मिल गया यहां दाखिला, तो एयरफोर्स में बन जाएंगे ऑफिसर, ऐसे होगा एडमिशन

मिल गया यहां दाखिला, तो एयरफोर्स में बन जाएंगे ऑफिसर, ऐसे होगा एडमिशन


Indian
Air
Force
College:

मां-बाप
को
हमेशा
अपने
बच्चों
की
चिंता
रहती
है
कि
उन्हें
किस
कॉलेज
में
दाखिला
कराया
जाए
ताकि
उनका
भविष्य
सुरक्षित
रहे.
अगर
आप
भी
चाहते
हैं
कि
आपके
बच्चे
का
भविष्य
अच्छा
हो
और
पढ़ाई
करने
के
बाद
एयरफोर्स
में
ऑफिसर
बनें,
तो
यह
कॉलेज
आपके
बच्चों
के
लिए
अच्छा
हो
सकता
है.
यहां
एडमिशन
पाने
के
तीन
एंट्री
गेट
NDA,
AFCAT
और
CDS
हैं.
अगर
आपका
बच्चा
इन
तीनों
में
से
किसी
एक
भी
एंट्री
गेट
को
पार
करने
में
सफल
होता
है,
तो
यहां
एडमिशन
मिल
जाएगा.
जिस
किसी
भी
बच्चे
का
एडमिशन
यहां
मिल
जाता
है,
तो
वह
भारतीय
वायुसेना
में
अधिकारी
बनते
हैं.


भारतीय
वायु
सेना
एकेडमी

भारतीय
वायु
सेना
एकेडमी
भारतीय
वायु
सेना
के
पायलटों,
ग्राउंड
ड्यूटी
और
टेक्निकल
ऑफिसर्स, 
कमीशन
ऑफिसर्स
का
ट्रेनिंग
स्थल
है.
वर्ष
1969
में
इस
एकेडमी
की
स्थापना
हुई
थी.
वर्तमान
में
यह
हैदराबाद
से
सिकंदराबाद
तक
लगभग
25
किमी
दूर
डुंडीगल
में
स्थित
है.
इसके
अलावा,
यह
भारतीय
नौसेना
और
भारतीय
कोस्ट
गार्ड
के
ऑफिसर्स
को
ट्रेनिंग
भी
दिया
जाता
है.
यह
उन
सभी
कैडेटों
के
लिए
एक
रेगुलर
ट्रेनिंग
केंद्र
है,
जो
भारतीय
वायु
सेना
में
अपना
करियर
बनाना
चाहते
हैं.


भारतीय
वायु
सेना
एकेडमी
में
ऐसे
मिलता
है
एडमिशन

NDA:
उम्मीदवार
जो
भी
इस
परीक्षा
के
लिए
आवेदन
करना
चाहते
हैं,
उन्हें
कक्षा
12वीं
पास
होना
चाहिए.
यूपीएससी
द्वारा
यह
परीक्षा
आयोजित
की
जाती
है.
यह
नेशनल
लेवल
की
परीक्षा
साल
में
दो
बार
आयोजित
की
जाती
है.
उम्मीदवार
डिफेंस
फील्ड
में
अपना
करियर
बनाने
के
लिए
किसी
भी
एनडीए
परीक्षा
में
शामिल
हो
सकते
हैं.
भारतीय
वायु
सेना
में
एडमिशन
के
लिए
उम्मीदवारों
को
परीक्षा
उत्तीर्ण
करनी
होगी
और
फिर
एसएसबी
साक्षात्कार
प्रक्रिया
को
पास
करना
होगा.

AFCAT:
एयर
फ़ोर्स
कॉमन
एडमिशन
टेस्ट
(AFCAT)
के
माध्यम
से
भारतीय
वायु
सेना
अकादमी
में
शामिल
हो
सकते
हैं.
उम्मीदवारों
को
ग्रेजुएट
या
इंजीनियर
होना
चाहिए.
उम्मीदवार
भारतीय
वायु
सेना
में
फ्लाइंग
ब्रांच
में
शॉर्ट
सर्विस
कमीशन
(एसएससी)
के
लिए
14
वर्षों
के
लिए
अप्लाई
कर
सकते
हैं,
जिसमें
आगे
विस्तार
का
कोई
प्रावधान
नहीं
होता
है.
एएफसीएटी
परीक्षा
के
लिए
आवेदन
करने
के
लिए
पाठ्यक्रम
शुरू
होने
के
समय
उम्मीदवारों
की
आयु
20-24
वर्ष
के
बीच
होनी
चाहिए.
यह
फ्लाइंग
और
ग्राउंड
ड्यूटी
(तकनीकी
और
गैर-तकनीकी)
में
कई
पदों
के
लिए
भारतीय
वायु
सेना
द्वारा
वर्ष
में
दो
बार
आयोजित
की
जाती
है.
एएफसीएटी
में
सफलतापूर्वक
पास
होने
वाले
उम्मीदवारों
का
फिर
वायु
सेना
चयन
बोर्ड
(एएफएसबी)
में
बुलाया
जाता
है.

CDS:
सीडीएस
यानी
संयुक्त
रक्षा
सेवा
(सीडीएस)
के
माध्यम
से
भारतीय
वायु
सेना
की
फ्लाइंग
ब्रांच
में
एडमिशन
ले
सकते
हैं.
यह
केवल
पुरुष
उम्मीदवारों
के
लिए
होता
है.
भारतीय
वायु
सेना
अकादमी
में
ट्रेनिंग
के
लिए
चुने
गए
कैडेटों
को
फाइटर
पायलट
या
हेलीकॉप्टर
पायलट
या
परिवहन
पायलट
के
रूप
में
ट्रेंड
किया
जाता
है.

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