
कर्नाटक
में
बीजेपी
के
नेता.
कर्नाटक
को
दक्षिण
भारत
की
राजनीति
में
बीजेपी
के
लिए
प्रवेश
द्वार
माना
जाता
है.
कर्नाटक
दक्षिण
भारत
का
एकमात्र
ऐसा
राज्य
है,
जहां
बीजेपी
का
कमल
कई
बार
खिल
चुका
है.
इस
राज्य
में
बीजेपी
विधानसभा
का
चुनाव
जीतकर
सरकार
भी
बना
चुकी
है.
कर्नाटक
में
बीजेपी
की
मजबूती
का
अंदाजा
इससे
भी
लगाया
जा
सकता
है
कि
2019
के
पिछले
लोकसभा
चुनाव
में
बीजेपी
को
दक्षिण
भारत
के
राज्यों
की
जिन
29
सीटों
पर
जीत
हासिल
हुई
थी
और
उसमें
से
अकेले
कर्नाटक
ने
बीजेपी
को
25
सीटें
दी
थी.
कर्नाटक
में
चुनावी
गणित
को
देखते
हुए
बीजेपी
ने
इस
बार
एचडी
देवेगौड़ा
की
पार्टी
जनता
दल
सेक्युलर
के
साथ
गठबंधन
किया
था.
बीजेपी
दावा
कर
रही
है
कि
जेडीएस
के
साथ
मिलकर
वह
राज्य
की
सभी
28
सीटें
जीतेंगी,
लेकिन
बीजेपी
की
इस
कोशिश
और
उम्मीदों
की
राह
में
रोड़े
भी
कम
नहीं
हैं.
केंद्रीय
मंत्री
और
धारवाड़
से
बीजेपी
उम्मीदवार
प्रल्हाद
जोशी
के
खिलाफ
एक
प्रमुख
लिंगायत
संत
ने
मोर्चा
खोलकर
बीजेपी
की
टेंशन
बढा
दी
है.
शिराहट्टी
फक्किरेश्वर
मठ
के
फकीरा
दिंगलेश्वर
स्वामी
ने
धारवाड़
से
निर्दलीय
चुनाव
लड़ने
का
ऐलान
किया
है.
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दिंगलेश्वर
स्वामी
ने
जोशी
के
खिलाफ
चुनाव
लड़ने
के
पीछे
की
वजह
प्रल्हाद
जोशी
पर
वीरशैव-लिंगायत
और
दूसरे
समुदायों
को
दबाने
और
सत्ता
में
बने
रहने
के
मकसद
से
लिंगायतों
का
अनादर
करने
का
आरोप
लगाया
है.
हालांकि
प्रल्हाद
जोशी
दावा
कर
रहे
हैं
कि
ये
देश
और
मोदी
का
चुनाव
है,
लिहाजा
जनता
मोदी
का
साथ
देगी.
बीएस
युदुयुरप्पा
से
बीजेपी
के
कई
नेता
नाराज
कर्नाटक
बीजेपी
के
कई
नेता
बीएस
युदुयुरप्पा
और
उनके
बेटे
तथा
प्रदेश
बीजेपी
अध्यक्ष
बीवाई
विजयेंद्र
की
कार्यशैली
से
नाराज
हैं.
ऐसे
नेताओं
को
लगता
है
कि
जिन
नेताओं
का
टिकट
कटा
है
उसके
पीछे
ये
दोनों
है.
बीजेपी
के
सीनियर
लीडर
के
एस
ईश्वरप्पा
ने
प्रदेश
अध्यक्ष
बीवाई
विजयेंद्र
के
खिलाफ
चुनाव
लड़ने
का
ऐलान
किया
है.
ईश्वरप्पा
ने
आरोप
लगाया
कि
पूर्व
सीएम
बीएस
येदियुरप्पा
के
परिवार
के
लोग
पार्टी
में
सभी
प्रमुख
पदों
पर
काबिज
है.
इसके
साथ
ही
तुमकुरू,
चिकबल्लापुर,
दावणगेरे,
चित्रदुर्ग,
बीदर
समेत
आधा
दर्जन
से
ज्यादा
सीटों
पर
टिकट
बंटवारे
को
बीजेपी
के
अंदर
ही
असंतोष
है.
हासन
सीट
जो
गठबंधन
में
जेडीएस
को
गई
है,
वहां
भी
बीजेपी
नेता
और
कार्यकर्ता
विरोध
कर
रहे
हैं.
विरोध
और
कुछ
सीटों
पर
भी
था,
पर
बीजेपी
ने
पार्टी
नेताओं
के
असंतोष
और
नाराजगी
को
दूर
करने
में
सफल
भी
रही
है.
कांग्रेस
ने
मंत्रियों
की
करीबियों
को
उतार
बढ़ाई
टेंशन
इसके
साथ
ही
कांग्रेस
ने
कर्नाटक
की
छह
सीटों
पर
कैबिनेट
मंत्रियों
के
बच्चों
और
एक
की
पत्नी
को
मैदान
में
उतारकर
चुनावी
लड़ाई
को
दिलचस्प
और
कठिन
बना
दिया
है.
हालांकि
जेडीएस
के
साथ
गठबंधन
और
टिकट
बंटवारे
पर
कर्नाटक
बीजेपी
के
नेताओं
की
नाराजगी
को
लेकर
गृहमंत्री
अमित
शाह
ने
पिछले
हफ्ते
बैंगलुरु
में
पार्टी
नेताओं
के
साथ
बैठक
की
थी.
अमित
शाह
ने
उस
बैठक
में
साफ
कहा
था
कि
जेडीएस
के
साथ
मिलकर
जमीन
पर
काम
करिए.
पीएम
मोदी
को
ज्यादा
से
ज्यादा
सीटें
राज्य
से
दिलाइए.
नाराज
नेताओं
को
सख्त
संदेश
देते
हुए
अमित
शाह
ने
कहा
था
कि
कोई
गलतफहमी
है
तो
दूर
करिए,
पार्टी
सब
देख
रही
है.
पीएम
मोदी
का
साथ
दीजिए
वरना
नतीजे
केलिएतैयाररहिए.