
साउथ
गोवा
सीट
से
बीजेपी
उम्मीदवार
पल्लवी
डेम्पो
लोकसभा
चुनाव
में
बीजेपी
अपने
एक-एक
उम्मीदवार
को
बेहद
ही
सावधानी
से
रणनीति
के
तहत
चुन
चुनकर
मैदान
में
उतार
रही
है.
लेकिन
साउथ
गोवा
सीट
जिस
पर
आजतक
बीजेपी
सिर्फ
2
बार
ही
अपना
कब्जा
जमा
पाई
है.
वर्तमान
में
फ्रांसिस्को
सर
दीन्हा
कांग्रेस
नेता
इस
सीट
पर
काबिज
है.
लेकिन
बीजेपी
ने
उन्हें
टक्कर
देने
के
लिए
साउथ
गोवा
के
सबसे
बड़े
उद्योगपति
और
कोल
माइंस
से
जुड़े
श्रीनिवास
डेंपो
की
पत्नी
पल्लवी
डेम्पो
को
मैदान
में
उतारा
है.
डेम्पो
का
साउथ
गोवा
में
अपना
रुतबा
है.
लेकिन
ऐसा
माना
जाता
है
कि
उनकी
राजनीतिक
पृष्ठभूमि
नहीं
है.
सबसे
बड़ी
मुश्किल
ये
है
कि
जिस
सीट
पर
वो
चुनाव
लड़
रही
हैं,
उस
सीट
पर
कोंकणी
मराठी
वोटर
बड़ी
तादाद
में
हैं.
कोंकणी
मराठी
साउथ
गोवा
की
पहचान
है
लेकिन
डेंपों
की
दिक्कत
है
की
उन्हें
मराठी
या
कोंकणी
मराठी
भाषा
आती
नहीं
है.
ऐसे
में
उनके
लिए
बड़ी
समस्या
खड़ी
हो
सकता
है.
इस
सीट
पर
क्या
रहा
है
बीजेपी
का
इतिहास?
पार्टी
के
वर्कर्स
उनके
लिए
दिन
रात
प्रचार
में
जुटे
है.
लेकिन
3
महीने
पहले
बीजेपी
ने
दावा
किया
था
की
स्थानीय
पार्टी
नेता
नरेंद्र
सवाईकर,
दामु
नाईक
या
फिर
बाबू
केवलेकर
में
से
किसी
एक
को
टिकट
मिल
सकता
है.
गौरतलब
है
कि
लगातार
इस
सीट
पर
हार
झेल
रही
बीजेपी
ने
इस
बार
बड़ा
दाव
खेला
है
और
साउथ
गोवा
के
उद्योग
पति
की
पत्नी
को
मैदान
में
उतारा
है.
विपक्ष
का
हमला
डेम्पो
साउथ
गोवा
में
एक
ब्रांड
है.
इसका
फायदा
बीजेपी
को
मिलेगा
ऐसा
अनुमान
बीजेपी
को
है.
लेकिन
विपक्ष
ने
आरोप
लगाया
है
कि
बीजेपी
राज्य
में
दूसरे
नेताओं
को
इंपोर्ट
करके
पार्टी
में
लाई
और
सरकार
बनाई.
अब
लोकसभा
में
बीजेपी
ने
ऐसी
उम्मीदवार
दिया
जो
पार्टी
से
ही
नहीं
थी
और
उन्हे
स्थानीय
भाषा
भी
नहीं
आती
है.
गोवा
फॉरवर्ड
पार्टी
के
प्रमुख
विजय
सर
देसाई
ने
भी
सोशल
मीडिया
X
पर
पोस्ट
करके
बीजेपी
पर
तंज
कसा
है
और
बीजेपी
पर
सवाल
उठाए
हैं.
वहीं,
आप
पार्टी
के
प्रमुख
अमित
पालेकर
ने
बीजेपी
पर
डेम्पो
के
धन
बल
को
देखकर
उम्मीदवार
बनाने
का
आरोप
लगाया
है
और
अपने
नेताओं
को
दरकिनार
करने
की
बात
कही
है.
बीजेपी
नेताओं
की
माने
तो
वो
इंडिया
गठबंधन
पर
सवाल
उठा
रहे
हैं
की
आखिर
कांग्रेस
अभी
तक
उम्मीदवार
क्यों
नहीं
तय
कर
पाई
है.