Jabalpur News: आदेश के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं की अनसूटेबल कॉलेज की फाइल, INC के सचिव और MPNRC के निदेशक तलब

नर्सिंग
कॉलेज
फर्जीवाड़ा
मामले
में
हाईकोर्ट
के
आदेश
के
बावजूद
भारतीय
नर्सिंग
काउंसिल
(INC)
ने
सीबीआई
जांच
में
अनसूटेबल पाए
गए
नर्सिंग
कॉलेजों
की
मान्यता
से
संबंधित
मूल
फाइलें
कोर्ट
में
पेश
नहीं
की
हैं।
मध्यप्रदेश
नर्सिंग
रजिस्ट्रेशन
काउंसिल
(MPNRC)
की
ओर
से
भी
केवल
44
कॉलेजों
की
फाइलें
ही
सौंपी
गई
हैं।

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जस्टिस
संजय
द्विवेदी
और
जस्टिस
एके
पालीवाल
की
युगलपीठ
ने
आदेश
की
अवहेलना
को
गंभीरता
से
लिया
है
और
INC
के
सचिव,
साथ
ही
MPNRC
के
निदेशक
एवं
रजिस्ट्रार
को
व्यक्तिगत
रूप
से
अगली
सुनवाई
में
उपस्थित
होने
का
आदेश
दिया
है।
कोर्ट
ने
स्पष्ट
किया
है
कि
किसी
भी
अधिकारी
की
अनुपस्थिति
के
लिए
माफी
का
आवेदन
स्वीकार
नहीं
किया
जाएगा।
अगली
सुनवाई
की
तारीख
20
जून
तय
की
गई
है।


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जैसे
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रहे
डॉक्टरों
से
कार्य,
हाईकोर्ट
ने
कहा
लौटाएं
शैक्षणिक
दस्तावेज

यह
मामला
लॉ
स्टूडेंट
एसोसिएशन
के
विशाल
बघेल
द्वारा
दायर
जनहित
याचिका
से
संबंधित
है,
जिसमें
प्रदेश
में
नियम
विरुद्ध
ढंग
से
नर्सिंग
कॉलेज
संचालित
किए
जाने
को
चुनौती
दी
गई
थी।
हाईकोर्ट
ने
पूरे
प्रदेश
में
संचालित
नर्सिंग
कॉलेजों
की
सीबीआई
जांच
के
आदेश
दिए
थे।
सीबीआई
जांच
में
करीब
300
से
अधिक
कॉलेजों
को
अनसूटेबल पाया
गया
था।
हाईकोर्ट
ने
इन
सभी
कॉलेजों
की
मान्यता
संबंधी
मूल
फाइलें
कोर्ट
में
पेश
करने
का
आदेश
दिया
था।
लेकिन
INC
और
MPNRC
द्वारा
अब
तक
इस
आदेश
का
पालन
नहीं
किया
गया।

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अभिनेत्री
और
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सांसद
कंगना
रनौत
को
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कोर्ट
से
राहत,
जानें
क्या
था
मामला

युगलपीठ
ने
माना
कि
हाईकोर्ट
से
जानबूझकर
तथ्यों
को
छुपाने
का
प्रयास
किया
गया
है,
जो
न्याय
में
बाधा
डालता
है।
कोर्ट
ने
प्रमुख
सचिव,
लोक
स्वास्थ्य
एवं
चिकित्सा
शिक्षा
को
निर्देश
दिए
हैं
कि
MPNRC
के
निदेशक
और
रजिस्ट्रार
की
कोर्ट
में
उपस्थिति
सुनिश्चित
की
जाए।
याचिकाकर्ता
की
ओर
से
अधिवक्ता
आलोक
बागरेचा
ने
पैरवी
की।