एम्स
भोपाल
में
जल्द
शुरू
होगा
वाल्व
इंप्लांटेशन
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
राजधानी
स्थित
एम्स
भोपाल
मरीजों
की
सुविधा
के
लिए
नए-नए
प्रयोग
किया
जा
रहे
हैं
अस्पताल
में
कई
नई
तकनीक
को
शुरू
किया
गया
है।
और
कई
प्रक्रिया
में
है।
अब
जल्द
ही
यहां
हृदय
के
वाल्व
बदलना
शुरू
किया
जाएगा।
खास
बात
यह
है
कि
एम्स
मध्य
भारत
का
पहला
सरकारी
अस्पताल
होगा,
जहां
हृदय
के
वाल्व
बिना
चीरा
लगाए
ही
बदला
जाएगा।
इस
प्रक्रिया
में
मात्र
आधे
घंटे
का
समय
लगेगा।
मरीजों
को
ओपन
हार्ट
सर्जरी
की
जरूरत
नहीं
पड़ेगी।
यहां
तीन
मरीजों
की
कार्डियक
सर्जरी
विभाग
में
स्क्रीनिंग
को
जा
रही
है।
इसलिए
किया
जाता
है
वाल्व
इंप्लांटेशन
हार्ट
में
चार
चैंबर
होते
हैं।
सभी
चैंबर
में
खून
का
बहाव
होने
पर
वाल्व
खुलते
हैं,
जिससे
यह
सुनिश्चित
होता
है
कि
खून
सही
दिशा
में
और
सही
मात्रा
में
पहुंच
रहा
है
या
नहीं।
वाल्व
खराब
होने
पर
यह
प्रक्रिया
बाधित
हो
जाती
है,
जिससे
समस्याएं
बढ़ती
हैं।
कुछ
बच्चों
में
यह
स्थिति
जन्मजात
होती
है।
वहीं
इसकी
अन्य
वजह
जेनेटिक,
इन्फेक्शन
और
ज्यादा
उम्र
भी
हो
सकती
है।
चिकित्सकों
का
कहना
है
कि
हार्ट
वाल्व
की
समस्या
से
ग्रसित
ऐसे
मरीज
जिनकी
आयु
ज्यादा
है
और
उन्हें
अन्य
बीमारियां
हैं,
ऐसे
मरीजों
में
पारंपरिक
ओपन
हार्ट
सर्जरी
में
बड़ा
चीरा
लगाने
पर
खून
ज्यादा
निकलता
है।
वहीं
अन्य
बीमारी
होने
से
इनकी
इम्यूनिटी
भी
कमजोर
होती
है।
आपरेशन
से
अन्य
अंगों
के
खराब
होने
व
इंफेक्शन
का
खतरा
पैदा
होता
है,
जिससे
मौत
तक
हो
जाती
है।
मरीज
को
किसी
भी
इलाज
के
लिए
ना
जाना
पड़े
बाहर
एम्स
भोपाल
के
डायरेक्टर
डॉ.
अजय
सिंह
ने
बताया
कि
एम्स
आने
वाले
मरीजों
को
किसी
भी
बीमारी
के
इलाज
के
लिए
बाहर
न
जाना
पड़े
यही
हमारा
लक्ष्य
है।
कार्डियक
सर्जरी
विभाग
भी
लगातार
काम
कर
रहा
है।
प्रदेश
के
बाहर
से
भी
लोग
यहां
इलाज
के
लिए
पहुंच
रहे
हैं।
ऐसे
में
हम
उन्हें
नई
तकनीक
की
मदद
से
बेहतर
इलाज
देने
की
कोशिश
कर
रहे
हैं।
कार्डियक
विभाग
को
नई
मशीनें
उपलब्ध
कराई
गई
हैं,
जो
काफी
कारगर
साबित
हो
रही
हैं।
कार्डियक
विभाग
बच्चों
की
जन्मजात
बीमारियों
के
लिए
भी
काम
रहा
है।
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