IAS Story: पूजा खेडकर के बाद अब इस महिला आईएएस को लेकर मचा हंगामा, जानिए कौन हैं ये अफसर?

IAS Story: पूजा खेडकर के बाद अब इस महिला आईएएस को लेकर मचा हंगामा, जानिए कौन हैं ये अफसर?


IAS
Story:

पूजा
खेडकर
विवाद
के
बाद
एक
और
महिला
आईएएस
अधिकारी
चर्चा
में
हैं,
हालांकि
यह
महिला
अधिकारी

तो
पूजा
की
तरह
ट्रेनी
हैं
और
नहीं
उनकी
तरह
किसी
विवादों
में
घिरी
हैं,
बल्‍कि
उनका
मामला
नियुक्‍ति
से
संबंधित
हैं.
जिसको
लेकर
दो
राजनीतिक
दलों
में
घमासान
मचा
हुआ
है.
एक
ओर
जहां
एक
राजनीतिक
दल
उनकी
नियुक्‍ति
को
सही
ठहरा
रहा
है,
तो
वहीं
दूसरी
तरफ
दूसरी
पार्टी
इसे
अपनी
सरकार
के
अधिकारों
में
अतिक्रमण
मान
रही
है.


आखिर
क्‍या
है
पूरा
मामला?

दरअसल,
केरल
की
पिनाराई
विजयन
की
अगुवाई
वाली
सरकार
ने
आईएएस
अधिकारी
के.
वासुकी
को
राज्‍य
में
विदेश
सचिव
नियुक्‍त
किया
है.
जिसको
लेकर
भाजपा
ने
विजयन
सरकार
को
घेरा
है.
भाजपा
के
प्रदेश
अध्‍यक्ष
के.
सुरेन्‍द्रन
ने
आईएएस
अधिकारी
के
वासुकी
की
नियुक्‍ति
को
लेकर
केरल
सरकार
की
आलोचना
करते
हुए
इसे
सरासर
अतिक्रमण
बताया
है.
प्रदेश
अध्‍यक्ष
ने
कहा
है
कि
यह
संविधान
की
संघ
सूची
का
उल्‍लंघन
है.
सुरेन्‍द्रन
ने
एक्‍स
पर
एक
पोस्‍ट
किया,
जिसमें
लिखा
कि
केरल
के
मुख्‍यमंत्री
पिनाराई
विजयन
द्वारा
एक
आईएएस
अधिकारी
को
विदेश
सचिव
के
रूप
में
नियुक्‍त
करना
हमारे
संविधान
की
संघीय
सूची
का
घोर
उल्‍लंघन
है.
इतना
ही
नहीं
सुरेन्‍द्रन
ने
इसे
असंवैधानिक
करार
देते
हुए
सीएम
से
यह
तक
सवाल
कर
दिया
कि
क्‍या
वह
केरल
को
एक
अलग
देश
के
रूप
में
स्‍थापित
करना
चाहते
हैं.
उन्‍होंने
सरकार
से
सवाल
किया
कि
एलडीएफ
सरकार
के
पास
विदेशी
मामलों
में
कोई
अधिकार
नहीं
है.


क्‍या
है
प्रदेश
सरकार
का
आदेश?

केरल
सरकार
ने
केरल
कैडर
की
आईएएस
अधिकारी

श्रम
एवं
कौशल
विभाग
की
सचिव
के.
वासुकी
को
बाह्य
सहयोग
से
जुड़े
मामलों
का
अतिरिक्‍त
प्रभार
सौंपा
है.
इस
संबंध
में
संयुक्‍त
सचिव
मणिकांतन
की
ओर
से
एक
आदेश
जारी
किया
गया
है,
जिसमें
कहा
गया
है
कि
आईएएस
(केएल
2008)
सचिव
श्रम

कौशल
विभाग
बाह्य
सहयोग
से
जुड़े
मामलों
का
अतिरिक्‍त
प्रभार
संभालेंगी.
अधिकारी
मौजूदा
प्रभार
के
अलावा
इस
संबंध
में
और
इसके
साथ
सम्बद्ध
सभी
मामलों
का
समन्‍वय

पर्यवेक्षण
करेंगे.
आदेश
में
यह
भी
कहा
गया
है
कि
वासुकी
विदेश
मंत्रालय,
मिशनों
और
दूतावासों
के
साथ
संपर्क
बनाए
रखेंगे.


कौन
हैं
डॉ.
के.
वासुकी?

डॉ.
के.
वासुकी
केरल
कैडर
की
आईएएस
अधिकारी
हैं.
उन्‍होंने
वर्ष
2008
में
97वीं
रैंक
के
साथ
यूपीएससी
परीक्षा
पास
की
थी.
बता
दें
कि
पहले
उन्‍हें
मध्‍य
प्रदेश
कैडर
आवंटित
हुआ
था
लेकिन
वर्ष
2011
बैच
के
केरल
कैडर
के
आईएएस
से
शादी
के
बाद
उन्‍हें
करेल
कैडर
अलॉट
किया
गया.
यूपीएससी
की
परीक्षा
देने
से
पहले
उन्‍होंने
डॉक्‍टरी
की
पढ़ाई
की
और
सरकारी
अस्‍पताल
में
काम
करती
थीं.
इसी
दौरान
उन्‍होंने
यूपीएससी
परीक्षा
की
तैयारी
शुरू
की.
वासुकी
ने
लड़कियों
के
साथ
होने
वाले
भेदभाव

छेड़छाड़
के
खिलाफ
आवाज
उठाई.
वह
ग्रीन
प्रोटोकॉल
लागू
करने
को
लेकर
भी
काफी
चर्चा
में
रहीं.


क्‍यों
मचा
है
हंगामा?

दरअसल
के
वासुकी
की
नियुक्‍ति
को
लेकर
इतना
हंगामा
इसलिए
मचा
है
कि
भारत
का
विदेश
सचिव
देश
का
सबसे
बड़ा
राजनयिक
होता
है
और
वही
केंद्र
सरकार
के
विदेश
मंत्रालय
का
प्रशासनिक
प्रमुख
भी
होता
है.
आमतौर
पर
यह
पद
किसी
आईएएस
की
बजाय
आईएफएस
के
पास
ही
होता
है.
इधर
केरल
के
मुख्‍य
सचिव
ने
स्‍पष्‍ट
किया
है
कि
केरल
सरकार
के
साथ
दूसरे
देशों
के
दूतावास

एजेंसियां
संपर्क
में
रहती
हैं
और
ऐसा
केवल
केरल
सरकार
के
साथ
ही
नहीं,
बल्कि
दूसरे
राज्‍यों
की
सरकारों
के
साथ
भी
होता
है.

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