
के
सुरेंद्रन,
टीपू
सुल्तान
और
राहुल
गांधी.
केरल
के
वायनाड
में
बीजेपी
की
मांग
से
नया
विवाद
पैदा
हो
गया
है.
भाजपा
ने
गुरुवार
को
वायनाड
लोकसभा
क्षेत्र
में
टीपू
सुल्तान
से
जुड़े
सुल्तान
बाथरी
शहर
का
नाम
बदलकर
गणपतिवट्टोम
करने
की
मांग
की
है.
बीजेपी
का
कहना
है
कि
यह
स्थान
मैसूर
शासक
के
शासनकाल
से
पहले
मूल
रूप
से
गणपतिवट्टोम
के
नाम
से
जाना
जाता
था.
दो
शताब्दी
पहले
केरल
के
मालाबार
क्षेत्र
पर
आक्रमण
के
बाद
इसका
नाम
बदला
गया
था.
भाजपा
के
प्रदेश
अध्यक्ष
के
सुरेंद्रन
ने
चुनाव
प्रचार
के
दौरान
यह
मुद्दा
उठाया
है.
सुरेंद्रन
वायनाड
लोकसभा
सीट
पर
मौजूदा
सांसद
और
कांग्रेस
नेता
राहुल
गांधी
के
साथ-साथ
सीपीआई
नेता
और
सत्तारूढ़
एलडीएफ
की
उम्मीदवार
एनी
राजा
के
खिलाफ
चुनाव
लड़
रहे
हैं.
सुरेंद्रन
ने
कहा,
“गणपतिवाट्टम
सुल्तान
बाथरी
का
असली
नाम
है
और
इसका
नाम
जरूर
ही
बदला
जाना
चाहिए.”
बीजेपी
ने
मालबार
पर
टीपू
सुत्लान
का
उठाया
मुद्दा
अपने
चुनाव
अभियान
के
दौरान
टीपू
सुल्तान
के
मालाबार
आक्रमण
का
मुद्दा
उठाते
हुए
भाजपा
नेता
ने
आरोप
लगाया
कि
कांग्रेस
और
एलडीएफ
इसे
सुल्तान
बाथरी
के
रूप
में
कहना
पसंद
करते
हैं.
उन्होंने
सवाल
किया
कि
केरल
में
ऐसी
जगह
का
नाम
एक
आक्रामक
के
नाम
पर
क्यों
रखा
जाना
चाहिए?
ये
भी
पढ़ें
उन्होंने
कहा
कि
वास्तव
में
वह
स्थान
गणपतिवट्टोम
है.
कितने
साल
पहले
सुल्तान
का
आक्रमण
हुआ
था?
सुल्तान
कौन
है?
वायनाड
और
उसके
लोगों
के
संबंध
में
टीपू
सुल्तान
का
क्या
महत्व
है?
उस
स्थान
को
गणपतिवट्टोम
के
नाम
से
जाना
जाता
था.
लोग
इस
बात
से
वाकिफ
हैं.
सुरेंद्रन
ने
आरोप
लगाया,
कांग्रेस
और
एलडीएफ
टीपू
सुल्तान
के
साथ
मिले
हुए
हैं,
जिन्होंने
केरल
में
खासकर
वायनाड
और
मालाबार
में
लाखों
लोगों
का
धर्म
परिवर्तन
कराया
है.
टीपू
सुल्तान
के
नाम
पर
पड़ा
है
इस
स्थान
का
नाम
उन्होंने
यह
भी
दावा
किया
कि
यह
मुद्दा
सबसे
पहले
1984
में
दिवंगत
भाजपा
नेता
प्रमोद
महाजन
ने
उठाया
था.
केरल
पर्यटन
के
अनुसार,
सुल्तान
बाथेरी
को
पहले
गणपतिवट्टोम
के
नाम
से
जाना
जाता
था.
बता
दें
कि
इस
स्थान
का
नया
नाम
मैसूर
के
पूर्व
शासक
टीपू
सुल्तान
के
नाम
पर
पड़ा
है,
जिन्होंने
मालाबार
क्षेत्र
पर
अपने
आक्रमण
के
दौरान
अपना
गोला-बारूद
फेंक
दिया
था
और
यहां
एक
पुराने
जैन
मंदिर
में
अपने
तोपखाने
को
खड़ा
कर
दिया
था.
केरल
पर्यटन
वेबसाइट
ने
कहा
गया
है
कि
इस
स्थान
को
सुल्तान
बाथरी
के
नाम
से
जाना
जाता
था,
जो
सुल्तान
की
बैटरी
का
बिगड़ा
हुआ
रूप
है.
टीपू
सुल्तान
ने
यहां
एक
किला
भी
बनवाया
था,
जो
अब
खंडहर
हो
चुका
है
और
किले
के
टीले
पर
अब
एक
पुलिस
स्टेशन
है.
सुल्तान
बाथरी
का
नाम
बदलने
का
विवाद
उठाने
पर
कांग्रेस
ने
सुरेंद्रन
का
मजाक
उड़ाया.
कांग्रेस
नेता
और
विधायक
टी
सिद्दीकी
ने
कहा
कि
सुरेंद्रन
कुछ
भी
कह
सकते
हैं.
उन्होंने
कहा
कि
वह
जीतने
नहीं
जा
रहे
हैं.
यह
सिर्फ
जनता
का
ध्यान
खींचने
का
प्रयास
है.
ऐसा
नहीं
होने
वाला
है
और
उनके
बयान
का
कोई
महत्व
नहीं
है.