
एनसीईआरटी
सिलेबस
में
बदलाव.
(फाइल
फोटो)
एनसीईआरटी
की
12वीं
की
कंटेंपरेरी
वर्ल्ड
पॉलिटिक्स
किताब
में
कुछ
बदलाव
किए
गए
हैं.
किताब
के
पेज
नंबर
119
पर
लिखा
था
कि
भारत
का
दावा
है
कि
यह
क्षेत्र
अवैध
कब्जे
में
है,
पाकिस्तान
इस
क्षेत्र
को
‘आजाद
पाकिस्तान’
कहता
है.
अब
इसे
बदल
दिया
गया
है.
अब
किताब
में
लिखा
है-
‘हालांकि,
यह
भारतीय
क्षेत्र
है
जो
पाकिस्तान
के
अवैध
कब्जे
में
है.
इसे
पाकिस्तान
अधिकृत
जम्मू
और
कश्मीर
(POK)
कहा
जाता
है.
किताब
के
पेज
नंबर
132
पर
जम्मू-कश्मीर
से
अनुच्छेद-370
को
निरस्त
करने
की
पूरा
कहानी
लिखी
हुई
है.
इसमें
पहले
लिखा
हुआ
था-‘जहां
अधिकांश
राज्यों
के
पास
समान
शक्तियां
हैं,
वहीं
कुछ
राज्यों
जैसे
जम्मू-कश्मीर
और
उत्तर-पूर्व
के
राज्यों
के
लिए
विशेष
प्रावधान
हैं’.
इसमें
भी
बदलाव
किया
गया
है.
‘अनुच्छेद-370
अगस्त
2019
में
निरस्त
कर
दिया
गया
था’
अब
लिखा
गया
है-
‘जहां
अधिकांश
राज्यों
के
पास
समान
शक्तियां
हैं,
वहीं
कुछ
राज्यों
जैसे
जम्मू-कश्मीर
और
उत्तर-पूर्व
के
राज्यों
के
लिए
विशेष
प्रावधान
हैं.
हालांकि,
अनुच्छेद-370
जिसमें
जम्मू-कश्मीर
के
लिए
विशेष
प्रावधान
हैं,
इसे
अगस्त
2019
में
निरस्त
कर
दिया
गया
था’.
ये
भी
पढ़ें
बताते
चलें
कि
एनसीईआरटी
समय-समय
सिलेबस
और
कंटेंट
में
बदलाव
करता
रहता
है.
एनसीईआरटी
ने
अयोध्या
से
जुड़े
और
2002
के
गुजरात
दंगों
के
कुछ
उदाहरण
हटाए
हैं.
साथ
ही
मणिपुर
के
भारत
में
विलय
के
संदर्भ
में
भी
बदलाव
किया
है.
हाल
के
कुछ
वर्षों
में
हुए
संवेदशील
विषयों
को
हटाया
भी
गया
है.
पहले
भी
किताबों
में
कई
चीजें
हटाई
और
जोड़ी
गईं
खालिस्तान
या
अलगाव
आंदोलन
के
संदर्भ
को
भी
किताब
से
हटाया
है.
पेज
नंबर-123
पर
लिखा
था
‘संकल्प
संघवाद
को
मजबूत
करने
के
लिए
एक
दलील
थी,
लेकिन
इसकी
व्याख्या
एक
अलग
सिख
राष्ट्र
के
लिए
एक
दलील
के
रूप
में
भी
की
जा
सकती
है’
इसको
बदलकर
‘संकल्प
भारत
में
संघवाद
को
मजबूत
करने
के
लिए
एक
दलील
थी’
कर
दिया
गया
है.
इससे
पहले
भी
हिस्ट्री
और
पॉलिटिक्स
की
किताबों
में
कई
चीजें
हटाई
और
जोड़ी
गई
थीं.