अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा, अगर हमने चीन के राज्यों का नाम बदला तो… और क्या बोले रक्षा मंत्री?

अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा, अगर हमने चीन के राज्यों का नाम बदला तो… और क्या बोले रक्षा मंत्री?
अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा, अगर हमने चीन के राज्यों का नाम बदला तो... और क्या बोले रक्षा मंत्री?


राजनाथ
सिंह
ने
चीन
को
दिया
जवाब

भारत
के
पड़ोसी
देश
फिर
चाहे
वो
पाकिस्तान
हो
या
चीन,
दोनों
ही
देशों
से
भारत
की
ठनी
रहती
है.
चीन
की
सीमा
रेखा
से
सटा
अरुणाचल
प्रदेश
दोनों
देशों
के
बीच
फिर
से
विवाद
की
लकीर
खींचने
लगा
है.
बीते
दिनों
चीन
ने
अरुणाचल
प्रदेश
पर
अपना
दावा
पेश
किया.
बीजिंग
ने
अरुणाचल
प्रदेश
राज्य
के
विभिन्न
स्थानों
के
30
नए
नामों
की
चौथी
सूची
जारी
की
है.
इससे
पहले
भी
चीन
तीन
सूचियां
जारी
कर
चुका
है
जिसमें
उसने
राज्य
के
कई
स्थानों
के
नाम
बदले
थे.
इसी
मामले
पर
देश
के
रक्षा
मंत्री
राजनाथ
सिंह
ने
अब
पड़ोसी
देश
को
करारा
जवाब
दिया
है.

रक्षा
मंत्री
ने
कहा,

भारत,
चीन
द्वारा
अरुणाचल
प्रदेश
के
स्थानों
का
नाम
बदलने
की
कवायद
को
पूरी
तरह
से
खारिज
करता
रहा
है.
भारत
का
ये
कहना
है
कि
अरुणाचल
के
ये
सभी
राज्य,
जिनका
नाम
चीन
ने
अपनी
सूची
में
दिए
हैं
वो
भारत
का
अभिन्न
अंग
है.काल्पनिक
नाम
रख
देने
से
वास्तविकता
नहीं
बदलेगी.
अगर
कल
हम
चीन
के
कुछ
प्रांतों
और
कुछ
राज्यों
के
नाम
बदल
देंगे,
तो
क्या
ऐसा
करने
से
वे
क्षेत्र
भारत
का
हिस्सा
बन
जाएंगे?


‘नाम
बदलने
से
कुछ
नहीं
होने
वाला’

राजनाथ
सिंह
ने
आगे
कहा
कि
हम
अपने
पड़ोसियों
के
साथ
अच्छे
संबंध
बनाए
रखना
चाहते
हैं.
लेकिन
अगर
कोई
भारत
के
सम्मान
को
ठेस
पहुंचाने
की
कोशिश
करता
है
तो
आज
भारत
के
पास
उसका
जवाब
देने
की
ताकत
है.
नाम
बदलने
से
कुछ
नहीं
होने
वाला
है.


कुल
4
सूची
जारी
कर
चुका
चीन

बीजिंग
की
स्थानीय
रिपोर्ट
में
ये
कहा
गया
है
कि
चीन
द्वारा
दिए
गए
ये
नाम
1
मई
से
लागू
होंगे.
बता
दें
कि
अरुणाचल
प्रदेश
के
कई
स्थान
के
बदले
हुए
नामों
की
पहली
सूची,
चीन
ने
साल
2017
में
जारी
की
थी.
दूसरी
सूची
साल
2021
में
आई
थी
जिसमें
15
स्थानों
के
नाम
बदले
गए
थे.
इसके
बाद
साल
2023
में
11
स्थानों
के
नामों
की
एक
और
सूची
जारी
की
गई
थी.

हालांकि,
राजनाथ
सिंह
के
इस
बयान
के
बाद
यह
साफ
है
कि
भारत
चीन
से
किसी
भी
तरह
के
समझौते
या
बातचीत
के
लिए
तैयार
नहीं
है.
भारत
ने
यह
साफ
कर
दिया
है
कि
अरुणाचल
भारत
का
अभिन्न
हिस्सा
है.
किसी
के
नाम
बदलने
से
वह
भारत
से
अलग
नहीं
हो
सकता
है.