
प्रतीकात्मक
तस्वीर.
हरियाणा
के
फरीदाबाद
में
एक
सरकारी
अधिकारी
पर
अपनी
ही
डॉक्टर
पत्नी
के
साथ
मारपीट
और
दहेज
के
लिए
प्रताड़ित
करने
का
आरोप
लगा
है.
पीड़िता
की
मानें
तो
उनका
पति
शादी
के
बाद
से
ही
घर
पर
कई
महिला
मित्रों
को
लाने
लगा.
यही
नहीं,
उसकी
6
महिला
मित्र
तो
इसी
घर
में
रहने
भी
लगीं.
जब
पत्नी
ने
इसका
विरोध
किया
तो
पति
ने
महिला
मित्रों
के
साथ
मिलकर
उनकी
कई
बार
पिटाई
की.
बाद
में
घर
से
भी
निकाल
दिया.
जब
पानी
सिर
से
ऊपर
उठ
गया
तो
महिला
डॉक्टर
ने
इसकी
शिकायत
पुलिस
से
की.
पुलिस
ने
पीड़िता
की
तहरीर
पर
मामला
दर्ज
करके
इसकी
जांच
शुरू
कर
दी
है.
मामला
फरीदाबाद
के
एनआईटी
का
है.
यहां
रहने
वाली
एक
महिला
डॉक्टर
रोते-बिलखते
थाने
पहुंचीं.
उन्होंने
पुलिस
को
अपनी
आपबीती
बतानी
शुरू
की.
बताया
कि
वो
बीएमएस
डॉक्टर
हैं.
साल
2017
में
उनकी
शादी
देहरादून
निवासी
शिवशंकर
संग
हुई
थी.
उनका
पति
कस्टम
विभाग
मुंबई
में
अधीक्षक
(सुपरिटेंडेंट)
है.
शादी
के
बाद
से
ही
पति
ने
उन्हें
दहेज
के
लिए
प्रताड़ित
करना
शुरू
कर
दिया.
यही
नहीं,
घर
पर
अक्सर
वो
कई
महिला
मित्रों
को
लाने
लगा.
जब
उन्होंने
इसका
विरोध
किया
तो
पति
की
6
महिला
मित्र
वहीं
आकर
रहने
भी
लगीं.
पत्नी
को
ये
सब
पसंद
नहीं
था.
लेकिन
वो
क्या
ही
करतीं.
उन्होंने
पति
से
कहा
कि
वो
उन
महिला
मित्रों
को
यहां
न
लाया
करे.
उन्हें
घर
से
भेज
दे.
इस
पर
पति
की
एक
महिला
ने
उनकी
पिटाई
तक
कर
डाली,
ये
कहकर
कि
वो
पुलिस
में
नौकरी
करती
है.
पीड़िता
ने
बताया
कि
पति
और
उसकी
महिला
मित्र
(पुलिस
में
नौकरी
करने
वाली)
अक्सर
उससे
मारपीट
करते
थे.
यही
नहीं,
बाकी
की
महिला
मित्र
भी
उनकी
पिटाई
करती
थीं.
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पुलिस
ने
मामला
दर्ज
कर
जांच
शुरू
की
दिन
यूं
ही
कटते
रहे.
मई
2018
को
महिला
डॉक्टर
को
एक
बेटी
हुई.
बेटी
के
पैदा
होते
ही
पति
ने
उनसे
और
ज्यादा
मारपीट
करना
शुरू
कर
दी.
महिला
डॉक्टर
का
आरोप
है
कि
वो
बेटी
की
खातिर
सब
झेलती
रही.
लेकिन
नवंबर
2023
को
आरोपी
पति
ने
उन्हें
घर
से
निकाल
दिया.
वो
फिर
मायके
जाकर
रहने
लगीं.
उन्हें
लगा
कि
शायद
कुछ
दिनों
में
सब
कुछ
ठीक
हो
जाएगा.
लेकिन
ऐसा
हुआ
नहीं.
पत्नी
ने
कहा
कि
अभी
भी
पति
उनसे
दहेज
की
मांग
कर
रहा
है.
कह
रहा
है
कि
दहेज
मिलने
पर
ही
वो
उन्हें
अपनाएगा.
पीड़िता,
की
तहरीर
पर
फिलहाल
पुलिस
ने
मामला
दर्ज
कर
लिया
है.
आरोपी
पति
से
पूछताछ
की
जाएगी.
पीड़िता
का
कहना
है
कि
वो
अपने
और
अपनी
बेटी
के
लिए
न्याय
चाहती
हैं.
उन्हें
इसके
अलावा
और
कुछ
नहीं
चाहिए.