केरल: सीबीआई ने पशु चिकित्सा छात्र के मौत की जांच अपने हाथ में ली, नए सिरे से दर्ज की प्राथमिकी

केरल: सीबीआई ने पशु चिकित्सा छात्र के मौत की जांच अपने हाथ में ली, नए सिरे से दर्ज की प्राथमिकी
केरल: सीबीआई ने पशु चिकित्सा छात्र के मौत की जांच अपने हाथ में ली, नए सिरे से दर्ज की प्राथमिकी


सीबीआई
(सांकेतिक)

केंद्रीय
जांच
एजेंसी
सीबीआई
ने
केरल
में
20
साल
के
पशु
चिकित्सा
छात्र
सिद्धार्थन
जे
एस
की
मौत
की
जांच
अपने
हाथ
में
ले
ली
है.
सिद्धार्थन
का
शव
18
फरवरी
को
वायनाड
जिले
में
स्थित
कॉलेज
छात्रावास
के
शौचालय
में
फंदे
से
लटका
मिला
था.
सीबीआई
ने
इस
संबंध
में
केंद्र
सरकार
से
अधिसूचना
मिलने
के
कुछ
ही
घंटों
के
भीतर
शुक्रवार
देर
रात
20
लोगों
के
खिलाफ
वायनाड
के
विथिरी
थाना
में
दर्ज
प्राथमिकी
को
नए
सिरे
से
दर्ज
किया.

पीटीआई
की
रिपोर्ट
के
मुताबिक,
मामले
में
सिद्धार्थन
के
परिवार
ने
गंभीर
आरोप
लगाया
है.
परिवार
का
आरोप
है
कि
केरल
में
सत्तारूढ़
मार्क्सवादी
कम्युनिस्ट
पार्टी
(माकपा)
की
छात्र
इकाई
स्टूडेंट्स
फेडरेशन
ऑफ
इंडिया
(एसएफआई)
के
कार्यकर्ताओं
समेत
साथी
छात्रों
ने
उसकी
रैगिंग
की
थी.
सिद्धार्थन
का
शव
बरामद
होने
के
बाद
के
बाद
से
परिवार
सीबीआई
जांच
की
मांग
कर
रहा
था.

पुलिस
ने
कई
धाराओं
के
तहत
दर्ज
किया
है
मामला

आरोपियों
के
खिलाफ
आपराधिक
साजिश,
आत्महत्या
के
लिए
उकसाना,
गलत
तरीके
से
रोकना,
स्वेच्छा
से
चोट
पहुंचाना
और
केरल
के
रैगिंग
विरोधी
कानून
से
संबंधित
भारतीय
दंड
संहिता
की
धाराओं
के
तहत
मामला
दर्ज
किया
गया
है.
सीबीआई
के
अधिकारियों
ने
कहा
कि
उनकी
एक
टीम
फॉरेंसिक
टीम
के
साथ
जल्द
ही
राज्य
का
दौरा
करेगी.

इस
मामले
के
राजनीतिक
रंग
लेने
के
बाद
केरल
के
मुख्यमंत्री
पिनराई
विजयन
ने
9
मार्च
को
सीबीआई
जांच
का
आश्वासन
दिया
था.
यह
मुद्दा
राजनीति
मंच
पर
अब
भी
उठ
रहा
है
और
विपक्षी
कांग्रेस
और
बीजेपी
ने
आरोप
लगाया
कि
सरकार
ने
आश्वासन
के
कई
सप्ताह
बाद
भी
अभी
तक
आवश्यक
फाइलें
सीबीआई
को
नहीं
सौंपी
हैं.

सरकार
ने
तीन
कर्मचारियों
को
कर
दिया
है
निलंबित

केरल
सरकार
ने
हाल
ही
में
जांच
के
संबंध
में
सीबीआई
को
दस्तावेज
और
विवरण
सौंपने
में
गैर-जिम्मेदारी
का
आरोप
लगाते
हुए
गृह
विभाग
के
तीन
कर्मचारियों
को
निलंबित
कर
दिया
था.
इस
मामले
में
विपक्ष
के
अलावा,
मृतक
छात्र
का
परिवार
भी
सरकार
के
खिलाफ
उतर
आया
था
और
आरोप
लगाया
है
कि
सरकार
जानबूझकर
उन्हें
आवश्यक
फाइलें

सौंपकर
और
सबूत
नष्ट
करके
सीबीआई
जांच
में
देरी
करने
की
कोशिश
कर
रही
है.