Sehore news: खाली बर्तन लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए ग्रामीण, लगाए नारे, किया प्रदर्शन; जानें कारण

जिला
मुख्यालय
के
गांव
बिलकिसगंज,
कुलांश
कला
एवं
लहसुंडिया
खास
में
पानी
की
काफी
किल्लत
है।
ग्रामीणों
ने
समस्या
दूर
करने
सरकारी
दफ्तरों
के
चक्कर
लगाए,
लेकिन
समस्या
हल
नहीं
हई।
इसके
चलते
ग्रामीण
आक्रोशित
हो
गए।
ग्रामीण
हाथों
में
खाली
बर्तन
लेकर
पानी
की
टंकी
पर
चढ़
गए।
इस
दौरान
जोरदार
नारेबाजी
कर
आक्रोश
जताते
हुए
प्रदर्शन
किया।

ये
भी
पढ़ें-जल
संकट
से
जूझ
रहे
देवरी
गांव
में
पहली
बार
पहुंचा
पानी,
ग्रामीणों
की
खुशी
का
नहीं
रहा
ठिकाना

ग्रामीण
ने
बताया
कि
बिलकिसगंज
में
करीब
नौ
हजार
जनसंख्या
है।
इतना
बड़ा
गांव
होने
का
बावजूद
भी
हम
जल
संकट
से
ग्रामीण
परेशान
हैं।
इसी
तरह
ग्राम
कुलास
कला
की
जनसंख्या
तीन
हजार
और
ग्राम
लसूडिया
खास
में
दो
हजार
जनसंख्या
है।
इन
गांवों
में
कई
वार्ड
की
जनता
पानी
के
लिए
दर-दर
भटक
रही
है।
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
गर्मी
में
हाल
और
खराब
हो
गया
है।
पानी
के
लिए
दूर-दूर
जाना
पड़
रहा
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
प्रमुख
अभियंता
लोक
स्वास्थ्य
विभाग
भोपाल
ने
कार्यपालन
यंत्री
सीहोर
को
बिलकिसगंज,
कुलांश
कला
एवं
लहसुंडिया
खास
गांव
में
नलकूप
खदान
करने
के
आदेश
दिए
गए
हैं,
परंतु
कार्यपालन
यंत्री
लोक
स्वास्थ्य
द्वारा
गांव
में
नलकूप
खनन
नहीं
किया
गया।
इससे
दुखी
मजबूर
होकर
ग्रामीण
जनता,
महिलाओं
ने
रोड
पर
उतरकर
जमकर
प्रदर्शन
किया।

ये
भी
पढ़ें-जलसंकट
दूर
करने
का
आश्वासन
एक
महीने
बाद
भी
पूरा
नहीं
कर
पाए
अधिकारी,
ग्रामीण
फिर
पहुंचे
तहसील


पानी
की
टंकी
पर
चढक़र
बजाए
बर्तन,
लगाए
नारे

पेयजल
संकट
को
लेकर
परेशान
ग्रामीणों
ने
बिलकिसगंज
स्थित
पानी
की
टंकी
पर
चढ़कर
बर्तन,
थाली
बजाकर
जमकर
लगाए
नारे
लगाए।
ग्रामीण
महिलाओं
का
कहना
है
कि
हमारे
गांव
में
पानी
की
टंकी
तो
बनी
है।
नल
जल
योजना
भी
है,
लेकिन
बोर
में
पानी
नहीं
है।
तमाम
हैंडपंप
सूख
चुके
हैं।
गांव
से
दो-दो
तीन-तीन
किलोमीटर
दूर
जाकर
कहीं
कुएं
से
मटमैला
पानी
लाकर
पीने
को
मजबूर
है।
बूंद-बूंद
पानी
के
लिए
दिनभर
ठोकरे
खाने
को
मजबूर
है।
पूरे
दिन
महिलाएं,
बच्चे,
बुजुर्ग
पैदल
जाकर,
कहीं
साइकिल
से
तो
कई
मोटरसाइकिल
से
दिन
और
रात
पानी
लाने
में
लगे
नजर

रहे
हैं।
महिला-पुरुषों
ने
प्रदर्शन
कर
नलकूप
खनन
कराने
की
मांग
की
है।
इस
मौके
पर
नीरज
राठौर,
अभिषेक
जांगड़े
संदीप,
कमल
जांगड़े,
मुकेश
संतोष
राठौड़,
गब्बर,
सुरेश,
विजय
महेश्वरी,
कैलाश
धनगर,
मुकेश
मालवीय,
गंगाबाई,
सुनीता
बाई,
सुशीला,
ममता,
शांताबाई,
किरण,
सुगन,
शर्मिला
,
रेखा
बाई
सहित
दर्जनों
ग्रामीण
जनता
ने
प्रदर्शन
किया।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
गांव
में
शीघ्र
नलकूप
खनन
किया
जाए।