

पटना/पूर्णिया.
बिहार
के
कई
इलाकों
में
नदियां
उफान
पर
हैं.
नदियों
के
जलस्तर
में
वृद्धि
के
कारण
कुछ
इलाकों
में
बाढ़
जैसी
स्थिति
भी
उत्पन्न
हो
गई
है.
बिहार
के
गोपालगंज,
बगहा
के
बाद
पूर्णिया
में
बाद
जैसी
स्थिति
देखने
को
मिल
रही
है.
दरअसल
महानंदा
,
कनकई,
परमान
और
दास
नदी
उफान
पर
हैं.
इस
बीच
पूर्णिया
के
अमौर
प्रखंड
में
रंगरैया
लाल
टोली
गांव
में
मुख्यमंत्री
सड़क
पर
दास
नदी
पर
बना
पुल
का
एप्रोच
पथ
ध्वस्त
हो
गया
है.
जिस
कारण
करीब
10000
लोगों
की
आबादी
का
आवागमन
ठप
हो
गया
है.
स्थानीय
लोगों
ने
कहा
कि
2
साल
पहले
ग्रामीण
कार्य
विभाग
के
द्वारा
70
मीटर
लंबी
यह
पुल
बना
था।
पहले
भी
इसका
एप्रोच
पथ
कटा
था.
अब
तक
तीन
बार
अप्रोच
पथ
कट
चुका
है.
लेकिन
सेंड
बैग
और
अन्य
चीजों
को
देकर
खानापूर्ति
कर
अप्रोच
पथ
बनाया
जाता
है.
फिर
यह
कट
जाता
है.
बीते
गुरुवार
को
इसका
अप्रोच
पथ
फिर
से
कट
गया
जिस
कारण
कई
गांव
के
लोगों
का
आवागमन
ठप
हो
गया
है.
लोग
नाव
के
सहारे
आवागमन
करने
पर
विवश
हैं.
स्थानीय
लोगों
ने
कहा
कि
एप्रोच
पथ
सही
तरीके
से
नहीं
बनाया
गया।
साथ
ही
नदी
का
रास्ता
भी
मुड़
गया
है,
जिस
कारण
बार-बार
यह
अप्रोच
पथ
कट
रहा
है.
वहीं
इस
बाबत
पूछे
जाने
पर
अमौर
के
अंचल
अधिकारी
सुधांशु
मधुकर
ने
कहा
कि
कुछ
दिन
पहले
ही
अप्रोच
पथ
बनाया
गया
था.
लेकिन,
फिर
से
बाढ़
आने
के
कारण
अप्रोच
पथ
और
सड़क
कटी
है.
फ्लड
फाइटिंग
का
काम
किया
जा
रहा
है.
आज
इसको
दुरुस्त
कर
लिया
जाएगा.
वहीं
सीओ
ने
बताया
कि
अमौर
प्रखंड
में
महानंदा
कंकई,
परमान
और
दास
नदी
में
उफान
के
चलते
सभी
पंचायत
का
कुछ-कुछ
इलाका
प्रभावित
है.
कई
जगह
बाढ़
का
पानी
घुस
गया
है.
जो
प्रभावित
लोग
हैं
उन्हें
सुरक्षित
जगह
पर
लाया
गया
है.
वहीं
प्रभावित
जगह
पर
कटाव
निरोधक
काम
भी
हो
रहा
है.
बायसी
के
एसडीएम
कुमारी
तोसी
ने
कहा
कि
नदी
के
किनारे
के
क्षेत्र
में
पानी
घुसा
है.
कुछ
जगह
श्रीपुर
मल्लाह
टोली
समेत
कई
गांव
में
कटाव
हो
रहा
है.
वहां
फ्लड
फाइटिंग
का
भी
काम
हो
रहा
है
व
बहरहाल
लोगों
का
कहना
है
कि
प्रशासन
और
जनप्रतिनिधि
को
ध्यान
देना
चाहिए.
वहीं
बाढ़
और
कटाव
की
बात
करें
तो
बायसी
अनुमंडल
से
बहने
वाली
महानंदा
,
कनकई,
परमान
और
दास
नदी
उफान
पर
है,
जिस
कारण
अमौर
प्रखंड
के
ज्ञानडोभ,
सीमलवाड़ी,
नगराटोला,
हरिपुर
समेत
कई
गांव
में
बाढ़
का
पानी
घुस
गया
है.
ऐसे
में
लोगों
की
परेशानी
काफी
बढ़
गई
है.
कई
लोगों
से
घरों
में
पानी
घुसा
है
तो
कई
घर
कट
गया
है.
इस
वजह
से
आवागमन
भी
प्रभावित
हुआ
है।
हालांकि
प्रशासनिक
स्तर
से
भी
काम
किए
जा
रहे
हैं.
लेकिन,
जो
गति
होनी
चाहिए
वह
नहीं
दिख
रही
है.
वहीं
लोगों
का
आक्रोश
स्थानीय
जनप्रतिनिधियों
पर
भी
है
कि
इस
विपदा
की
घड़ी
में
स्थानीय
जनप्रतिनिधि
देखने
तक
नहीं
आ
रहे
हैं.