
मध्यप्रदेश
के
कटनी
जिले
की
बाकल
थाना
पुलिस
ने
एक
बड़ी
साइबर
ठगी
का
खुलासा
किया
है।
मामला
बाकल
थाना
क्षेत्र
के
ग्राम
बसेहड़ी
से
जुड़ा
है,
जहां
रेलवे
से
सेवानिवृत्त
एक
बुजुर्ग
के
बैंक
खाते
से
11
लाख
रुपये
की
ऑनलाइन
ठगी
की
गई
थी।
साइबर
ठगों
ने
मृतक
व्यक्ति
की
पहचान
का
दुरुपयोग
कर,
विभिन्न
फर्जी
बैंक
खातों
के
माध्यम
से
यह
ठगी
की।
पुलिस
ने
तत्परता
दिखाते
हुए
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है।
मोबाइल
गुम
होने
से
शुरू
हुई
साजिश
जानकारी
के
अनुसार,
ग्राम
बसेहड़ी
निवासी
प्रेमलाल
बर्मन
का
मोबाइल
करीब
दो
साल
पहले
गुम
हो
गया
था।
यह
नंबर
उनके
बैंक
खाते
से
लिंक
था।
बदमाशों
ने
इसी
नंबर
का
दुरुपयोग
कर
एयरटेल
पेमेंट
ऐप
में
एक
फर्जी
अकाउंट
बनाकर
11
लाख
रुपये
की
ठगी
को
अंजाम
दिया।
बैंक
खाते
से
लगातार
हो
रही
रकम
की
निकासी
पर
प्रेमलाल
बर्मन
का
परिवार
सतर्क
हुआ
और
बाकल
थाने
के
साथ-साथ
कटनी
एसपी
कार्यालय
में
शिकायत
दर्ज
करवाई।
पुलिस
अधीक्षक
अभिनय
विश्वकर्मा
ने
साइबर
सेल
को
जांच
के
निर्देश
दिए।
गांव
के
ही
व्यक्ति
ने
रची
थी
साजिश
पुलिस
के
अनुसार,
प्रेमलाल
बर्मन
के
बेटे
लालजी
बर्मन
की
शिकायत
पर
सेंट्रल
बैंक
से
संपर्क
कर
खाते
का
स्टेटमेंट
निकलवाया
गया।
इसमें
ठगी
की
पुष्टि
हुई।
इसके
बाद
10
जून
को
बाकल
थाने
में
भारतीय
न्याय
संहिता
(BNS)
की
धारा
318(4)
के
तहत
मामला
दर्ज
किया
गया।
जांच
में
सामने
आया
कि
आरोपी
मनोहर
लोधी,
जो
पीड़ित
के
ही
गांव
में
कियोस्क
चलाता
था,
ने
अपने
साथियों
रोहित
लोधी
और
सौरभ
लोधी
के
साथ
मिलकर
इस
साइबर
ठगी
को
अंजाम
दिया।
उन्होंने
पहले
प्रेमलाल
की
गुम
हुई
सिम
का
क्लोनिंग
के
जरिए
दुरुपयोग
किया,
फिर
मृतक
रामकुमार
लोधी
के
नाम
से
फर्जी
अकाउंट
बनाकर
एयरटेल
पेमेंट
बैंक
और
फोनपे
जैसे
प्लेटफॉर्म
से
बड़ी
रकम
का
लेनदेन
किया।
पूछताछ
में
किया
अपराध
कबूल
एसपी
अभिनय
विश्वकर्मा
ने
बताया
कि
पूछताछ
में
आरोपियों
ने
अपना
जुर्म
स्वीकार
कर
लिया
है।
उनके
खिलाफ
धोखाधड़ी
और
अन्य
धाराओं
के
तहत
प्रकरण
दर्ज
कर
उन्हें
न्यायालय
में
पेश
किया
गया
है।