LHB कोच इस तरह ट्रेन दुर्घटनाओं में बचा रहा लोगों की जान, ICF से कैसे है अलग?

LHB कोच इस तरह ट्रेन दुर्घटनाओं में बचा रहा लोगों की जान, ICF से कैसे है अलग?


नई
दिल्‍ली.

चंडीगढ़-डिब्रूगढ़
एक्‍सप्रेस
की
5
से
6
बोगियां
पलट
गईं.
इस
हादसे
में
2
लोगों
की
मौत
हो
गई,
जबकि
कई
अन्‍य
घायल
हो
गए.
चंडीगढ़-डिब्रूगढ़
एक्‍सप्रेस
में
LHB
कोच
का
इस्‍तेमाल
किया
गया
था.
एलएचबी
कोच
की
बोगियां
आमतौर
पर
लाल
रंग
की
होती
हैं.
इससे
पहले
ट्रेनों
में
ICF
कोच
का
इस्‍तेमाल
किया
जाता
था.
LHB
कोच
को
ICF
के
मुकाबले
ज्‍यादा
सुरक्षित
और
आधुनिक
माना
जाता
है.
आज
के
दिन
अधिकांश
ट्रेनों
में
LHB
कोच
का
इस्‍तेमाल
किया
जा
रहा
है.
विशेषज्ञों
का
मानना
है
कि
इस
वजह
से
ट्रेन
हादसे
में
ज्‍यादा
जनहानि
नहीं
होती
है.
ICF
कोच
के
साथ
चलने
वाली
ट्रेनों
के
दुर्घटनाग्रस्‍त
होने
की
स्थिति
में
आमतौर
पर
ज्‍यादा
जनहानि
होती
थी.
घायलों
की
तादाद
भी
ज्‍यादा
होती
थी.
जबसे
LHB
(Linke
Hofmann
Busch
Coach)
कोच
का
इस्‍तेमाल
शुरू
हुआ
है,
तब
से
ट्रेन
एक्‍सीडेंट
के
मामलों
में
तुलनात्‍मक
तौर
पर
कम
जनहानि
हो
रही
है.


FIRST
PUBLISHED
:

July
18,
2024,
18:32
IST