मेरा खून निकलेगा वो भी BJP- BJP बोलेगा, नाराजगी के सावाल पर बोले अनिल विज

मेरा खून निकलेगा वो भी BJP- BJP बोलेगा, नाराजगी के सावाल पर बोले अनिल विज

हरियाणा
में
नए
मंत्रिमंडल
के
गठन
के
बाद
पूर्व
गृहमंत्री
अनिल
विज
आज
पहली
बार
विधानसभा
पहुंचे.
यहां
उन्होंने
पार्टी
से
नाराजगी
के
सवाल
पर
कहा
कि
मैं
भाजपा
का
अनन्य
भक्त
हूं,
नाराजगी
का
कोई
सवाल
ही
नहीं.
वह
यहीं
नहीं
रुके,
उन्होंने
कहा
कि
मैं
मोदी
का
परिवार
हूं,
मेरा
खून
भी
निकलेगा
तो
बीजेपी
बीजेपी
ही
बोलेगा.

हरियाणा
में
नायब
सिंह
सैनी
को
विधायक
दल
का
नेता
चुने
जाने
के
बाद
अनिल
विज
विधायक
दल
की
बैठक
से
नाराज
होकर
बाहर
निकल
आए
थे.
इसके
बाद
उन्हें
डिप्टी
सीएम
बनाने
की
भी
बात
कही
गई,
लेकिन
वह
शपथ
ग्रहण
समारोह
में
ही
नहीं
पहुंचे
थे.
माना
जा
रहा
था
कि
वह
खुद
को
सीएम

बनाए
जाने
से
नाराज
हैं
और
अपने
से
जूनियर
नायब
सिंह
सैनी
के
अंडर
में
काम
करने
के
लिए
तैयार
नहीं
हैं.
हालांकि
सोमवार
को
जब
वह
विधानसभा
में
पहुंचे
तो
उन्होंने
किसी
भी
तरह
की
नाराजगी
से
इन्कार
कर
दिया.


मेरा
खून
भी
बीजेपी-बीजेपी
बोलेगा…

अनिल
विज
ने
कहा
कि
मैं
मोदी
का
परिवार
हूँ,
मेरा
खून
निकलेगा
वो
भी
बीजेपी-बीजेपी
बोलेगा.
विज
की
सीएम
पद
की
कुर्सी
जाने
के
बाद
लगातार
उनकी
बीजेपी
पार्टी
से
नाराजगी
की
खबरें

रही
थी.
वह
नए
सीएम
पद
के
शपथ
ग्रहण
समारोह
में
भी
नहीं
पहुंचे
थे.
हालांकि
अब
उन्होंने
पार्टी
से
अपनी
नाराजगी
की
सभी
खबरों
पर
विराम
लगा
दिया
है.


मैं
बेहतर
रिजल्ट
दूंगा

विज
ने
कहा
कि
मैं
अंबाला
छावनी
से
लगातार
कैम्पेनिंग
कर
रहा
हूं.
मैं
सबसे
बेहतर
रिजल्ट
निकाल
कर
दूंगा.
सीएम
हाउस
पर
शाम
को
बुलाई
गई
बैठक
पर
अनिल
ने
कहा
कि
मुझे
निमंत्रण
मिला
है
जाना
है
या
नहीं
इस
पर
अभी
विचार
किया
जाएगा.
मुझे
अपनी
हैसियत
पता
चल
गई
है.
मैं
अंबाला
में
छोटे
से
कार्यकर्ता
के
तौर
पर
काम
करूँगा.
उन्होंने
कहा
कि
मैं
अंबाला
छावनी
से
छह
बार
का
विधायक
हूँ,
मेरी
कोई
नाराजगी
नहीं
है
मैं
खुश
हूँ.


इतने
बड़े
फेरदबदल
का
अंदाजा
नहीं
था

हरियाणा
में
इतना
बड़ा
फेरबदल
हुआ
मुझे
इसका
आभास
नहीं
था
ना
ही
मुझे
इसकी
खबर
थी.
पार्टी
ने
उनसे
बिना
बातचीत
किए
नई
सरकार
का
गठन
कर
दिया.
मनोहर
लाल
खट्टर
की
सरकार
में
विज
गृह
विभाग
के
साथ
स्वास्थ्य
विभाग
की
जिम्मेदारी
भी
संभाल
रहे
थे.
सबसे
पहले
1996
और
2000
में
अनिल
विज
से
स्वतंत्र
उम्मीदवार
के
रूप
में
चुनाव
लड़ा
और
उन्हें
दोनों
बार
जीत
हासिल
हुई
थी.
हालांकि
2005
में
विज
चुनाव
हार
गए
थे.
2009
में
विज
को
हरियाणा
विधानसभा
में
अंबाला
छावनी
निर्वाचन
क्षेत्र
से
भारतीय
जनता
पार्टी
के
विधान
सभा
सदस्य
(एमएलए)
के
रूप
में
चुना
गया
था.