
राष्ट्रीय
जांच
एजेंसी
(एनआईए)
राष्ट्रीय
विरोधी
गतिविधियों
पर
राष्ट्रीय
जांच
एजेंसी
(NIA)
हमेशा
अपनी
नजर
बनाए
रहती
है.
पिछले
कुछ
सालों
से
अपने
ही
देश
में
की
आंतरिक
सुरक्षा
दांव
पर
लगाने
वाले
कुछ
अपराधियों
पर
जांच
एजेंसी
ने
कड़े
एक्शन
लिए
है.
फिर
से
ऐसा
ही
एक
मामला
सामने
आया
है.
एनआई
ने
भारत
के
खिलाफ
साजिश
रचने
के
मामले
में
भारतीय
कम्युनिस्ट
पार्टी
(माओवादी)
के
खिलाफ
छापेमारी.
ये
छापे
उत्तर
प्रदेश
और
बिहार
में
विभिन्न
स्थान
पर
शनिवार
को
मारे
गए.
NIA
ने
यूपी
के
बलिया
जिला
में
कुल
11
जगह
छापेमारी
की.
इसके
अलावा
बिहार
के
कैमूर
जिले
में
भी
संदिग्धों
के
ठिकानों
पर
छापेमारी
की.
जांच
एजेंसी
की
छापेमारी
के
दौरान
कई
सिम
कार्ड,
फोन,
मेमोरी
कार्ड
और
कई
अन्य
डिजिटल
उपकरण
मिले
हैं.
जिन्हें
जब्त
कर
लिया
गया.
इसके
अलावा
प्रतिबंधित
नक्सली
संगठन
के
पर्चों
जैसे
दस्तावेज
जब्त
किए
गए
हैं.
ये
भी
पढ़ें
AAP
के
पूर्व
विधायक
हुए
बागी
केजरीवाल
को
CM
पद
से
हटाने
की
मांग,
पहुंचे
कोर्ट
ये
भी
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पहले
भी
कर
चुकी
है
कार्रवाई
बता
दें
कि
इससे
पहले
भी
एनआईए
अपराधियों
और
संदिग्धों
पर
शिकंजा
कसती
रही
है.
पिछले
साल
10
नवंबर
को
जांच
एजेंसी
ने
यूपी
के
बलिया
में
भाकपा
(माओवादी)
के
हथियारों
और
गोला-बारूद
समेत
कई
अन्य
चीजों
के
साथ
गिरफ्तार
किया
था.
इसके
अलावा
पांच
अन्य
आरोपियों
के
मामले
की
जांच
अपने
हाथ
में
ली
थी.
कई
अन्य
शहरों
में
छापेमारी
एनआईए
ने
9
फरवरी
2024
को
कुछ
चार
अपराधियों
के
खिलाफ
आरोप
पत्र
दायर
किया
था.
जांच
एजेंसी
का
मानना
है
कि
ये
ऐसे
कई
गैरकानूनी
संगठन
देशभर
के
कई
शहरों
में
छिपे
हुए
हैं.
प्रतिबंधित
संगठन
उत्तर
प्रदेश,
उत्तराखंड,
दिल्ली,
पंजाब,
हरियाणा
और
हिमाचल
प्रदेश
उत्तर
भारत
के
कई
क्षेत्रों
में
अपना
जाल
बिछाए
हुए
हैं.
जांच
एजेंसी
के
प्रवक्ता
ने
कहा
कि
भाकपा
(माओवादी)
के
कुछ
नेता
और
कार्यकर्ता
ओवर
ग्राउंड
वर्कर
(ओजीडब्ल्यू)
इस
क्षेत्र
में
संगठन
की
स्थिति
मजबूत
करने
की
कोशिश
में
लगे
रहते
हैं.