कन्याकुमारी में क्या BJP खिला पाएगी कमल? ग्राउंड रिपोर्ट से समझिए पूरी सियासत

कन्याकुमारी में क्या BJP खिला पाएगी कमल? ग्राउंड रिपोर्ट से समझिए पूरी सियासत
क्या कन्याकुमारी में BJP खिला पाएगी कमल? ग्राउंड रिपोर्ट से समझिए पूरी सियासत


पीएम
मोदी
और
अमित
शाह

तक्कलई
में
चिलचिलाती
धूप
में
चुनाव
प्रचार
की
बागडोर
संभाले
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
खुद
लोगों
से
अपील
करते
हुए
कहते
हैं
कि
भारतीय
जनता
पार्टी
के
लिए
कन्याकुमारी
सीट
क्यों
महत्वपूर्ण
है?
भीड़
को
संबोधित
करते
हुए
अमित
शाह
यह
बताते
हैं
कि
मुद्दा
चाहे
यहां
के
मछुआरों
का
हो
अथवा
इलाके
का,
मोदी
क्यों
जरूरी
हैं?

इसी
तरह
से
चुनावी
रैली
के
दौरान
कांग्रेस
के
कार्यकर्ता
बाइक
पर
कॉग्रेस
के
पक्ष
में
नारेबाजी
कर
रहे
हैं,
तभी
वहां
एक
बस
सड़क
से
गुजर
रही
होती
है,
जिसका
शीशा
खोलकर
एक
महिला
मोदी
मोदी
का
नारा
लगाने
लगती
है.
वहीं,
रोड
शो
के
दौरान
अमित
शाह
को
बच्चा
अपनी
बनायी
फोटो
उन्हेंगिफ्ट
करता
है.
ये
कुछ
ऐसे
बकाए
हैं,
जो
बताती
है
कि
चुनाव
के
पहले
की
जमीनी
स्थिति
क्या
है.

कन्याकुमारी
की
राजनीतिक
स्थिति

कन्याकुमारी
की
लोकसभा
सीट
कुल
मिलाकर
6
विधानसभा
सीटों
से
बनी
है,
जिनके
नाम
कन्याकुमारी,
नागरकोइल,
कोलाचल,
पद्मनाभपुरम,
विलावनकोड
और
किल्लियूर
हैं.

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पढ़ें

इनमें
से
कन्याकुमारी
विधानसभा
सीट
पर
AIADMK
का
कब्जा
है,
जबकि
नागरकोइल
सीट
बीजेपी
के
पास
है.
पद्मनाभपुरम
से
डीएमके
का
विधायक
है
और
बाकी
की
तीनों
सीटें
कांग्रेस
के
पास
हैं.
इस
तरह
देखा
जाए
तो
कन्याकुमारी
लोकसभा
सीट
पर
किसी
भी
एक
पार्टी
का
एकाधिकार
नहीं
है.

जब
बीजेपी
के
हाथ
से
फिसली
यह
सीट

2014
में
बीजेपी
तो
2019
में
कांग्रेस
ने
इस
सीट
पर
बाजी
मारी
थी.
कन्याकुमारी
लोकसभा
सीट
पर
2014
में
जहां
बीजेपी
उम्मीदवार
राधाकृष्णन
ने
अपना
परचम
लहराया
था.
वहीं,
2019
में
इस
सीट
पर
कांग्रेस
नेता
वसंतकुमार
ने
बाजी
मारी
थी.
अगस्त
2020
में
वसंतकुमार
के
निधन
के
बाद
2021
में
इस
सीट
पर
उपचुनाव
हुआ,
जिसमें
कांग्रेस
के
नेता
विजयकुमार
ने
बीजेपी
के
राधाकृष्णन
को
मात
दी
थी.
विजयकुमार
कन्याकुमारी
सीट
के
दिवंगत
सांसद
वसंतकुमार
के
ही
पुत्र
हैं.

चुनाव
में
हावी
सांप्रदायिक
ध्रुवीकरण

कन्याकुमारी
लोकसभा
सीट
पर
सांप्रदायिक
ध्रुवीकरण
भी
खूब
देखने
को
मिलता
है
और
यहां
की
आबादी
में
48.6
फीसदी
हिंदू
हैं
तो
46.8
फीसदी
वोटर
ईसाई
हैं.
मुसलमान
और
ईसाई
वोटर
मिलकर
यहां
51
फीसदी
का
आंकड़ा
पार
कर
लेते
हैं
और
किसी
उम्मीदवार
को
विजयी
बनाने
या
हराने
में
अहम
भूमिका
अदा
करते
हैं.
यही
वजह
है
कि
इस
सीट
पर
कई
बार
कांटे
की
टक्कर
देखने
को
मिलती
है.

विकास
के
लिए
मोदी
जरूरी:
राधाकृष्णन

पी.
राधाकृष्णन
कन्याकुमारी
में
बीजेपी
का
बड़ा
चेहरा
हैं.
2008
में
परिसीमन
के
बाद
जबसे
कन्याकुमारी
में
लोकसभा
के
चुनाव
हो
रहे
हैं,
तब
से
पी.
राधाकृष्णन
यहां
बीजेपी
के
उम्मीदवार
हैं.
टीवी9
से
खास
बातचीत
में
उन्होंने
कहा
कि
यहां
पर
सड़कों
के
फोरलेन
और
सिक्स
लेन
का
काम
रूका
हुआ
है.
स्थानीय
सरकार
सहयोग
नहीं
कर
रही
है.
इसके
साथ
ही
मछुआरों
के
मुद्दों
को
भी
उन्होंने
जोर-शोर
से
उठाया
है.
ऐसे
में
इलाके
के
विकास
के
लिए
मोदी
ही
जरूरी
है.

कोई
गारंटी
पूरी
नहीं
हुई
है:
विजय
वसंत

कॉग्रेस
के
उम्मीदवार
विजय
वसंत
ने
टीवी9
भारतवर्ष
से
खास
बातचीत
में
कहा
कि
जितनी
भी
बातें
बीजेपी
की
ओर
से
की
जा
रही
है,
वह
झूठी
और
भ्रामक
है.
उन्होंने
कहा
कि
पीएम
मोदी
भी
झूठे
प्रचार
कर
रहे
हैं.
उनका
दावा
है
कि
इंडिया
गठबंधन
इस
इलाके
में
मजबूत
है
और
चुनाव
में
बेहतर
प्रदर्शन
कर
रही
है.