानक
भुशी
बांध
के
पास
झरना
में
फ्लैश
फ्लड
आया
और
पानी
के
तेज
बहाव
में
परिवार
के
सभी
लोग
बह
गए.
वीडियो
में
देखा
जा
सकता
है
कि
काफी
देर
तक
वे
मौत
के
साथ
जंग
लड़ते
रहे.
झरने
के
बाहर
लोग
भी
उन्हें
बचानी
की
जद्दोजहद
करते
दिखे.
मगर
यमराज
के
सामने
एक
भी
तरकीब
काम

आई
और
वे
सभी
पानी
के
तेज
बहाव
में
बह
गए.
जैसे-तैसे
कुछ
को
बचाया
गया,
मगर
3
लोगों
की
मौत
हो
गई.


और
फिर
पानी
में
बह
गया
यह
परिवार

पानी
के
बहाव
में
बहने
वाला
यह
परिवार
पुणे
के
हडपसर
क्षेत्र
के
सैयद
नगर
का
रहने
वाला
है.
परिवार
के
16-17
सदस्य
रविवार
को
पिकनिक
मनाने
गए
थे.
उन्हें
कहां
पता
था
कि
उनकी
पिकनिक
ऐसी
होगी
कि
जिंदगी
भर
इस
शब्द
से
उन्हें
नफरत
हो
जाएगी.
पिकनिक
मनाने
ये
लोग
किराए
के
बस
से
पहुंचे
थे.
अंसारी
परिवार
के
सदस्य
भुशी
बांध
के
पास
झरना
देखने
गए
थे,
मगर
इलाके
में
भारी
बारिश
के
कारण
पानी
के
तेज
बहाव
में
बह
गए.
हैरानी
की
बात
यह
है
कि
रविवार
को
50,000
से
अधिक
लोग
घूमने
के
लिए
लोनावला
पहुंचे
थे.
इनमें
से
कई
लोग
पानी
के
बीच
में
मौज-मस्ती
कर
रहे
थे.
इस
वीडियो
को
देखकर
किसकी
रूह
नहीं
कांपेगी.


आखिर
कब
सबक
लेंगे
हम?

अब
सवाल
है
कि
क्या
लोगों
को
बारिश
के
मौसम
में
ऐसी
जगहों
से
दूर
नहीं
रहना
चाहिए?
मानसून
के
दौरान
बांध
और
झरने
में
पानी
का
बहाव
तेज
हो
जाता
है.
पर्यटकों
को
ऐसी
जगहों
से
दूर
रहने
की
चेतानवी
जारी
की
जाती
है.
पर्यटक
कई
बार
इन
चेतावनियों
को
अनदेखा
करते
हैं.
हादसा
होने
के
बाद
कुछ
देर
के
लिए
सहम
तो
जाते
हैं,
मगर
बाद
में
फिर
मौज-मस्ती
के
लिए
वैसी
ही
हरकत
करते
हैं.
क्या
जान
जोखिम
में
डालकर
मौज-मस्ती
करना
सही
है?
क्या
मानसून
के
मौसम
में
जलाशयों
या
झरनों
के
पास
एंजॉय
करना
सही
है,
क्या
उन्हें
नहीं
पता
कि
मौत
कभी
भी
पानी
के
साथ

सकती
है?
आय
दिन
ऐसे
कई
वीडियो
सामने
आते
रहते
हैं,
मगर
हम
वीडियो
देख
लेते
हैं
पर
सचेत
नहीं
होते.
अगर
जिंदगी
प्यारी
है
तो
सबसे
पहले
मानसून
के
मौसम
में
पहाड़ों
और
नदियों-झरनों
के
पास
घूमने
जानें
से
बचें.
अगर
कहीं
घूमने
जाना
ही
है
तो
मैदानी
इलाके
में
जाएं.
ऐसी
जगह
जाएं
जहां
पानी
का
खतरा
कम
हो.
कभी
भी
पिकनिक
के
लिए
ऐसी
जगहों
को

चुनें,
जहां
मौत
का
साया
हो.

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