
आम
आदमी
पार्टी
के
विधायक
अमानतुल्लाह
खान
दिल्ली
की
एक
अदालत
ने
आम
आदमी
पार्टी
के
विधायक
अमानतुल्लाह
खान
के
खिलाफ
ईडी
की
ओर
से
दर्ज
आवेदन
पर
अपना
फैसला
सुरक्षित
रख
लिया
है.
अतिरिक्त
मुख्य
मेट्रोपोलिटन
मजिस्ट्रेट
दिव्या
मल्होत्रा
नौ
अप्रैल
को
फैसला
करेंगी
कि
ईडी
की
याचिका
पर
जवाब
देने
के
लिए
खान
को
तलब
किया
जाए
या
नहीं.
दरअसल,
दिल्ली
वक्फ
बोर्ड
द्वारा
की
गई
नियुक्तियों
में
कथित
अनियमितताओं
से
संबंधित
मनी
लॉन्ड्रिंग
मामले
की
जांच
कर
रही
ईडी
ने
शुक्रवार
को
कोर्ट
में
अमानतुल्लाह
खान
के
खिलाफ
शिकायत
दर्ज
कराई
थी.
ई़डी
ने
अपनी
शिकायत
में
कहा
था
कि
जांच
एजेंसी
की
ओर
से
समन
भेजे
जाने
के
बाद
भी
वो
पेश
नहीं
हो
रहे
हैं.
ईडी
के
आवेदन
पर
कोर्ट
में
आज
सुनवाई
हई.
ईडी
बोली-
खान
के
खिलाफ
जांच
खत्म
करने
में
वो
सक्षम
नहीं
ईडी
ने
आरोप
लगाया
है
कि
खान
ने
अग्रिम
जमानत
की
याचिका
दायर
कर
अपनी
भूमिका
खराब
कर
लिया
है.
ईडी
ने
यह
भी
कहा
कि
एजेंसी
खान
के
खिलाफ
जांच
समाप्त
करने
में
सक्षम
नहीं
है
क्योंकि
वह
खुद
को
उसके
सामने
पेश
नहीं
हो
रहे
हैं.
ईडी
की
दावा
है
कि
मामले
से
जुड़े
बाकी
लोग
इनके
सहयोगी
हैं.
उनकी
भूमिका
अन्य
आरोपियों
की
तुलना
में
बहुत
बड़ी
है,
जिन्हें
पहले
ही
गिरफ्तार
किया
जा
चुका
है
और
आरोप
पत्र
भी
दाखिल
किया
जा
चुका
है.
ईडी
ने
पिछले
साल
की
थी
छापेमारी
एजेंसी
ने
अपनी
अभियोजन
शिकायत
(ईडी
के
आरोपपत्र
के
बराबर)
में
पांच
संस्थाओं
को
नामित
किया
है,
जिनमें
खान
के
तीन
संदिग्ध
सहयोगी
–
जीशान
हैदर,
दाऊद
नासिर
और
जावेद
इमाम
सिद्दीकी
का
नाम
भी
शामिल
है.
एजेंसी
ने
पिछले
साल
अक्टूबर
में
खान
और
उनके
कुछ
सहयोगियों
से
जुड़े
परिसरों
पर
छापेमारी
की
थी.
ईडी
का
दावा
है
कि
आप
विधायक
ने
दिल्ली
वक्फ
बोर्ड
में
कर्मचारियों
की
अवैध
भर्ती
के
माध्यम
से
‘अपराध
की
बड़ी
रकम’
नकद
के
रूप
में
अर्जित
की
थी.
मनी
लॉन्ड्रिंग
का
मामला
केंद्रीय
जांच
ब्यूरो
(सीबीआई)
द्वारा
दर्ज
की
गई
एक
एफआईआर
और
दिल्ली
पुलिस
की
तीन
शिकायतों
के
बाद
सामने
आया.