भूपतिनगर मामला: NIA ने छेड़छाड़ के आरोपों को किया खारिज, कहा- कार्रवाई कानूनी तरीके से हुई

भूपतिनगर मामला: NIA ने छेड़छाड़ के आरोपों को किया खारिज, कहा- कार्रवाई कानूनी तरीके से हुई
भूपतिनगर मामला: NIA ने छेड़छाड़ के आरोपों को किया खारिज, कहा- कार्रवाई कानूनी तरीके से हुई


वायरल
वीडियो
से
ली
गई
तस्वीर

पश्चिम
बंगाल
के
भूपतिनगर
में
की
गई
कार्रवाई
और
उसके
बाद
टीएमसी
नेताओं
की
ओर
से
लगाए
गए
छेड़छाड़
के
आरोपों
पर
अब
राष्ट्रीय
जांच
एजेंसी
यानी
NIA
का
बयान
सामने
आया
है.
एनआईए
ने
कहा
है
कि
मामले
में
कानून
के
अनुसार
ही
कार्रवाई
की
गई
है.
एनआईए
ने
छेड़छाड़
के
आरोपों
को
खारिज
करते
हुए
इस
संबंध
में
उठे
विवाद
को
दुर्भाग्यपूर्ण
करार
दिया
है.
जांच
एजेंसी
ने
कहा
कि
एनआईए
टीम
पर
हुए
हमले
के
बाद
उसकी
ओर
से
उठाए
गए
कदम
प्रमाणिक
होने
के
साथ
है
कानूनी
भी
है.

भूपतिनगर
विस्फोट
मामले
में
छेड़छाड़
की
शिकायत
दर्ज
कराई
गई
है.
पुलिस
सूत्रों
के
मुताबिक
भूपतिनगर
थाने
में
केंद्रीय
एजेंसी
एनआईए
के
खिलाफ
छेड़छाड़
की
शिकायत
दर्ज
करायी
गई
है.
गिरफ्तार
तृणमूल
नेता
के
परिवार
की
शिकायत
के
आधार
पर
मामला
दर्ज
किया
गया
था.
भूपतिनगर
को
लेकर
केंद्र-राज्य
टकराव
गहरा
गया
है.
शनिवार
को
मुख्यमंत्री
ममता
बनर्जी
ने
एनआईए
के
खिलाफ
सुर
बुलंद
कर
दिए.

ये
भी
पढ़ें

एनआईए
की
कार्रवाई
पर
सवाल
उठाते
हुए
ममता
ने
पूछा
था
कि
जांच
टीम
ने
आधी
रात
को
छापा
क्यों
मारा?
क्या
उनके
पास
पुलिस
की
अनुमति
थी?
वहां
के
लोगों
ने
उसी
तरह
प्रतिक्रिया
दी
जिस
तरह
से
किसी
अजनबी
के
आदी
रात
को
जाने
पर
देते
हैं.
अगर
वे
आधी
रात
को
गांव
में
प्रवेश
करते
हैं
और
महिला
के
घर
में
जाते
हैं
और
अत्याचार
करते
हैं,
तो
वे
क्या
करेंगे?

एनआईए
के
दो
अधिकारियों
को
मामूली
चोटें

दरअसल,
3
दिसंबर,
2022
को
हुए
विस्फोट
के
सिलसिले
में
एनआईए
की
टीम
ने
टीएमसी
के
दो
कार्यकर्ताओं
को
पूछताछ
के
लिए
उठाने
पहुंची
थी.
इस
दौरान
वहां
मौजूद
भीड़
ने
एनआईए
की
टीम
पर
हमला
कर
दिया.
इस
हमले
में
एनआईए
के
दो
अधिकारियों
को
मामूली
चोटें
भी
आईं.
2002
में
हुए
इस
विस्फोट
में
तीन
लोगों
की
मौत
हो
गई
थी.

बीजेपी
ने
भूपतिनगर
की
घटना
की
तुलना
संदेशखाली
से
की

भूपतिनगर
की
घटना
के
बाद
बीजेपी,
सीपीआई
(एम)
और
तृणमूल
कांग्रेस
के
बीच
वाकयुद्ध
छिड़
गया.
विपक्षी
नेताओं
ने
इस
घटना
की
तुलना
उत्तर
24
परगना
में
5
जनवरी
की
संदेशखाली
घटना
के
साथ
करते
हुए
ममता
सरकार
पर
हमला
बोला
था.
संदेशखाली
में
भीड़
ने
उस
समय
ईडी
की
टीम
पर
हमला
कर
दिया
था
जब
वो
टीएमसी
नेता
शाहजहां
शेख
से
पूछताछ
करने
पहुंची
थी.
इस
हमले
में
भी
ईडी
के
अधिकारियों
को
चोटें
आई
थीं.