
आप
सांसद
संजय
सिंह
बिहार
के
मुख्यमंत्री
नीतीश
कुमार
ने
इंडिया
गठबंधन
का
साथ
छोड़कर
एनडीए
का
दामन
थाम
लिया.
नीतीश
के
इस
तरह
से
पाला
बदलने
से
इंडिया
गठबंधन
के
नेताओं
को
तगड़ा
झटका
लगा
था.
वहीं
आम
आदमी
पार्टी
के
नेता
और
सांसद
संजय
सिंह
का
कहना
है
कि
नीतीश
के
जाने
से
उन्हें
काफी
दुख
पहुंचा.
उन्होंने
कहा
कि
नीतीश
कुमार
समाजवादी
आंदोलन
से
आते
हैं,
वह
लोकनायक
जयप्रकाश
नारायण
के
साथ
रहे
हैं
जिन्होंने
बिहार
की
जनता
ने
संपूर्ण
क्रांति
का
नारा
दिया
था
ऐसे
में
नीतीश
का
पाला
बदलना
बेहद
दुखद
है.
हालांकि
आप
सांसद
संजय
सिंह
ने
ये
भी
कहा
कि
नीतीश
कुमार
के
जाने
से
इंडिया
गठबंधन
पर
कोई
असर
नहीं
पड़ेगा.
उन्होंने
कहा
कि
बिहार
की
जनता
ने
संपूर्ण
क्रांति
का
नारा
देने
वाले
लोकनायक
जयप्रकाश
नारायण
का
साथ
दिया
था
ऐसे
वो
जनता
किसी
भी
कीमत
पर
नीतीश
कुमार
का
साथ
नहीं
देगी.
एक
इंटरव्यू
में
संजय
सिंह
ने
कहा
कि
नीतीश
कुमार
केल
इस
तरह
से
बार
बार
पाला
बदलने
से
उनकी
छवि
पर
असर
पड़ेगा.
उन्होंने
कहा
कि
नीतीश
कुमार
ने
ही
बीजेपी
के
खिलाफ
सभी
दलों
को
एकजुट
करने
का
काम
किया
और
आखिर
में
वहीं
एनडीए
में
शामिल
हो
गए.
ये
भी
पढ़ें
#WATCH
|
Delhi:
On
Bihar
CM
Nitish
Kumar,
AAP
MP
Sanjay
Singh
says,
“It
was
hurtful.
Nitish
Kumar
comes
from
Samajwadi
Andolan
(Socialist
movement),
he
has
been
with
Loknayak
Jayaprakash
Narayan.
He
(Nitish
Kumar)
kept
switching
sides
like
that;
it
was
not
good
at
all…The
pic.twitter.com/mgsv9NANMN—
ANI
(@ANI)
April
7,
2024
इंडिया
गठबंधन
बनाने
में
नीतीश
का
अहम
रोल
आपको
बता
दें
कि
नीतीश
कुमार
की
अगुवाई
में
ही
इंडिया
गठबंधन
बनाया
गया
था.
सभी
दलों
को
एकजुट
करने
का
काम
नीतीश
कुमार
ने
ही
किया
था.
यहां
तक
की
गठबंधन
की
पहली
रैली
भी
राजधानी
पटना
में
आयोजित
की
गई
थी.
वहीं
गठबंधन
की
सभी
बैठकों
में
भी
नीतीश
कुमार
शामिल
हुए.
लेकिन
बाद
में
कुछ
मनमुटाव
के
चलते
उन्होंने
इंडिया
गठबंधन
से
अलग
होने
का
फैसला
किया.
इसके
बाद
वो
बिहार
में
आरजेडी
का
साथ
छोड़कर
एनडीए
का
हिस्सा
बन
गए
और
बिहार
के
9वें
मुख्यमंत्री
के
तौर
पर
एक
बार
फिर
से
शपथ
ली.
नीतीश
के
अलग
होने
से
इंडिया
गठबंधन
को
लगा
झटका
लोकसभा
चुनाव
से
पहले
नीतीश
का
इस
तरह
से
अलग
होना
इंडिया
गठबंधन
के
लिए
बड़ा
झटका
था.
इंडिया
गठबंधन
से
अलग
होने
के
बाद
नीतीश
कुमार
ने
कहा
था
कि
वहां
जो
भी
काम
चल
रहा
था
बहुत
स्लो
था.
ऐसे
में
उनका
मन
काफी
दुखी
हो
गया
था.
जिसके
बाद
उन्होंने
अलग
होने
का
फैसला
किया.
आपको
बता
दें
कि
बिहार
में
नीतीश
की
पार्टी
जेडीयू
एनडीए
के
साथ
मिलकर
चुनाव
लड़
रही
है.
2019
में
भी
नीतीश
ने
NDA
साथ
मिलकर
लड़ा
था
चुनाव
आगामी
लोकसभा
चुनाव
में
जेडीयू
को
40
सीटों
में
से
16
सीटें
मिली
हैं
जबकि
बीजेपी
17
सीटों
पर
चुनाव
लड़
रही
है.
साल
2019
के
लोकसभा
चुनाव
के
दौरान
भी
नीतीश
एनडीए
के
साथ
थे.
उस
चुनाव
में
एनडीए
ने
40
में
से
39
सीटों
पर
जीत
दर्ज
की
थी.
ऐसे
एक
बार
फिर
से
नीतीश
के
साथ
मिलकर
एनडीए
वहीं
प्रदर्शन
दोहराने
की
फिराक
में
है.