हॉस्टल वॉशरूम में मिली थी लाश, कपड़े उतरवाकर रैगिंग के लगे आरोप, जानें क्या है वायनाड का वो केस जिसकी परत अब खोलेगी CBI

हॉस्टल वॉशरूम में मिली थी लाश, कपड़े उतरवाकर रैगिंग के लगे आरोप, जानें क्या है वायनाड का वो केस जिसकी परत अब खोलेगी CBI
हॉस्टल वॉशरूम में मिली थी लाश, कपड़े उतरवाकर रैगिंग के लगे आरोप, जानें क्या है वायनाड का वो केस जिसकी परत अब खोलेगी CBI


सिद्धार्थन
जेएस

केरल
के
वायनाड
जिले
में
एक
हॉस्टल
के
वॉशरूम
में
कॉलेज
के
एक
छात्र
का
शव
मिलने
के
मामले
में
बड़ा
खुलासा
हुआ
है.
20
साल
के
छात्र
का
नाम
सिद्धार्थन
जेएस
था
जो
वेटनरी
मेडिकल
स्टूडेंट
था.
सिद्धार्थन
हॉस्टल
में
रहकर
पढ़ाई
कर
रहा
था.
बताया
जा
रहा
है
कि
आत्महत्या
करने
से
पहले
सिद्धार्थन
को
लगातार
29
घंटे
तक
प्रताणित
किया
गया
था.
सिद्धार्थन
18
फरवरी
को
वॉशरुम
में
लटका
हुआ
पाया
गया
था.

सिद्धार्थन
की
मौत
के
बाद
उसके
परिजनों
ने
आरोप
लगाया
है
कि
उनके
बेटे
के
साथ
रैगिंग
हुआ
करती
थी
जिसकी
वजह
से
उसने
आत्महत्या
की
है
या
फिर
उसकी
मौत
रैगिंग
के
दौरान
ही
हुई
है.
बताया
जा
रहा
है
कि
स्टूडेंट्स
फेडरेशन
ऑफ
इंडिया
(एसएफआई)
के
छात्रों
के
साथ
ही
हॉस्टल
के
कुछ
छात्रों
ने
सिद्धार्थन
की
रैगिंग
की
थी.
इस
दौरान
उसे
काफी
प्रताड़ित
किया
गया
था
साथ
ही
उसे
तीन
दिनों
तक
खाना
और
पानी
नहीं
दिया
गया
उसे
भूखा
रखा
गया
था.
जिसके
बारे
में
उसने
घर
पर
भी
बताया
था.

कपड़े
उतरवाकर
नग्न
अवस्था
में
घुमाया

बताया
जा
रहा
है
कि
मृतक
सिद्धार्थन
के
शरीर
पर
चोट
के
काफी
निशान
थे.
कॉलेज
एंटी-रैगिंग
स्क्वाड
की
एक
अंतरिम
रिपोर्ट
में
कहा
गया
है
कि
रैंगिग
के
दौरान
सिद्धार्थन
के
कपड़े
उतरवाए
गए
यहां
तक
की
उसका
अंडरवियर
भी
उतरवाया
गया
था
जिसके
बाद
उसे
हॉस्टल
में
घुमाया
गया.
इसके
साथ
ही
सिद्धार्थन
के
साथ
बेरहमी
से
मारपीट
भी
की
गई
थी.

ये
भी
पढ़ें

जांच
रिपोर्ट
में
बताया
गया
है
कि
सिद्धार्थन
को
16
फरवरी
से
लेकर
दूसरे
दिन
17
फरवरी
तक
लगातार
हाथों
और
बेल्ट
से
पीटा
गया.
रैगिंग
के
टॉर्चर
की
वजह
से
वो
मेंटली
काफी
तनाव
में
था.
जिसके
बाद
उसने
आत्महत्या
जैसा
कदम
उठाया
और
18
फरवरी
को
वॉशरूम
में
फांसी
लगाकर
आत्महत्या
कर
ली
थी.

18
लोगों
को
किया
गया
निलंबित

वहीं
विश्वविद्यालय
ने
उन
सभी
18
लोगों
को
निलंबित
कर
दिया
है,
जिन
पर
भारतीय
दंड
संहिता
(आईपीसी)
के
साथ-साथ
केरल
निषेध
अधिनियम
की
संबंधित
धाराओं
के
तहत
अन्य
अपराधों
के
अलावा
आत्महत्या
के
लिए
उकसाने,
गलत
तरीके
से
रोकने
और
स्वेच्छा
से
खतरनाक
हथियारों
या
साधनों
से
चोट
पहुंचाने
का
मामला
दर्ज
किया
गया
है.
संदिग्धों
में
एसएफआई
इकाई
सचिव
अमल
एहसान,
कॉलेज
यूनियन
के
अध्यक्ष
के
अरुण
और
यूनियन
सदस्य
आसिफ
खान
शामिल
हैं,
ये
सभी
वामपंथी
छात्र
संघ
के
सदस्य
हैं.

CBI
करेगी
मामले
की
जांच

इस
बीच
केरल
हाई
कोर्ट
के
आदेश
के
दो
दिन
बाद
सीबीआई
ने
मामले
की
जांच
अपने
हाथ
में
ले
ली.
चार
सदस्यीय
सीबीआई
टीम
वायनाड
ने
केरल
पुलिस
अधिकारियों
से
मुलाकात
की.
इसके
साथ
ही
सीबीआई
सिद्धार्थन
के
परिजनों
से
भी
मुलाकात
कर
उनके
बयान
दर्ज
करेगी.
इस
मामले
में
फिलहाल
स्टूडेंट्स
फेडरेशन
ऑफ
इंडिया
द्वारा
संचालित
कॉलेज
यूनियन
के
सदस्यों
और
संगठन
के
स्थानीय
नेताओं
सहित
कम
से
कम
18
लोगों
को
गिरफ्तार
किया
गया
है.