
राम
मंदिर
तिरुमाला
तिरुपति
देवस्थानम
(टीटीडी)
के
ईओ
एवी
धर्म
रेड्डी
के
नेतृत्व
में
इंजीनियरों
की
एक
टीम
राम
मंदिर
ट्रस्ट
के
बुलावे
के
बाद
अयोध्या
पहुंची
हुई
थी.
अधिकारियों
की
टीम
ने
शनिवार
को
राम
मंदिर
ट्रस्ट
को
मंदिर
परिसर
में
भक्तों
की
भीड़
को
नियंत्रित
करने
के
लिए
तकनीकी
सलाह
भी
प्रदान
की
है.
टीम
ने
ट्रस्ट
के
लोगों
को
बताया
कि
आखिर
परिसर
में
भक्तों
की
भीड़
को
किस
तरह
से
नियंत्रित
किया
जा
सकता
है.
तिरुमाला
तिरुपति
देवस्थानम
(टीटीडी)
की
एक
टीम
16-17
फरवरी
को
भी
अयोध्या
दौरे
पर
गई
थी.
टीटीडी
अधिकारियों
की
टीम
ने
तिरुमाला
के
समान
भक्तों
को
परेशानी
मुक्त
दर्शन
प्रदान
करने
के
लिए
ट्रस्ट
की
आवश्यकताओं
का
आकलन
किया
था.
इसके
बाद
अब
टीम
की
ओर
से
राम
मंदिर
ट्रस्ट
के
लोगों
को
कुछ
तकनीकी
सलाह
दी
गई
है.
तकनीकी
सलाह
वाली
एक
रिपोर्ट
सौंपी
अब
शनिवार
को
टीटीडी
ईओ
और
ट्रस्ट
के
अधिकारियों
के
साथ
बैठक
हुई.
इस
बैठक
में
राम
मंदिर
परिसर
क्षेत्र
में
भीड़
प्रबंधन
कतार
लाइनें,
जल
बिंदु,
प्रवेश
और
निकास
रास्ते
आदि
पर
तकनीकी
सलाह
वाली
एक
रिपोर्ट
सौंपी
गई.
इसके
बाद
टीटीडी
टीम
ने
मंदिर
पहुंचकर
रामलला
का
दर्शन
भी
किया.
बैठक
में
टीटीडी
की
ओर
से
तकनीकी
सलाहकार
रामचन्द्र
रेड्डी,
जगदीश्वर
रेड्डी,
डिप्टी
ईई
रामकृष्ण,
नागराजू
ने
भाग
लिया,
जबकि
राम
मंदिर
ट्रस्ट
की
ओर
से
चंपत
राय,
गोपाल
जी,
अनिल
मिश्रा,
दिनेश
और
सुखला
मौजूद
रहे.
राम
नवमी
पर
जुट
सकते
हैं
25
लाख
लोग
दरअसल,
राम
मंदिर
के
उद्घाटन
के
बाद
से
लाखों
की
संख्या
में
भक्त
रामलला
का
दर्शन
करने
के
लिए
अयोध्या
पहुंच
रहे
हैं.
राम
मंदिर
के
उद्घाटन
के
बाद
17
अप्रैल
को
पहली
रामनवमी
भी
है.
उम्मीद
है
कि
इस
दिन
करीब
25
लाख
श्रद्धालु
अयोध्या
में
रामलला
का
दर्शन
करने
पहुंचेंगे.
बता
दें
कि
तिरुमाला
तिरुपति
देवस्थानम
(टीटीडी
)
एक
स्वतंत्र
ट्रस्ट
है,
जो
कि
आंध्र
प्रदेश
में
तिरुमाला
वेंकटेश्वर
मंदिर
सहित
विभिन्न
मंदिरों
का
प्रबंधन
करता
है.
तिरुमाला
वेंकटेश्वर
मंदिर
में
कई
लाख
लोग
एक
साथ
दर्शन
करने
के
लिए
पहुंचते
हैं.
टीटीडी
विभिन्न
सामाजिक,
धार्मिक,
साहित्यिक
और
शैक्षिक
गतिविधियों
में
भी
शामिल
है.