
दमोह
जिले
की
जबेरा,
तेंदूखेड़ा
और
दमोह
तहसील
को
जोड़ने
वाला
दसोंदा
गांव
का
ब्यारमा
नदी
पर
बना
पुल
अचानक
क्षतिग्रस्त
हो
गया।
शुक्रवार
सुबह
जब
ग्रामीणों
ने
पुल
को
क्षतिग्रस्त
हालत
में
देखा
तो
उन्होंने
अन्य
लोगों
को
सूचित
किया।
पुल
में
नीचे
की
ओर
दरारें
आ
गई
हैं।
इसके
चलते
ग्रामीणों
में
दहशत
है
कि
कहीं
कोई
बड़ी
घटना
न
हो
जाए।
उन्होंने
भारी
वाहनों
के
आवागमन
को
रोकने
की
मांग
की
है।
गांव
के
सरपंच
राम
सिंह
लोधी,
मनोज
जैन,
देवी
सिंह,
खिलान
सिंह,
नन्नाई
सिंह
ने
इसकी
जानकारी
इमलिया
पुलिस
चौकी
और
पीडब्ल्यूडी
विभाग
को
दी
है,
ताकि
किसी
बड़ी
घटना
को
रोका
जा
सके।
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बिहारी
के
दर्शन;
वजह
क्या
आशंका
व्यक्त
की
जा
रही
है
कि
करीब
20
साल
पुराने
बुंदेलखंड
पैकेज
से
बने
दसोंदा
पुल
पर
जिला
प्रशासन
ने
भारी
वाहनों
के
आवागमन
पर
रोक
लगा
रखी
थी,
लेकिन
रात
के
अंधेरे
में
भारी
वाहनों
के
गुजरने
से
पुल
क्षतिग्रस्त
हो
सकता
है।
ग्रामीणों
के
अनुसार
पुल
में
दरारें
दिखने
लगी
हैं
और
वाहन
गुजरने
पर
वह
हिलने
लगता
है।
यदि
तुरंत
बड़े
वाहनों
को
रोकने
के
लिए
बैरिकेडिंग
नहीं
की
गई,
तो
कोई
बड़ा
हादसा
घटित
हो
सकता
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
तीसरे
नंबर
के
पिलर
के
बीच
से
पुल
क्षतिग्रस्त
हुआ
है।
पुल
में
भारी
दरार
दिखाई
दे
रही
है,
जबकि
दसोंदा
में
ब्यारमा
नदी
पर
बना
यह
पुल
तीन
ब्लॉकों
को
जोड़ने
वाला
सबसे
महत्वपूर्ण
मार्ग
है,
जिससे
प्रतिदिन
सैकड़ों
लोग
गुजरते
हैं।
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से
जुड़ा
ग्रामीणों
ने
मांग
की
है
कि
सुरक्षा
की
दृष्टि
से
पुल
पर
भारी
वाहनों
का
आवागमन
पूर्णतः
प्रतिबंधित
किया
जाए,
क्योंकि
दसोंदा-राजघाट
से
झापन,
झलौन,
दिनारी
और
बरबटा
मार्ग
के
लिए
बड़े
वाहन
इसी
पुल
से
होकर
गुजरते
हैं।
इस
कारण
पुल
पर
लगातार
वाहनों
का
लोड
बना
रहता
है।
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
यदि
दसोंदा
पुल
पर
शीघ्र
ध्यान
नहीं
दिया
गया,
तो
कोई
बड़ी
दुर्घटना
हो
सकती
है।
हालांकि
स्थानीय
लोगों
ने
मामले
की
जानकारी
कलेक्टर
सुधीर
कोचर
को
भी
दी
है,
जिस
पर
उन्होंने
पुल
का
निरीक्षण
कराने
की
बात
कही
है।