परिंदा भी न मार पाएगा पर, अभेद्य किला में तब्दील होंगे पठानकोट सहित 30 एयरबेस, इंस्टॉल होगा IPSS

परिंदा भी न मार पाएगा पर, अभेद्य किला में तब्दील होंगे पठानकोट सहित 30 एयरबेस, इंस्टॉल होगा IPSS
परिंदा भी न मार पाएगा पर, अभेद्य किला में तब्दील होंगे पठानकोट सहित 30 एयरबेस, इंस्टॉल होंगे IPSS


अभेद्य
किला
में
तब्दील
होंगे
पठानकोट
सहित
30
एयरबेस

इंडियन
एयरफोर्स
करीब
30
एयरबेस
को
‘अभेद्य’
बनाने
जा
रही
है.
वायुसेना
ने
‘सेंसिटिव
और
हाई-रिस्क’
वाले
अपने
30
करीब
एयरबेस
पर
IPSS
इंस्टॉल
करने
की
योजना
बनाई
है.
दरअसल,
हाल
के
दिनों
में
विश्वभर
में
चल
रहे
हालातों
को
देखते
हुए
IAF
ने
यह
करने
का
प्लान
किया
है.
खासतौर
से
फ्रंटलाइन
स्टेशन
पर
नया
इंटीग्रेटेड
परिमिटर
सिक्यॉरिटी
सिस्टम
(IPSS)
जल्द
ही
पूरी
तरह
से
चालू
हो
जाएगा.

बता
दें
कि
IPSS
एक
कम्प्रिहेंसिव
मल्टी-सेंसर,
मल्टी
लेयर्ड,
हाइ-टेक
सर्विलांस
और
इंट्रूजन
डिटेक्शन
सिस्टम
(घुसपैठ
का
पता
लगाने
वाली
प्रणाली)
है.
बता
दें
कि
कुछ
साल
पहले
जैश-ए-मोहम्मद
के
आतंकियों
ने
पठानकोट
एयरबेस
पर
हमला
किया
था.
आतंकियों
का
इरादा
वायुसेना
के
सिक्योरिटी
सेट-अप
को
भारी
नुकसान
पहुंचाना
था.
इस
हमले
के
बाद
से
पाकिस्तान
के
साथ
देश
के
संबंध
और
बिगड़
गए
थे.

IPSS
क्या
है?

IPSS
इलेक्ट्रॉनिक
आंख
की
तरह
है,
जो
घुसपैठ
का
पता
चलते
ही
जवाबी
उपाय
शुरू
करने
में
मदद
करेगा.
टीग्रेटेड
परिमिटर
सिक्योरिटी
सिस्टम
में
विभिन्न
प्रकार
के
इलेक्ट्रो-ऑप्टिक
और
मोशन-डिटेक्शन
सेंसर,
सर्विलांस
और
थर्मल
कैमरों
के
साथ
एक
‘स्मार्ट
परिमिटर
फेंस’
शामिल
है.
इसके
साथ
एक
कमांड
और
कंट्रोल
सेंटर
है,
जिसे
24
घंटे
लाइव
विडियो
फीड
मिलती
है,
जिससे
किसी
भी
तरह
के
हमले
का
तुरंत
पता
चल
जाएगा.
बता
दें
कि
एयरबेस
का
क्षेत्र
काफी
बड़ा
होता
है.
इसलिए
यह
संभव
नहीं
है
कि
कोई
व्यक्ति
इसके
हर
जगह
पर
नजर
रख
सके.
ऐसे
में
IPSS
एक
बेहतर
और
प्रभावी
उपाय
है.