मंच पर संविधान की प्रति…आंबेडकर जयंती पर BJP के संकल्प पत्र के क्या हैं मायने?

मंच पर संविधान की प्रति…आंबेडकर जयंती पर BJP के संकल्प पत्र के क्या हैं मायने?
मंच पर संविधान की प्रति...आंबेडकर जयंती पर BJP के संकल्प पत्र के क्या हैं मायने?


PM
नरेंद्र
मोदी
(PTI)

प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
आंबेडकर
जयंती
यानी
रविवार
को
‘मोदी
गारंटी
2024
नाम
से
संकल्प
पत्र
जारी
कर
खास
संदेश
दिया.
इस
संकल्प
पत्र
में
यूसीसी,
एक
देश-एक
चुनाव,
मुफ्त
राशन
समेत
कई
बड़े
वादे
किए
गए
हैं.
हालांकि
इसमें
नए
लोकलुभावन
वादों
से
परहेज
किया
गया
है.
लेकिन
विकसित
भारत
के
लिए
सोशल,
डिजिटल
और
फिजकल
इंफ्रास्ट्रक्चर
पर
जोर
दिया
गया
है.

वहीं
एनआरसी
पर
संकल्प
पत्र
में
चुप्पी
साधी
गई
है.
वहीं
देश
में
जनसंख्या
पॉलिसी
का
भी
संकल्प
पत्र
कोई
जिक्र
नहीं
है.
संकल्प
पत्र
में
रेल
टिकट
वेटिंग
को
जीरो
तक
लाने
और
70
साल
से
अधिक
के
हर
वरिष्ठ
नागरिक
को
आयुष्मान
के
तहत
5
लाख
का
मुफ्त
इलाज
पर
भी
जोर
दिया
गया
है.
साथ
ही
संयुक्त
राष्ट्र
में
भारत
की
स्थाई
सदस्यता
दिलाने
की
भी
बात,
पारदर्शी
भर्ती
और
पेपर
लीक
रोकने
के
लिए
कड़े
कानून
लागू
करने
का
भी
वादा
किया
गया
है.

भाजपा
ने
जारी
किया
मेनिफेस्टो

दरअसल
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
जब
रविवार
को
भाजपा
का
2024
के
लोकसभा
चुनाव
के
लिए
संकल्प
पत्र
जारी
किया
तो
मौका
आंबेडकर
जयंती
का
था
और
मंच
पर
संविधान
की
प्रति
भी
रखी
हुई
थी.
इस
पहल
के
तहत
भाजपा
ने
बाबा
साहेब
के
अनुयायियों
और
भारतीय
संविधान
के
सम्मान
का
खास
संदेश
दिया.
14
प्रमुख
क्षेत्रों
को
छूने
वाले
कुल
76
पेज
के
घोषणापत्र
में
पार्टी
ने
नई
लोकलुभावन
वादों
से
परहेज
करते
हुए
सोशल,
डिजिटल
और
फिजिकल
इंफ्रास्ट्रक्चर
पर
जोर
दिया
है,
जिससे
देश
के
आने
वाले
25
साल
के
लिए
बुनियाद
तैयार
हो
सके.

भाजपा
के
वादे

भाजपा
ने
घोषणापत्र
में
एक
देश-एक
चुनाव
को
लागू
करने,
हर
इलेक्शन
के
लिए
एक
वोटर
लिस्ट,
समान
नागरिक
संहिता
को
5
वर्षों
में
धरातल
पर
उतारने
का
वादा
किया
है.
गरीबों
को
अगले
5
वर्षों
तक
मुफ्त
राशन
और
पीएम
सोलर
योजना
के
तहत
बिजली
का
बिल
जीरो
पर
लाने
का
वादा
किया
गया
है.
खास
बात
है
कि
नई
ट्रेनें
बढ़ाकर
रेल
टिकट
वेटिंग
सिस्टम
की
समस्या
खत्म
करने
की
दिशा
में
भी
पार्टी
ने
बड़ी
घोषणा
की
है.

संकल्प
पत्र
की
आत्मा

प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
भाजपा
के
संकल्प
पत्र
को
युवा
शक्ति,
नारी
शक्ति,
गरीब
और
किसान
को
सशक्त
करने
वाला
बताया.
पीएम
मोदी
ने
कहा
कि
जिनको
किसी
ने
नहीं
पूछा,
उनको
मोदी
पूजता
है.
यही
संकल्प
पत्र
की
आत्मा
है.
उन्होंने
अनिश्चितता
के
दौर
से
गुजर
रही
दुनिया
में
भारत
में
स्थिर
सरकार
की
जरूरत
पर
जोर
देते
हुए
कहा
कि
चार
जून
को
नतीजे
आने
के
बाद
से
ही
संकल्प
पत्र
पर
कार्य
शुरू
हो
जाएगा.
प्रधानमंत्री
ने
संकल्प
पत्र
के
लिए
आज
के
मौके
को
खास
बताते
हुए
कहा
कि
नवरात्र
में
माता
कात्यायनी
का
दिन
है,
उनके
दोनों
हाथों
में
कमल
है.
साथ
ही
तमिल
और
मलयालम
नववर्ष
का
भी
दिन
है.

देश
का
आर्थिक
आधार
स्तंभ
मजबूत

एक
बात
जो
इस
संकल्प
पत्र
से
गायब
दिखा
वो
ये
कि
इस
बार
एनआरसी
को
लेकर
कोई
जिक्र
नहीं
किया
गया
है
जबकि
2019
के
बीजेपी
संकल्प
पत्र
में
एनआरसी
लागू
करने
का
जिक्र
था.
बीजेपी
संकल्प
पत्र
में
जनसंख्या
नीति
को
लेकर
भी
कोई
जिक्र
नहीं
किया
गया
है,
जबकि
प्रधानमंत्री
ने
स्वयं
15
अगस्त
2019
को
लालकिला
के
प्राचीर
से
इसको
लेकर
नीति
की
बात
कही
थी.
बहरहाल
बीजेपी
के
पूरे
संकल्प
पत्र
पर
अगर
गैर
करें
तो
ये
एक
ऐसा
मेनिफेस्टो
कहा
जा
सकता
है
जिसमें
समाज
के
प्रभावी
और
मजबूत
वर्गों
को
आकर्षित
करने
की
कोशिश
की
गई
लेकिन
इसमें
उन्हीं
सभी
बातों
का
जिक्र
है,
जिसको
पूरा
करने
से
देश
का
आर्थिक
आधार
स्तंभ
मजबूत
बना
रहे.