पाकिस्तान नर्क… भारत जैसे स्वर्ग, CAA से नागर‍िकता म‍िलने के बाद क्‍या बोले शरणार्थी, कहा- भारतीय होने पर गर्व

पाकिस्तान नर्क… भारत जैसे स्वर्ग, CAA से नागर‍िकता म‍िलने के बाद क्‍या बोले शरणार्थी, कहा- भारतीय होने पर गर्व


नई
दिल्ली.

संशोधित
नागरिकता
कानून
(सीएए)
के
नोट‍िफ‍िकेशन
जारी
होने
के
2
महीने
बाद
बुधवार
को
14
लोगों
को
भारत
की
नागरिकता
दीग
गई.
इसके
साथ
ही
पड़ोसी
देशों
में
प्रताड़ना
के
शिकार
होकर
भारत
आए
गैर-मुस्लिम
प्रवासियों
को
नागरिकता
देने
की
प्रक्रिया
शुरू
हो
गई
है.
नागर‍िकता
म‍िलने
के
बाद
शरणार्थ‍ियों
बहुत
खुश
हैं
और
वह
इसके
ल‍िए
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
होम
म‍िन‍िस्‍ट्रर
अम‍ित
शाह
की
जमकर
तारीफ
कर
रहे
हैं.
नागर‍िकता
देने
के
ल‍िए
विशेष
कार्यक्रम
में
14
लोगों
को
प्रतीकात्मक
रूप
से
प्रमाणपत्र
सौंपे
गए,
जबकि
डिजिटल
रूप
से
हस्ताक्षरित
प्रमाण
पत्र
‘कुछ
सौ’
अन्य
आवेदकों
को
ईमेल
के
माध्यम
से
भी
भेजे
जा
रहे
हैं.

भारतीय
नागरिकता
मिलने
पर
एक
शरणार्थी
ने
कहा
है
क‍ि
पाकिस्तान
जैसे
नर्क
से
हम
भारत
जैसे
स्वर्ग
में
आए
हैं.
हमें
भारतीय
होने
पर
गर्व
है.
नागरिकता
मिलने
के
बाद
शरणार्थियों
ने
प्रधानमंत्री
और
गृह
मंत्री
का
शुक्रिया
किया
है.
मजनूं
के
टीला
पर
रह
रहे
पाकिस्तान
से
आए
शरणार्थियों
में
से
5
हिंदू
शरणार्थियों
को
भी
नागरिकता
सर्टिफि‍केट
दिया
गया
है.

1-
नागर‍िकता
पाने
वाले
झूलाराम
ने
कहा
क‍ि
अभी
मेरी
उम्र
28
साल
है
और
जब
मैं
आया
था
तो
15
साल
का
था.
मुझे
एक
तरह
की
आजादी
मिल
गई
है.
मुझे
गर्व
हो
रहा
है
कि
मैं
अब
भारत
का
नागरिक
बन
गया
हूं.
जब
मैं
भारत
का
पासपोर्ट
लेकर
विदेश
जाऊंगा
तो
बहुत
अच्छा
महसूस
होगा.
मीडिया
ने
हमारी
बहुत
मदद
की
और
हमारे
प्रधान
ने
हमारी
बहुत
मदद
की
है.
उन्‍होंने
कहा
क‍ि
पाकिस्तान
में
हमारा
जीवन
ऐसा
था
कि
25-30
किमी
में
कोई
घटना
घटती
थी
तो
हमारे
परिवार
वाले
घबरा
जाते
थे.
इसलिए
हमारे
घरवालों
ने
भारत
आने
का
सोचा.
उन्‍होंने
कहा
है
क‍ि
अब
नागरिकता
मिल
गई
है
तो
मैं
दिल्ली
के
बाहर
काम
कर
सकता
हूं.
अपना
बिजनेस
कर
सकता
हूं.
अपने
बच्चों
को
बढ़िया
स्कूल
में
पढ़ा
सकता
हूं
और
सरकार
की
योजनाओं
का
लाभ
मिलेगा.

2-नागर‍िकता
म‍िलने
वाले
हरीश
ने
कहा
क‍ि
पुरानी
बातों
को
हम
भूलना
चाहेंगे
और
अब
हमें
हमारा
भविष्य
उज्जवल
दिखाई
देता
है.
प्रधानमंत्री
और
गृह
मंत्री
जी
का
बहुत
बहुत
धन्यवाद.
जब
सर्टिफिकेट
हाथ
में
आया
तो
लगा
कि
पुनर्जन्म
हुआ
है

3-
नागर‍िकता
पाने
वाले
परमदास
ने
कहा
क‍ि
ये
ऋषि
मुनियों
की
धरती
है.
नरक
से
हम
भारत
जैसे
स्वर्ग
में
आए
हैं.
प्रधानमंत्री
और
गृहमंत्री
एक
हनुमान
हैं
और
एक
भगवान
राम
हैं.
लोग
कहते
थे
कि
पाकिस्तानी-पाकिस्तानी…
यह
एक
कलंक
था
पाकिस्तान
का
और
आज
हमारा
ये
कलंक
मिट
गया
है.
आज
गर्व
से
कहते
हैं
कि
अब
हम
भारतीय
हैं.

4-
प्रधान
सोनादास
ने
कहा
क‍ि
है
यह
संघर्ष
हमारा
नहीं,
हमारे
देश
के
प्रधानमंत्री
और
गृह
मंत्री
का
संघर्ष
है.
भारत
के
साथ
हमारे
बच्चे
जुड़
गए
हैं
तो
यह
बहुत
ख़ुशी
की
बात
है.
हमें
पूरा
विश्वास
हो
गया
है
कि
प्रधानमंत्री
और
गृह
मंत्री
जो
सीना
ठोककर
कहते
हैं
वो
काम
करके
दिखाते
हैं.
करीब
200
और
लोगों
ने
नागरिकता
के
लिए
आवेदन
किया
है.
हमारी
सरकार
से
मांग
है
कि
साल
2014
के
बाद
जो
लोग
भारत
आए
हैं
उनको
भी
नागरिकता
दी
जाए.


अम‍ित
शाह
क्‍या
बोले?

केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
ने
इसे
‘ऐतिहासिक
दिन’
करार
देते
हुए
कहा
कि
पाकिस्तान,
बांग्लादेश
और
अफगानिस्तान
में
धार्मिक
उत्पीड़न
का
सामना
करने
वाले
लोगों
का
दशकों
पुराना
इंतजार
खत्म
हो
गया
है.
एक
आधिकारिक
प्रवक्ता
ने
बताया
कि
केंद्रीय
गृह
सचिव
अजय
कुमार
भल्ला
ने
एक
निर्दिष्ट
पोर्टल
के
माध्यम
से
आवेदनों
पर
ऑनलाइन
मंजूरी
के
बाद
14
लोगों
को
प्रमाण
पत्र
सौंपे.
आम
चुनावों
के
बीच
यह
कदम
उठाया
गया
है.
मतदान
का
पहला
चरण
19
अप्रैल
को
हुआ
था
और
अंतिम
चरण
का
मतदान
एक
जून
को
होगा
जबकि
मतगणना
चार
जून
को
होगी.


क्‍या
है
सीएए
कानून?

सीएए
को
31
दिसंबर
2014
तक
या
उससे
पहले
भारत
आए
बांग्लादेश,
पाकिस्तान
और
अफगानिस्तान
में
प्रताड़ना
के
शिकार
गैर-मुस्लिम
प्रवासियों
को
नागरिकता
प्रदान
करने
के
लिए
दिसंबर
2019
में
लाया
गया
था.
इनमें
हिंदू,
सिख,
जैन,
बौद्ध,
पारसी
और
ईसाई
समुदाय
के
लोग
शामिल
हैं.
कानून
बनने
के
बाद,
सीएए
को
राष्ट्रपति
की
मंजूरी
मिल
गई
लेकिन
जिन
नियमों
के
तहत
भारत
की
नागरिकता
दी
जानी
थी,
उन्हें
चार
साल
से
अधिक
की
देरी
के
बाद
इस
साल
11
मार्च
को
जारी
किया
गया.
सीएए
के
नियमों
में
आवेदन
करने
के
तरीके,
जिलास्तरीय
समिति
(डीएलसी)
द्वारा
आवेदन
को
आगे
बढ़ाने
की
प्रक्रिया
और
राज्यस्तरीय
अधिकार
प्राप्त
समिति
(एसएलईसी)
में
आवेदनों
की
जांच
और
नागरिकता
प्रदान
करने
की
व्यवस्था
की
गई
है.

वर्ष
2019
में
सीएए
के
पारित
होने
के
बाद
देश
के
विभिन्न
हिस्सों
में
विरोध
प्रदर्शन
शुरू
हो
गया
था
और
प्रदर्शनकारियों
ने
इसे
‘भेदभावपूर्ण’
करार
दिया.
देश
के
विभिन्न
हिस्सों
में
सीएए
विरोधी
प्रदर्शनों
या
पुलिस
कार्रवाई
के
दौरान
100
से
अधिक
लोगों
की
जान
चली
गई.
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
कहते
रहे
हैं
कि
सीएए
को
लागू
होने
से
कोई
नहीं
रोक
सकता
क्योंकि
यह
देश
का
कानून
है.
उन्होंने
विपक्षी
दलों
पर
इस
मुद्दे
पर
लोगों
को
गुमराह
करने
का
आरोप
लगाया.

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CAA