Z श्रेणी के सुरक्षा घेरे में चलेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त, जानिए गृह मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला

Z श्रेणी के सुरक्षा घेरे में चलेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त, जानिए गृह मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला
Z श्रेणी के सुरक्षा घेरे में चलेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त, जानिए गृह मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला


Z
श्रेणी
के
सुरक्षा
घेरे
में
चलेंगे
मुख्य
चुनाव
आयुक्त

मुख्य
चुनाव
आयुक्त
राजीव
कुमार
को
गृह
मंत्रालय
ने
सुरक्षा
दी
है.
होम
मिनिस्ट्री
ने
यह
सुरक्षा
आईबी
की
रिपोर्ट
के
आधार
पर
दी
है.
तृणमूल
कांग्रेस
(टीएमसी)
के
साथ-साथ
कई
राजनीतिक
पार्टियों
ने
चुनाव
आयोग
के
ऑफिस
के
सामने
हंगामा
किया
था.

संभावित
खतरों
को
देखते
हुए
मुख्य
चुनाव
आयुक्त
सशस्त्र
कमांडो
की
जेड
श्रेणी
की
वीआईपी
सुरक्षा
प्रदान
की
गई
है.
केंद्रीय
अर्धसैनिक
बल
सीआरपीएफ
इस
सुरक्षा
को
मुहैया
करवाएगी.
साथ
ही
वरिष्ठ
अधिकारी
होने
के
नाते
जो
उन्हें
सुरक्षा
मिली
थी
वह
भी
उनके
साथ
रहेगी.
इनके
साथ
कुल
22
जवानों
की
सुरक्षा
रहेगी.
सीआरपीएफ
के
कमांडो
राजीव
कुमार
के
साथ-साथ
उनके
घर
परिवार
की
सुरक्षा
व्यवस्था
में
भी
तैनात
रहेंगे.
आईबी
की
रिपोर्ट
आने
के
बाद
गृह
मंत्रालय
ने
मुख्य
चुनाव
आयुक्त
को
जेड
श्रेणी
की
सुरक्षा
देने
का
फैसला
लिया
है.

दफ्तर
के
बाहर
टीएमसी
कार्यकर्ता
का
प्रदर्शन

सूत्रों
की
माने
तो
गृह
मंत्रालय
ने
केंद्रीय
रिजर्व
पुलिस
बल
को
इसके
लिए
करीब
40-45
जवानों
की
एक
टुकड़ी
उपलब्ध
कराने
को
कहा
है.
ये
फैसला
तब
लिया
गया
है
जब
कुछ
दिन
पहले
ही
दफ्तर
के
बाहर
टीएमसी
के
कार्यकर्ता
ने
प्रदर्शन
किया
था.
इसके
बाद
दिल्ली
पुलिस
ने
उन्हें
हिरासत
में
लिया
था.
हालांकि
इसके
बाद
TMC
के
10
सदस्यों
की
टीम
ने
सोमवार
को
निर्वाचन
आयोग
की
पूर्ण
पीठ
से
मुलाकात
की.
इस
मुलाकात
में
उन्होंने
मांग
की
थी
कि
केंद्रीय
एजेंसी
के
प्रमुखों
को
बदला
जाए
क्योंकि
वे
सत्तारूढ़
दल
भाजपा
के
कथित
इशारे
पर
काम
कर
रहे
हैं.

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भी
पढ़ें

क्या
है
Z
श्रेणी
सुरक्षा?

Z
श्रेणी
की
सुरक्षा
में
22
सुरक्षाकर्मी
होते
है.
इसमें
पांच
एनएसजी
के
कमांडो
हर
समय
मौजूद
रहते
हैं.
इसमें
आईटीबीपी
(
Indo-
Tibetan
Border
Police)
और
सीआरपीएफ
(CRPF)
के
अधिकारी
सुरक्षा
में
लगाये
जाते
है.
इस
सुरक्षा
में
भी
एस्कॉर्ट्स
और
पायलट
वाहन
दिए
जाते
हैं.
साथ
ही
दिल्ली
पुलिस
या
स्थानीय
पुलिस
के
सुरक्षाकर्मी
भी
होते
हैं.

क्या
है
X
और
Y
श्रेणी
की
सुरक्षा?

यह
सुरक्षा
का
तीसरा
स्तर
होता
है.
कम
खतरे
वाले
लोगों
को
यह
सुरक्षा
दी
जाती
है.
इसमें
कुल
11
सुरक्षाकर्मी
शामिल
होते
हैं.
जिसमें
दो
कमांडो
तैनात
होते
है.
अगर
एक्स
श्रेणी
सुरक्षा
की
बात
करें
तो
इस
श्रेणी
में
दो
सुरक्षा
गार्ड
तैनात
होते
हैं.
इसमें
एक
पीएसओ
(व्यक्तिगत
सुरक्षा
अधिकारी)
भी
होता
है.
देश
में
कई
लोगों
को
एक्स
श्रेणी
की
सुरक्षा
प्राप्त
है.
इस
सुरक्षा
में
कोई
कमांडो
शामिल
नहीं
होता
है.