
प्रतीकात्मक
तस्वीर.
हर
मां-बाप
की
ख्वाहिश
होती
है
कि
उनका
बच्चा
बड़े
से
बड़े
स्कूल
में
पढ़े.
ताकि
उसकी
ग्रूमिंग
में
कोई
कमी
न
रह
सके.
इसके
लिए
वो
खुलकर
पैसा
भी
खर्च
करते
हैं.
कुछ
पैरेंट्स
के
लिए
तो
ये
सब
करना
मुश्किल
नहीं
है.
लेकिन
हर
परिवार
के
हालात
अलग
होते
हैं.
कई
पैरेंट्स
की
इतनी
कमाई
नहीं
होती
कि
वो
बच्चों
को
बड़े
स्कूल
में
पढ़ा
सकें.
फिर
भी
खुद
का
पेट
काटकर
वो
बच्चों
को
बड़े
स्कूलों
में
पढ़ाते
हैं.
इसी
क्रम
में
हरियाणा
के
युवक
का
सोशल
मीडिया
पोस्ट
वायरल
हो
रहा
है,
जिसमें
वो
बता
रहे
हैं
कि
स्कूलों
की
फीस
वृद्धि
उन
पर
कैसा
असर
डाल
रही
है.
गुरुग्राम
में
रहने
वाले
एक
पिता
ने
सोशल
मीडिया
(X)
पर
अपने
बच्चे
के
स्कूल
फीस
वृद्धि
के
बारे
में
चिंता
व्यक्त
की.
बताया
कि
स्कूल
प्रबंधक
ग्रेड
3
के
लिए
प्रति
माह
30,000
रुपए
का
शुल्क
लेता
है.
इतना
ही
नहीं,
स्कूल
ने
फीस
बढ़ोतरी
के
बारे
में
बताने
की
भी
जहमत
नहीं
उठाई.
ये
भी
पढ़ें
बच्चे
के
पिता
उदित
भंडारी
ने
एक्स
पर
ट्वीट
किया
कि,
‘मेरे
बेटे
की
स्कूल
फीस
लगातार
10%
प्रति
वर्ष
की
दर
से
बढ़
रही
है.
स्कूल
ने
बढ़ोतरी
के
बारे
में
बताने
की
भी
जहमत
नहीं
उठाई
और
बढ़ी
हुई
फीस
केवल
भुगतान
ऐप
पर
ही
दिखाई
देती
है.
जब
विरोध
किया
तो
उन्होंने
कहा
कि
कृपया
अपने
बच्चों
के
लिए
दूसरे
स्कूल
की
तलाश
करें.’
My
son’s
school
fees
have
been
consistently
compounding
at
10%/annum.
The
school
does
not
even
bother
to
explain
the
hike
and
the
higher
fee
simply
appears
on
the
payment
app!
When
parents
protested,
they
said
please
look
for
another
school
for
your
kids!—
Udit
Bhandari
(@GurugramDeals)
April
9,
2024
भंडारी
ने
आगे
लिखा,
‘मेरा
बेटा
ग्रेड
3
में
है
और
यह
गुरुग्राम
में
एक
प्रतिष्ठित
सीबीएसई
स्कूल
है.
स्कूल
की
फीस
30,000
रुपये
प्रति
माह
है.
अगर
10%
की
फीस
बढ़ोतरी
इसी
तरह
जारी
रहती
है
तो
जब
मेरा
बेटा
12वीं
में
होगा,
यह
फीस
बढ़कर
लगभग
9,00,000
रुपए
प्रति
वर्ष
होगी.’
पोस्ट
पर
क्या
आईं
प्रतिक्रियाएं?
उदित
के
इस
पोस्ट
पर
कई
यूजर्स
ने
प्रतिक्रिया
दी.
एक
यूजर
ने
लिखा,
‘आप
चाहकर
भी
कुछ
नहीं
कर
सकते.
सभी
स्कूल
का
यही
हाल
है.’
अन्य
यूजर
ने
लिखा,
‘फीस
के
अलावा
किताबें
और
ड्रेस
भी
स्कूल
से
खरीदनी
पड़ती
है,
जो
कि
बहुत
महंगी
होती
है.’
तीसरे
यूजर
ने
लिखा,
‘आप
कहीं
भी
चले
जाइए,
हर
प्राइवेट
स्कूल
का
यही
हाल
है.’
एक
और
यूजर
ने
लिखा,
‘कई
स्कूल
ड्रेस
भी
बदल
देते
हैं.
जिस
कारण
बार-बार
ड्रेस
पर
भी
खर्चा
बढ़
जाता
है.’
एक
और
यूजर
ने
लिखा,
‘स्कूलों
की
मनमानी
के
आगे
आप
कुछ
नहीं
कर
सकते.
ये
तो
बस
मजबूरी
है.’
एक
और
यूजर
ने
लिखा,
‘पढ़ाई
के
अलावा
आपको
ट्यूशन
भी
लगवानी
पड़ती
ही
है.
उसका
खर्च
भी
गिनें
तो
ये
न
जाने
कितान
ज्यादा
हो
जाएगा.’