
किसान
आंदोलन.
(फाइल
फोटो)
संयुक्त
किसान
मोर्चा
और
किसान-मजदूर
मोर्चा
ने
रविवार
को
हरियाणा-पंजाब
समेत
देशभर
में
केंद्र
सरकार
के
खिलाफ
में
जमकर
प्रदर्शन
किया
और
पीएम
मोदी
का
पुतला
फूंका.
इसके
अलावा
किसानों
ने
9
अप्रैल
यानी
आज
शंभू
बॉर्डर
के
पास
रेलवे
ट्रैक
को
अनिश्चित
काल
के
लिए
जाम
करने
का
ऐलान
किया
है.
दरअसल
नवदीप
जलवेडा
और
अन्य
किसान
नेताओं
को
पुलिस
ने
गिरफ्तार
कर
लिया
था.
जिसके
बाद
किसान
नेताओं
को
तुरंत
छोड़ने
की
मांग
को
लेकर
किसानों
ने
केद्र
सरकार
के
खिलाफ
विरोध
प्रदर्शन
किया
और
प्रधानमंत्री
का
पुतला
फूंका.
किसानों
ने
मांग
की
कि
उनके
नेताओं
को
तुरंत
रिहा
कर
दिया
जाए.
इस
दौरान
किसानों
ने
चेतावनी
देते
हुए
शंभू
बार्डर
के
पास
रेलवे
लाइन
पर
अनिश्चितकाल
के
लिए
जाम
करने
का
ऐलान
किया.
सरकार
के
साथ
बातचीत
नाकाम
बता
दें
कि
एमएसपी
समेत
अपनी
कई
मांगों
को
लेकर
किसान
काफी
दिनों
से
शंभू
बॉर्डर
पर
डटे
हुए
हैं.
क्योंकि
सरकार
के
साथ
कई
दौर
की
बातचीत
नाकाम
हो
चुकी
है.
वहीं
अब
देश
में
लोकसभा
चुनाव
का
दौर
शुरु
हो
गया
है.
ऐसे
में
प्रदर्शन
शांतिपूर्ण
चल
रहा
है.
बता
दें
कि
बातचीत
में
सरकार
ने
कई
मुद्दों
पर
सहमति
जताई
थी
लेकिन
किसान
सभी
मुद्दों
को
मनवाने
पर
अड़े
थे.
केंद्र
सरकार
पर
अत्याचार
का
आरोप
भारतीय
किसान
मजदूर
यूनियन
के
जिला
प्रधान
बूटा
सिंह
खराजपुर
ने
कहा
कि
केंद्र
सरकार
के
इशारे
पर
हरियाणा
समेत
कई
राज्यों
की
सरकारों
ने
हमारे
किसान
नेताओं
को
गिरफ्तार
कर
जेलों
में
बंद
कर
रखा
है.
उन्होंने
कहा
कि
जब
तक
किसान
नेताओं
को
जेल
से
रिहा
नहीं
करते
विरोध
प्रदर्शन
चलता
रहेगा.
किसान
नेता
ने
कहा
कि
आंदोलन
कर
रहे
किसानों
पर
केंद्र
सरकार
इतने
अत्याचार
और
मनमानी
के
बाद
भी
बाज
नहीं
आ
रही
है.